<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294</id><updated>2011-12-30T11:39:34.466-08:00</updated><category term='Sarva Daliya Kisan Sangharsha Samiti'/><category term='Yamuna Expressway'/><category term='Baba Jaharbir'/><category term='Jayant Mathur'/><category term='Rambabu Kateliya'/><category term='Rain'/><category term='Ramvir Upadhyay'/><category term='Sravan Shiva Puja'/><category term='Nala'/><category term='Nag Panchami'/><title type='text'>प्रेम प्रयोजन</title><subtitle type='html'>इस ब्लाग में ब्रज वृन्दावन धरोहर गठबंधन और समस्त बृजभूमि की दैनिक खबरें मिलती हैं । हम चाहते हैं कि चौरासि कोस ब्रज धाम, जो भगवान श्रीकृष्ण और उनकी ह्लादिनीशक्ति स्वरूपा श्रीमती राधारानी की लीलास्थलि है, उसका विश्वपावन संस्कृति एवं स्थापत्यमय ऐतिह्य और उसका आरण्य-कुंज-निकुंज-मय सौन्दर्य-पूर्ण प्रकृति-पर्यावरण सुरक्षित और पुनर् उज्जीवत हो ॥ जै श्री राधे !</subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default?max-results=100'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><link rel='next' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default?start-index=101&amp;max-results=100'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>239</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-4883684620050304936</id><published>2010-12-24T09:18:00.000-08:00</published><updated>2010-12-24T09:18:29.937-08:00</updated><title type='text'>मागोइ का उपहार</title><content type='html'>एक डॉलर और सत्तासी सेंट. बस इतने ही पैसे थे. और इस में से साठ पेनी सिक्के थे. ये पेनी एक-एक दो-दो करके उसने पंसारी और सब्जीवालों के साथ इतनी कड़ी सौदेबाजी करके जमा किये थे कि अपनी कंजूसी पर लज्जा के मारे उसके गाल लाल हो जाया करते थे. डेला ने सिक्कों को तीन बार गिना. एक डॉलर सत्तासी सेंट. बस. और अगले दिन क्रिसमस है.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;करने को कुछ नहीं था सिवाय छोटे जर्जर सोफे पर धड़ाम से गिर कर आह भरी जाए. डेला ने ऐसा ही किया. ऐसे करने से यह ही विचार मन में आती है कि मनुष्य का जीवन सिसकने, आंख-नाक से पानि बहाने और मुसकुराने से मिल कर बना है. जिस में आंख-नाक से पानि बहाना मुख्य हैं. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जब तक घर की मालकिन धीरे-धीरे पहले दशा से दूसरी पर आ रही है तो उसके घर की दशा जरा देखें. एक फर्निचर-युक्त फ्लैट, 8 डॉलर साप्ताहिक किराया पर. यह किसी भिखारी का वर्णन नहीं है, लेकिन ठीक ठीक भिक्षा मांगनेवालों की तरह ही है.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नीचे हाल में एक लेटर बॉक्स है जिस में पत्र डालने वाला कोई नहीं है. उस के पास एक बिजली बटन है जिस से कोई प्राणी की उंगली घंटी नहीं बजा सकती. इनके पास एक नेमकार्ड लगा था, जिस पर लिखा है, "मिस्टर जेम्स डिलिंघम यंग." &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;“डिलिंघम” नाम तब मौज-मस्ती से पुराने खुशहाल समय में लिखा गया था, जब इस नाम का हकदार $30 प्रति सप्ताह का वेतन पाता था. अब जब आमदनी $30 से सिकुड़ कर $20 हो गयी है तो उन्होंने गंभीरता से सोचा कि “डिलिंघम” को सिकोड़ कर एक विनम्र विनीत “डी” करना उचित है. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लेकिन जब भी मिस्टर जेम्स डिलिंघम यंग घर आते और ऊपर अपने फ्लैट में प्रवेश करते तो उसकी पत्नी, मिसेज जेम्स डिलिंघम यंग, जिस का डेला नाम से पहले परिचय कराया गया, उसे "जिम" कहकर जोर से गले लगाया करती थी. जो सब बहुत अच्छा लगता है.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डेला ने अपना रोना समाप्त किया और कपड़े से गाल पर पाउडर लगाया. वह खिड़की के पास खड़ी हो गई और धुंधली नजर से घर के धूसर पिछवाड़े आंगण में धूसर चारदिवारी पर घुम रही धूसर बिल्ली को देखते लगी. कल बड़ा दिन और उसके पास मात्र एक डॉलर और सत्तासी सेंट थे, जिन से जिम के लिये एक उपहार खरीदना पड़ेगा. इतने महीनों से एक-एक पाई बचाने के बाद भी यह हालत है. बीस डॉलर प्रति सप्ताह ज्यादा दिन नहीं चलते हैं. खर्चे उसके अनुमान से ज्यादा हैं. जैसा कि हमेशा होता है. केवल एक डॉलर और सत्तासी सेंट जिम का उपहार खरीदने के लिए. उसका अपना प्रिय जिम. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कितने घंटों से खुश हो कर उसने जिम के लिये कुछ अच्छा खरीदनेकी योजना बनायी थी. कोई अच्छी चीज, कोई दुर्लभ और उत्कृष्ट वस्तु, ऐसा कुछ जिस से वह अपने आप पर जिम की पत्नी होने का गर्व करें.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कमरे में खिड़कियों के बीच एक तंग कांच लगा था. $8 किराये के फ्लैट में आप ने शायद ऐसा कांच देखा होगा. शायद एक पतला और चुस्त व्यक्ति इस कांच के सामने तीव्र गति से गजरते हुए अपनी आकृति की एक-एक लंबा हिस्से का टुकड़ा एक साथ जोड़ कर अपने पूरे रूप का सटीक अनुमान लगा सकता है. डेला पतली होने के कारण इस कला में माहिर थी.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अचानक वह खिड़की से घुमकर शीशे के सामने खड़ी हो गयी है. उसकी आँखें चमक रही थीं, पर बीस सेकंड के अंदर उसके चेहरे का रंग उतर गया. तेजी से उसने अपने बाल खोलकर नीचे लहरा दिये. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अभी श्रोताओंको एक बात बताना जरूरी है कि जेम्स डिलिंघम यंग नामक दम्पति की केवल दो संपत्तियां थीं जिन पर उन दोनों को अत्यन्त गर्व था. एक जिम की सोने की घड़ी, जो उसकी पिता-दादा की जायदाद थी. और दूसरी—डेला के केश. अगर शबा की महारानी स्वयं उनकी सामनेवाली फ्लैट में रहती तो डेला कभी अपने बाल खोलकर खिड़की से बाहर लहराकर उसके गहनों की शोभा कम कर देती. और अगर खुद सम्राट सुलैमान इस फ्लैट के तहखाने में ढेर लगे खजाने का मालिक बन जाता, तो जिम उसके पास से गुजरने पर हर बार अपनी घड़ी बाहर निकालता, कि देखें कैसे सुलैमान ईर्ष्या से अपनी दाढ़ी खींचता है.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अब डेला के बाल उसके चारों तरफ बिखर कर भूरे पानी के झरने की तरह लहरा रहे थे. बालों ने घुटनों के नीचे तक पहुंच कर उसे कपड़े की तरह ढक लिया था. डेला ने घबराकर जल्दी से बालों को ऊपर उठाया एक क्षण के लिये लड़खड़ा कर फिर सीधी खड़ी हो गयी, जबकि एक-दो आंसू उसकी आंखों से निकल कर लाल कालीन पर छिटक गये.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उसने अपना पुराना भूरे रंग का जैकेट पहना, और भूरे रंग का पुराना हैट. और फिर तेजी से आँखों में शानदार चमक लिये. अपनी स्कर्ट को लहराती हुए दरवाजे से बाहर निकली और सीढ़ियों से उतर कर नीचे सड़क पर चलने लगी.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जहां वह जाकर रुकी वहां एक दुकान के बोर्ड पर लिखा था: " मैडम जाफरानी. यहां केश की सभी सामग्री के लिये सम्पर्क करें". डेला तुरंत दौड़ कर सीढ़ियों से ऊपर गयी, और अपने आपको संभाल कर हांफते हुए अंदर गयी. मैडम बड़ी थी, उसके त्वचा और बाल बहुत ज्यादा सफेद थे, और वह रुखी स्वभावा थी. संक्षेपतः, वह बिलकुल जाफरान जैसी नहीं लगती थी.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डेला ने पूछा,"क्या आप मेरे बाल खरीदेंगी ?" &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;"हां बिल्कुल, मैं बाल खरीदती हूं," मैडम ने कहा. "अपनी टोपी उतार, तेरा क्या है जरा देखें."&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बाल भूरे पानी के झरने की तरह लहराने लगे.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मैडम ने अपने अनुभवी हाथों से बाल पकड़ कर कहा, "बीस डॉलर."&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डेला ने कहा, “ठीक है, मुझे तुरंत पैसे दे दो.”&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आहा! अगले दो घंटे कैसे गुलाबी पंखों पर उड़ गये! ना, ना, यह अनुपयुक्त रूपक भूल जाओ. जिम के उपहार के लिये वह उत्तेजित होकर उन्मादिता-सी दुकानों को उलट-पालट कर रही थी.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आखिर में उसे मिल ही गया, जो निश्चित रूप से जिम के लिए ही बना था, अन्य किसी के लिये नहीं. किसी दुकान में इस जैसा कुछ और नहीं था, क्योंकि उसने सब दुकानों को उलट-पालट करके देखा था. यह एक प्लैटिनम की चेन थी, यह एक प्लैटिनम की साधारण और पवित्र डिजाइन वाली चेन थी, जिसकी कीमत उसकी चमक-दमक और नक्काशी से नहीं, बल्कि धातु के स्वाभाविक गुण से ही पता चल जाती है. जैसा सब अच्छी चीजों के लिये लागू होना चाहिये. और यह चेन जिम की घड़ी के लायक भी थी. यह जिम की तरह शालीन और मूल्यवान थी. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उस ने चेन का मूल्य इक्कीस डॉलर चुकाया और बाकी सत्तासी सेंट लेकर शीघ्र घर वापस आयी. उसने सोचा कि आज से जिम अपनी घड़ी में चेन लगाकर कभी भी कहीं भी लोगों के बीच अपनी घड़ी में समय देख सकेगा. इतनी शानदार घड़ी होने के बावजूद उसे देखने में जिम को शरम आती, क्योंकि इस में चेन की बजाय चमड़े का एक पुराना पट्टा था.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जब डेला घर पहुंची तो उसका नशा दूर हुआ और थोड़ा होश आया. उसने कर्लिंग आइरन निकाल कर गैस जलायी और प्यार की उदारता से जो नुकसान हुआ, उसे सुधारने के लिये बाकी बचे बालों को घूंघराला बनाने लगी. हे प्रिय मित्रो ! ऐसा नुकसान भरपायी करना कभी आसान नहीं है.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चालीस मिनट के अंदर उसका सिर छोटे छोटे घूँघराले बालों से ढक गया. अभी वह अजीब ढंग से इस्कूल से भागे हुए एक बच्चे की तरह लग रही थी. उसने आईने में अपने-आपको देर तक बड़ी गौर से देखने के बाद सोचा, “अगर जिम मुझे जान से मार न डालें तो मुझे दुबारा देखने के पहले ही कहेगा कि मैं कोनी आइलैंड की नर्तकी की तरह लगती हूं. हाय ! लेकिन मैं एक डॉलर और सत्तासी सेंट से क्या कर पाती ?"&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सात बजते ही कॉफी बन चुकी थी और स्टोव के पीछे फ्राइंग पैन खाना बनाने के लिए तैयार रखा था.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिम कभी देर से नहीं आता. डेला ने चेन को अपने हाथ में रखा और दरवाजे के पास मेज के कोने पर बैठ गयी. फिर उसने नीचे सीढ़ियों पर जिमके कदमों की आहट सुनी तो उसके चेहरे का रंग उड़ गया. वह हमेशा मामुली मामलों के लिये भी मौन प्रार्थना किया करती थी, आज भी वह फुसफुसायी, "हे भगवान ! कि मैं आज भी उसे पहले जितनी सुंदर लगूं."&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दरवाजा खुला और जिम ने अंदर आ कर इसे बंद कर दिया. देखने में वह पतला और गंभीर था. बेचारा, सिर्फ बाईस साल का था और इसी उम्र में भी एक परिवार का बोझ उसके कांधों पर था. उसे एक नये ओवरकोट की जरूरत थी और हाथों पर दस्ताने भी थे नहीं.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दरवाजे के सामने जिम रुक कर ऐसे निश्चल खड़ा हो गया जैसे बटेर की गंध पाके शिकारी कुत्ता. उसकी दृष्टि डेला पर टिकी थी और उसकी आंखों में जो भाव आया था, जिसे डेला समझ नहीं पायी. वह भयभीत हो गयी. जिम को न गुस्सा था, न आश्चर्य, न ही अस्वीकृति, न सदमा. ऐसा कोई भाव नहीं था जिस के लिये वह तैयार थी. बस वह उसी भाव से टकटकी लगा कर उसे घूर रहा था.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डेला टेबिल के पीछे से खिसक कर जिम के पास पहुंची.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;"प्रिय जिम!" डेला चिल्लायी, "मुझे एसे मत घूरो. मैंने अपने बाल कटवा कर इस लिये बेच दिये कि मैं तुम्हे एक अच्छा-सा उपहार दिये विना नहीं रह सकती. मेरे बाल फिर बड़े हो जाएंगे. मेरे बाल तेजी से बढ़ते हैं. आप बुरा मत मानो. मुझे बस यह सब करना पड़ा. चलो, अब खुश होकर एक बार 'मेरी क्रिसमस!' कहो. तुम्हें पता नहीं है मैं तुम्हारे लिए कितना सुंदर उपहार लायी हूं!"&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिम ने हिचकिचाते हुए पूछा, "क्या तुम ने बाल कटवा दिये?” जैसे कि कठिन मानसिक उलझन के कारण अभी भी मुद्दा समझ नहीं पाया.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डेला ने जवाब दिया, "हां, जिम, कटवा कर बेच भी दिये. क्या मैं तुम्हें ऐसे अच्छी नहीं लगती हूं ? मैं बालों के विना भी वही डेला हूं, न?" &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिम अचरजता से कमरे की चारों तरफ निहारता था. बेवकूफ का सा फिर सवाल पुछा, "तुम कहती हो कि तुम्हारे बाल चले गये ?" &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;"ऐसे ढूंढ़ने का कोई लाभ नहीं,” डेला ने कहा, “बताया हूं, बेच दिये. बिक चुके हैं. बस खतम. आज क्रिसमस की शाम है, जिम. दया करो, मेरे साथ अच्छी बातें करो, क्योंकि ये बाल मैं ने तुम्हारे लिए कटवाये हैं. शायद मेरे सिर के बाल गिने जा सकते हैं..." गभीर होकर मधुरता से कहने लगी. "लेकिन मेरे प्यार की गिनती कोई नहीं कर सकेगा... क्या अभी खाना चढ़ा दूँ, जिम ?"&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिम जैसे बेहोशी से एक दम जागा हो. उस ने उठ कर डेला को अपने बांहों में भर लिया. दस सेकंड के लिए हम किसी दूसरी तरफ ध्यान दें और कुछ अलग तरह से विचार करें. देखिये, हफ्ते में आठ डलार या वर्ष मैं एक करोड़, इस से क्या फ़र्क पड़ता है ? कोई गणितज्ञ या वाक्पटु व्यक्ति गलत की जवाब देगा. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जो मागोइ जेसू के पास आये थे, वे मूल्यवान उपहार लाये थे, पर उनके उपहारों में ये सब नहीं था. इस गंभीर रहस्य पर हम बाद में रोशनी डालेंगे.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिम ने अपने ओवरकोट की जेब से एक पैकेट निकाला और मेज पर फेंक दिया.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;"मुझे गलत मत समझो, डेल," उसने कहा, "तुम्हारे बाल कटवाने, गंजी हो जाने या शैम्पू करने से मेरा तुम्हारे प्रति प्रेम कम नहीं होता. लेकिन अगर तुम यह पैकेट खोलोगी, शायद तुम समझ जाओगी मैं क्यों घबराया."&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सफेद फुर्तीली उंगलियों के द्वारा डेला स्ट्रिंग और कागज फाड़ने लगी. फाड़ते ही खुशी की लहर दौड़ गयी और फिर हाय! क्षण भर बाद औरतों की तरह आँसू और रोना-धोना शूरु हो गया. जिस के कारण उनकी सान्त्वना देने के लिये गृह स्वामी को अपनी सारी शक्तियों का प्रयोग करना पड़ा.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क्योंकि, पैकट में उन कंघियों का सेट था, जिन्हें डेला काफी समय से ब्रॉडवे की एक दुकान की खिड़की में देख कर पाने की कामना करती थी. उसके सुंदर बालों में दायें-बायें और पीछे लगाने वाली कंघियां, असली कछुए के खोल से बनी और रत्नों से सुसज्जित थीं. बस उतनी सुंदर जितने उसके गायब हुए बाल. वे कंघियां महंगी थीं, डेला जानती थी. इन कंघियों के पाने की लेश मात्र उम्मीद नहीं होने के बाद भी, उसका दिल उनके लिये कितना तरसता और लालायित रहता था. और अब, वे उसकी थीं, लेकिन इनसे सजाने संवारने वाले बाल जा चुके थे.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डेला ने इन कंघियों को छाती से लगा लिया और भरी हुई आँखों से ऊपर देख कर मुस्काते हुए बोली: "जिम, मेरे बाल बहुत तेजी से बढ़ते हैं !"&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अचानक डेला छोटी बिल्ली की तरह उछल कर चिल्लायी, "ओह, ओह !" जिम ने अभी तक उसका सुंदर उपहार नहीं देखा है. डेला ने उत्सुकता से उसे अपनी हथेली पर रखा था. यह कीमती धुंधली धातु डेला के जोश और उत्साह की तरह चमक रही थी.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;"वाकई यह अति सुंदर है न, जिम ? इसके लिये मैंने पुरा शहर छान मारा. अब आप दिन में सौ बार घड़ी में समय देख सकते हो. घड़ी दो मुझे. मैं देखना चाहती हूं कि यह चेन उस पर कैसी लगती है."&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उसकी बात मानने के बजाय जिम ने सोफे पर गिर कर अपने हाथों को सिरे के पीछे रख लिया और मुस्कुराने लगा.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;"डेल," उसने कहा, "चलो, कुछ देर के लिये अपने क्रिसमस के उपहार एक तरफ रख दें. ये बेश कीमती चीजें हैं जो अभी इस्तेमाल नहीं कर सकते. मैं ने तुम्हारी कंघी खरीदने के लिए अपनी घड़ी बेच दी. अब तुम शायद खाना बना सकती हो." &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मागोइ दूरदर्शी लोग थे, जैसे आप सब जानते होंगे, कितने दूरदर्शी थे वे. वे चरनी के शिशु के लिए तोहफे लाये थे. इस तरह उन्होंने क्रिसमस के समय तोहफे देने की प्रथा को जन्म दिया. दूरदर्शी होने के नाते, उनके उपहार निःसंदेह उपयुक्त थे, संभवतः किसी उपहार के दो बार मिलने पर अदला-बदली करने का अधिकार भी मिल जाता था. और यहाँ मैं ने आप के लिए असंतोषजनक ढंग से एक फ्लैट में रहनेवाले दो मूर्ख बच्चों की कथा सुनायी, जिन्होंने बड़े भोलेपन से एक दूसरे के लिये अपने घर की सब से बड़ी सम्पत्तियां न्यौछावर कर दी. &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लेकिन समझदार और दूरदर्शी लोगों के लिए एक अंतिम वाक्य कहा जाए, कि दुनिया के समस्त उपहार देनेवालों में से यह जोड़ी समझदार और दूरदर्शी है. हे साधु जन! मेरी सुनिये ! सर्वत्र सर्वदा ऐसे लोग सब से समझदार और दूरदर्शी उपहार देने वाले हैं. मागोइ वे ही हैं.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;The Gift of the Magi by O. Henry. Translated by Jagat and Vivek Arya.&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-4883684620050304936?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/4883684620050304936/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=4883684620050304936' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/4883684620050304936'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/4883684620050304936'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/12/blog-post.html' title='मागोइ का उपहार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-5007827387540781877</id><published>2010-08-25T08:30:00.000-07:00</published><updated>2010-08-25T08:30:00.260-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.६२-६४</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbkoUaevgI/AAAAAAAAB6g/I2zVA04CGe8/s1600/varshana_pict2644.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbkoUaevgI/AAAAAAAAB6g/I2zVA04CGe8/s400/varshana_pict2644.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;बरसाना (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;प्रसीद श्रीवृन्दावन वितनु मां स्वैकतृणकं&lt;br /&gt;यदङ्घ्रिस्पर्शात्युत्सवमनुभवेत्त्वय्युदितयोः ।&lt;br /&gt;तयोर्गौरश्यामाद्भुतरसिकयूनोर्नवनव&lt;br /&gt;स्मरोत्कण्ठाभाजोर्निभृतवनवीथ्यां विहरतोः ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;हे वृन्दावन ! अपना एकमें क्षुद्र तृण कृपाकर मुखे दान करो, जो तुम्हारे बीच विराजमान नव नव कामोत्कण्ठयुक्त, निर्जन वनपथ में विहार करने वाले उन गौरश्यामवर्ण अद्भुत रसिकयुगल के चरणकमलों के स्पर्श का सुख अनुभव करता रहता है ॥३.६२॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;न कालिन्दीमिन्दीवरकमलकह्लारकुमुदा&lt;br /&gt;दिभिर्नित्योत्फुल्लैर्मधुपकुलझङ्कारमधुरैः ।&lt;br /&gt;सहालिश्रीराधामुरलिधरकेलिप्रणयिनीम्&lt;br /&gt;अपश्यन् यो वृन्दावनपरिसरे जीवित स किम् ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;नीलोत्पल, कमल, कह्लार और कुमुदिनी आदि पुष्पों से प्रफुल्लित, भंवरों की गुञ्जार से मधुर एवं जिसमें सखियों के सहित श्रीराधा-मुरलीधर केलि करते हैं, ऐसी श्रीयमुना जी के, श्रीवृन्दावन में जो व्यक्ति विना दर्शन किये जीवित रहता है, उसे क्या लाभ ? अर्थात् उसका जन्म वृथा है ॥३.६३॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;वृन्दारण्यमिलत्कलिन्दतनयां वन्देऽरविन्देन तां&lt;br /&gt;नानारत्नमयेन नित्यरुचिरामानन्दसिन्धुस्रुताम् ।&lt;br /&gt;रम्यां चान्यविचित्रदिव्यकुसुमैर् गम्यां न सम्यक् त्रयी&lt;br /&gt;मौलीनामपि मत्तषट्पदखगश्रेणीसुकोलाहलाम् ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;श्रीवृन्दावन से संयुक्त उस श्रीयमुना जी को मैं नमस्कार करता हूं, जो अनेक प्रकार के रत्नमय कमलों से नित्य मनोहर हो रही है, एवं आनन्द समुद्र की कन्या है, अन्योन्य विचित्र दिव्य कुसुमों से सुशोभिता है, ऋक्, साम, यजु वेदत्रय शिरोमणि भी जिसकी सम्यक् महिमा को नहीं जान सकते एवं मत्त मधुकरों तथा विविध पक्षियों के कोलाहल से मुखरित हो रही है ॥३.६४॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-5007827387540781877?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/5007827387540781877/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=5007827387540781877' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5007827387540781877'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5007827387540781877'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_25.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.६२-६४'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' 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Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;स्त्रीपुत्रदेहगेहद्रविणादौ मैव विश्वसीर्मूढ ।&lt;br /&gt;क्षणमपि नैव विचारय चारय वृन्दारण्यमुखं चरणौ ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;हे मूर्ख! स्त्री पुत्र देह घर सम्पत्ति आदि का विश्वास मत कर, एक क्षण भी विचार न करके श्रीवृन्दावन की ओर पांव बढ़ा ॥३.५९॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;राधाकृष्णविलासरञ्जितलतासाद्मलिपद्माकर-&lt;br /&gt;श्रीकालिन्द्तटीपटीरविपिनाद्यद्रीन्द्रसत्कन्दरम् ।&lt;br /&gt;जीवातुर्मम नित्यसौभगचमत्कारैकधाराकरं&lt;br /&gt;नित्यानङ्कुशवर्धमानपरमाश्चर्यर्द्धि वृन्दावनम् ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;श्रीराधा-कृष्ण के विलास से रञ्जित लतागृहों एवं तडा़ों से, श्रीकालिन्दी के किनारों पर स्थित चन्दन-वनादिकों से, एवं श्रीगिरिराज की सुन्दर सुन्दर गुफाओं से जो सुशोभित है, जो एकमें सौभाग्य एवं चमत्कार की वर्षा करता है, तथा जो नित्य स्वतन्त्र रूप से वर्धनशील परम आश्चर्य की समृद्धि से पूर्ण है, ऐसा श्रीवृन्दावन मेरी जीवन औषध है ॥३.६०॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;शरीरं श्रीवृन्दावनभुवि सदा स्थापय मनः&lt;br /&gt;सदा पार्श्वे वृन्दावनरसिकयोर्न्यस्य भजने ।&lt;br /&gt;वचस्तत्केलीनामनवरतगाने रमय तत्&lt;br /&gt;कथापीयूषादौ श्रवणयुगलं प्रीतिविकलम् ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;शरीर को सदा श्रीवृन्दावन भूमि में स्थिर रख, मनको श्रीवृन्दावन रसिकयुगल श्रीराधा-कृष्ण के निकट भजन में लगा, उनकी लीला गान में निरन्तर वाणी का प्रयोग कर एवं प्रेम से व्याकुल कानों को उनके कथामृत से तृप्त कर ॥३.६१॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-615795617565884517?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/615795617565884517/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=615795617565884517' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/615795617565884517'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/615795617565884517'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_24.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.५९-६१'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbj9mpz1OI/AAAAAAAAB6Y/PfS0bJ6XKns/s72-c/varshana_pict2639.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-6344851622904761885</id><published>2010-08-23T08:23:00.000-07:00</published><updated>2010-08-23T08:23:00.167-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.५६-५८</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbjHu1F9zI/AAAAAAAAB6Q/Csth2YGLvdM/s1600/varshana_pict2635.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbjHu1F9zI/AAAAAAAAB6Q/Csth2YGLvdM/s400/varshana_pict2635.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;बरसाने का दृश्य (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;मानापमानकोटिभिरक्षुभितात्मा समस्तनिरपेक्षः ।&lt;br /&gt;वृन्दावनभुवि राधानागरमाराधये कदा मुदितः ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;कोटि कोटि मानापमान होने पर भी क्षुभित न होकर किसी की भी अपेक्षा न करते हुए कब श्रीवृन्दावन में श्रीराधानागर की आनन्दपूर्वक मैं आराधना करूंगा ॥३.५६॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावनैकशरणस्त्यक्तश्रुतिलोकवर्त्मसंचरणः ।&lt;br /&gt;भावाद्धरिचर्णान्तरपरिचरणाद्व्याकुलः कदा नु स्याम् ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;अहो एकमें श्रीवृन्दावन की ही शरण ग्रहण करके वेदमार्ग एवं लौकिक समस्त आचरण त्याग कर, कब भावपूर्वक श्रीहरि के चरणों की मानसी सेवा करके मैं व्याकुल होऊंगा ॥३.५७॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;इह न सुखं न सुखमरे क्वापि वृथा न पत मोहजालेऽस्मिन् ।&lt;br /&gt;अनुदिनं परमानन्दवृन्दावनं हि समाश्रयाद्यैव ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;इस संसार में सुख नहीं है । अरे ! कहीं भी सुख नहीं है ! वृथा इस मोह जाल में मत फंस । आज ही नित्य परमानन्दमय श्रीवृन्दावन का सम्यक् प्रकार से आश्रय ग्रहण कर ॥३.५८॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-6344851622904761885?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/6344851622904761885/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=6344851622904761885' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/6344851622904761885'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/6344851622904761885'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_23.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.५६-५८'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbjHu1F9zI/AAAAAAAAB6Q/Csth2YGLvdM/s72-c/varshana_pict2635.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-1955250245311271636</id><published>2010-08-22T18:29:00.000-07:00</published><updated>2010-08-22T18:29:50.198-07:00</updated><title type='text'>2010-08-23 ब्रज समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;श्रावण में श्रद्धालुओं से ब्रज गुलजार&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU, August 23, 2010) । सावन की भीड़ अब ब्रज में हर ओर दिखने लगी है। रक्षाबंधन से पूर्व रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर चहल-पहल बढ़ गई है। धर्मशालाएं और गेस्टहाउस तीर्थयात्रियों से भर गए हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक मथुरा शहर ही नहीं बरसाना, वृंदावन, गोवर्धन, बलदेव व गोकुल में खासी भीड़ रहेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रक्षाबंधन से पहले ही श्रद्धालुओं ने ब्रज में डेरा डाल लिया है। श्रावण के दौरान शहर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों को देखने की इनकी दिलचस्पी देखते ही बन रही है। द्वारिकाधीश मंदिर और श्री कृष्णजन्म स्थान पर हिंडोलों और घटा दर्शकों को आकर्षित कर रहीं हैं। धर्मशालाओं और गेस्टहाउस पर भी अब रौनक हो गई है। तीर्थ पुरोहित कांतानाथ चतुर्वेदी बताते हैं कि शहर के ८० प्रतिशत धर्मशाला और गेस्टहाउस पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा है। पहले से ही बुकिंग हो गई है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वहीं, रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में मिठाई का कारोबार खूब हो रहा है। रात-दिन घेवर तैयार किया जा रहा है। महंगाई के चलते घेवर के दामों में पिछली वर्ष की अपेक्षा ३० से ४० रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। मलाई और सादा घेवर की कीमत ऊंची दुकानों पर २२० रुपये प्रति किलो तक कर दी गई हैं, जबकि छोटे और कस्बाई मिष्ठान विक्रेताओं के यहां १६० रुपये किलो तक घेवर बेचा जा रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;त्योहार पर वन-वे ट्रैफिक&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (ब्यूरो)। सावन में तीर्थयात्रियों की आमद पर लगा ब्रेक रक्षाबंधन से पूर्व टूटता दिखने लगा है। स्थानीय लोग भी तैयारियों में जुटे हैं। भीड़ को देखते हुए प्रमुख बाजारों में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करनी पड़ रही है। भीड़ का आलम यह है कि छत्ता बाजार में दिन के समय पुलिस को वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;आकर्षक गिफ्ट आइटम और राखी&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (ब्यूरो)। रक्षा सूत्र बांधने पर बहनों को उपहार देने का प्रचलन जोर पकड़ने लगा है। आभूषणों से लेकर कपड़ों और खिलौने तक बहनों को गिफ्ट किए जाते हैं। यही वजह है कि आभूषण विक्रेताओं ने जहां चांदी और सोने के रक्षा सूत्र तैयार किए हैं, वहीं वस्त्र विक्रेताओं ने साड़ी, सूट, जींस और टी-शर्ट की खास रैंज प्रदर्शित की है। राखी स्पेशल के नाम से छूट भी दी जा रही है। गिफ्ट आयट्म विक्रेता भी इस दौड़ में पीछे नहीं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THHLgL3ew_I/AAAAAAAAB-c/mEDcZqT2LN0/s1600/Janmasthan.aspx" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="200" src="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THHLgL3ew_I/AAAAAAAAB-c/mEDcZqT2LN0/s320/Janmasthan.aspx" width="200" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;मथुरा (AU, August 23, 2010) । श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव समिति और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ३० अगस्त से श्रीकृष्ण जन्मस्थान रंगमंच पर वृंदावन के रासाचार्य स्वामी श्रीराम शर्मा निमाई के निर्देशन में १० दिवसीय रासलीलाएं होंगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;समिति के महामंत्री कृष्ण मुरारी बंसल, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक मूलचंद्र गर्ग, गिरीश चंद्र सर्राफ ने बताया कि जन्माष्टमी (दो सितंबर) को सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति, संगीत और पदगान आदि होंगे। मुख्य अतिथि कार्ष्णि स्वामी गुरुशरणानंद महाराज होंगे। इसी ही दिन शाम चार बजे शोभायात्रा भरतपुर गेट से होलीगेट, छत्ता बाजार, विश्रामघाट, मंडी रामदास होते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पहुंचेगी। छह को भगवान कृष्ण को छप्पन भोग का प्रसाद लगाया जाएगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;रौद्र रूप लेने लगी कालिंदी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THHMbchEGgI/AAAAAAAAB-k/jv22tOgf79M/s1600/yamuna+meter+gauge22mth23_int-1_1282515280_m.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THHMbchEGgI/AAAAAAAAB-k/jv22tOgf79M/s320/yamuna+meter+gauge22mth23_int-1_1282515280_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;मथुरा/वृंदावन/कोसीकलां ा (AU, August 23, 2010) । यमुना अब रौद्र रूप में आने लगी है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में हुई वर्षा के पानी का दबाव मथुरा की सीमा में बढ़ गया है। पूर्व में छोड़ पानी निकल भी नहीं पाया कि रविवार को ताजेवाला बांध से ३.०४ लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया। यह पानी पांच दिन बाद मथुरा में बाढ़ के हालात पैदा कर सकता है। वृंदावन के कुछ निचले इलाकों में पानी भर गया है। इससे ऊपर नौहझील और शेरगढ़ के खादरों में भी यमुना ने फसल को बहा दिया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यमुना में एक सप्ताह से ४० हजार ५०० क्यूसेक के आसपास पानी प्रवाहित हो रहा है। पांच दिन पूर्व ६६ हजार क्यूसेक पानी ओखला डैम से छोड़ा गया। यह पानी शनिवार रात से मथुरा की सीमा में है। इससे यमुना के किनारे निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। रविवार दोपहर एक बजे मथुरा में यमुना का जल स्तर १६९.९७ था। शाम छह बजे १६९.९८ हो गया। वह खतरे के निशान से मात्र २२ सेमी नीचे है जबकि वर्तमान में यमुना चेतावनी निशान से ७७ सेमी ऊपर है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिला प्रशासन ने बढ़ते पानी के खतरे को देख निचले इलाकों में बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को मुनादी करा दी है। आधा दर्जन स्थानों पर बाढ़ चौकियां स्थापित करा दी हैं। गोकुल बैराज के सभी २२ गेट रविवार दोपहर खोल दिए गए। बाढ़ राहत प्रभारी एडीएम (वित्त व राजस्व) ज्ञानेश कुमार ने बताया कि हरियाणा स्थित ताजेवाला हेड से रविवार को ३.०४ लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इसका असर मथुरा में पांच दिन बाद देखने को मिलेगा। इसके लिए यमुना किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन संवाददाता के अनुसार दो दिन से जलस्तर तेजी के साथ बढ़ा है। यमुना किनारे बसी कालोनी कालीदह घाट, सूरज घाट, जुगल घाट, पानी घाट, दुर्गापुरम, यमुना नगर कालोनी के कुछ क्षेत्र इसकी चपेट में आ गए हैं। इससे सैकड़ों लोगों घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। कई आश्रम और गौशालाएं भी जलमग्न हो गईं हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कोसीकलां संवाददाता के अनुसार प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए आधे-अधूरे इंतजाम किए हैं। किसानों का कहना है कि यमुना में पानी का चढ़ाव प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रहा है। क्षेत्र के गांव रामपुर, बढ़ा, मंझोई, शाहपुर, पीरपुर, चौड़रस, धीमरी, धानौता, सिहाना की ओर पानी ने फसलों को चपेट में ले लिया है। छाता के तहसीलदार कुलदेव सिंह ने अधीनस्थों के साथ यमुना से प्रभावित होने वाले गांवों का जायजा लिया। बाजना संवाददाता के अनुसार नौहझील के आसपास खादर में पानी बढ़ गया। निचले इलाकों में झोपड़ी डूब गई हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;रजवाहों में पानी हो गया ओवर फ्लो&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;कोसीकलां। बरसात के साथ रजवाहे और ड्रेन उबल पड़े। हजारों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। कोसी क्षेत्र के गांवों में तबाही का मंजर पैदा हो गया है। धान की फसल नष्ट हो गई। चारे और ईंधन का भी अभाव पैदा हो गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बठैनकलां, बठैनखुर्द, सुरवारी, जाब, धर्मनगर, पीपरवाला, सिरथला, पूठरी, कांमर, गढ़ी बरवारी आदि में भारी बारिश के बाद जलभराव हो गया है। खेतों का पानी सड़क को काटकर गांव की ओर रुख करने लगा है। जलभराव के बाद रजवाहों में पानी ओवर चल रहा है। ग्रामीणों के अनेक मकान भी धराशाई हो गए हैं। बुर्जी-बिटौरे नष्ट होने से चारे और ईंधन का संकट पैदा होने लगा है। खेतों में खड़ी धान की फसल की पानी की भेंट चढ़ जाएगी। ग्रामीण का कहना था कि जैसे-तैसे कर्ज लेकर उन्होंने धान की पौध की रोपाई की थी। यही स्थिती रही तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;आधा दर्जन गांवों को पानी ने घेरा&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा । बरसात से क्षेत्र के निचले इलाके वाले करीब आधा दर्जन गांवों के हालात बिगड़ सकते हैं। बरसाती पानी खेतों को डुबोकर गांवों के आसपास आ गया है। पशुओं के बांधने से लेकर दैनिक कार्यो के लिए भी कोई स्थान नहीं बचा है। आगे और बरसात हुई तो हालात बेकाबू होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;काफी इंतजार के बाद आई बरसात से मौसम जरूर सुहाना हो गया है लेकिन तराई वाले इलाकों में हालात बद से बदतर होने की कगार पर हैं। गांव लालपुर, कामर, सिरथला, बठैनकलां, बठैन खुर्द, हुलवाना आदि करीब आधा दर्जन गांव बरसाती पानी की चपेट में आ चुके हैं। इनके पड़ोसी गांवों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन गांवों से पानी निकासी के इंतजाम नाकाफी साबित हुए हैं। यहां पानी खेतों को ड़ूबोता हुआ गांवों तक पहुंच गया है। फिलहाल पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुक कर हो रही बरसात से यहां खेत खलिहान पानी से लबालब हो गए हैं। सैकड़ों एकड़ फसल बरसाती पानी की चपेट में आ चुकी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;अब खतरा ही खतरा&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा । यमुना की त्यौरियांच्चढ़ने के साथ ही मथुरा में रविवार को खतरे का 'सायरन' बज ग या। लगातार उफनती जा रही यमुना के तेवर देख प्रशासन ने तटवर्ती इलाके में मुनादी करवा दी। गांवों को खाली करने की सलाह के साथ ही उनके अस्थाई ठिकाने भी बना दिये हैं। अगले दो दिन खतरे की घंटी और तेज होने की आशंका जताई गई है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यमुना में ताजेवाला बांध से लगातार चौथे दिन 3.24 लाख क्यूसेक पानी और छोडे़ जाने से मथुरा में यमुना खतरे की ओर बढ़ती जा रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रमाकांत रस्तोगी के मुताबिक दिल्ली ओखला से सर्वाधिक जल रविवार सुबह 8 बजे 66003 क्यूसेक छोड़ा गया। हालांकि यमुना अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। यमुना के जल स्तर बढ़ने के साथ ही गोकुल बैराज से डिच्चार्ज बढ़ा दिया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अपर जिलाधिकारी वित्त ज्ञानेश कुमार का कहना था कि अगले दो दिन में जल स्तर में बढ़ोत्तरी की संभावना के मद्देनजर छाता, मांट, मथुरा एवं महावन तहसीलों में यमुना तटवर्ती क्षेत्र में बसे गांवों में तहसील की टीम भेजकर मुनादी करा दी गई है। बाढ़ में फंसने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर ठहराने के लिये विद्यालय चिन्हित कर लिये गये हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-1955250245311271636?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/1955250245311271636/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=1955250245311271636' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1955250245311271636'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1955250245311271636'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-23.html' title='2010-08-23 ब्रज समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THHLgL3ew_I/AAAAAAAAB-c/mEDcZqT2LN0/s72-c/Janmasthan.aspx' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-3646143612216738685</id><published>2010-08-22T08:21:00.000-07:00</published><updated>2010-08-22T08:21:00.091-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.५३-५५</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbih4-QFCI/AAAAAAAAB6I/r5WXJiS_4jo/s1600/varshana_pict2632.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbih4-QFCI/AAAAAAAAB6I/r5WXJiS_4jo/s400/varshana_pict2632.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;बरसाने का दृश्य (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावनमनुविन्दाम्यहमपि देहं श्वशूकरादीनाम् ।&lt;br /&gt;न पुनः परत्र सच्चित्सुखमयमपि दुर्लभं देवैः ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;श्रीवृन्दावन के कूकर शूकरादि का शरीर भी धारण करूंगा, किन्तु और जगह देवताओं के लिये भी दुर्लभ सच्चिदानन्दमय शरीर को मैं नहीं चाहता ॥३.५३॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;श्रीवृन्दावनमध्ये बहुदुःखेनापि यातु जन्मैतत् ।&lt;br /&gt;लोकोत्तरसुखसम्पत्त्यापि न चान्यत्र मे निमिषः ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;श्रीवृन्दावन में अत्यन्त दुखों में ही मेरा यह जन्म बीत जाये, तथापि अन्य स्थान पर अलौकिक सुख सम्पत्ति एक निमिष काल के लिये भी प्रार्थना नहीं करूंगा ॥३.५४॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;करतलकलितकपोलो गलदश्रुलोचनः कृष्ण कृष्णेति ।&lt;br /&gt;विलपन् रहसि कदा स्यां वृन्दारण्येऽत्यकिञ्चनो धन्यः ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;हथेली पर कपोल धर कर अश्रु पूर्ण नेत्रों से कृष्ण कृष्ण कहकर विलाप करते करते कब श्रीवृन्दावन के निर्जन स्थान पर अति दीनभाव से रहकर मैं कृतार्थ होऊंगा ॥३.५५॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-3646143612216738685?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/3646143612216738685/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=3646143612216738685' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3646143612216738685'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3646143612216738685'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_22.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.५३-५५'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' 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तिरोभाव तिथि पर पत्थरपुरा स्थित बड़ी सुरमा कुंज में संत-विद्वत संगोष्ठी में प्रेमदास शास्त्री ने कहा कि उन्होंने भगवान चैतन्य महाप्रभु की आज्ञा पर मंत्री पद एवं धन-वैभव को त्याग दिया । वे वृंदावन चले आये ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डा. अच्युतलाल भट्ट ने कहा कि रूप गोस्वामी का नाम स्मरण ही भक्ति  प्रदायक है । महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने कहा कि रूप गोस्वामी जी महाराज की कृपा से ही राधाकृष्ण की प्रेमसेवा प्राप्त हो सकती है । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डा. शैलेंद्रनाथ पांडेय एवं पं.  बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि उनके भक्तिरसामृतसिन्धु तथा उज्ज्वलनीलमणि भक्तिरस के सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ हैं । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;संगोष्ठी में महंत सच्चिदानंद दास, स्वामी जगन्नाथानंद, डा. विनोद बनर्जी, गिरिराज शास्त्री उपस्थित थे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;श्रद्धालुओं ने लगाई गिरिराज परिक्रमा&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;गोवर्धन (AU 2010.08.21)। श्रावण के अंतिम शनिवार को श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह उमंग के साथ सप्तकोसी परिक्रमा लगाते एवं प्राचीन नारद कुंड स्नान किया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;स्नान एवं परिक्रमा के बाद श्रद्धालुओं ने प्रमुख मंदिरों में झूले के दर्शन किए एवं पूजा अर्चना की । गिरिराज महाराज की जय-जयकार से संपूर्ण परिक्रमा मार्ग गुंजायमान हो उठा । राधा कुंड और नारद कुंड  पर श्रद्धालुओं की भीड़ थी । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नारद कुंड स्नान के बाद शनिदेव की भक्ति भावना के साथ पूजा अर्चना की । इस दौरान बस स्तैंड बिजली घर, सौंख अड्डा पर सड़क निर्माण कार्य  के कारण परेशानि का सामना करना पड़ा । एकादशी होने के कारण गिरिराज मुखारविंद मुकट, दान घाटी, नंदबाबा, प्राचीन मंदिर राधा श्यामसुंदर, देवकी नंदन जी महाराज, विश्वकर्मा मंदिर आदि में ठाकुर जी ने झूलों में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;व्रजविभूति थे देवरहा बाबा &lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THEEfYix52I/AAAAAAAAB-M/xPumHVfJ86Y/s1600/devarahababa.jpeg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="147" src="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THEEfYix52I/AAAAAAAAB-M/xPumHVfJ86Y/s200/devarahababa.jpeg" width="200" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;वृंदावन – योगी सम्राट देवरहा बाबा की २०वीं पुण्यतिथि पर सभा का आयोजन दावानल कुंड पर किया गया । रामजानकी ट्रस्ट द्वारा संत मधुसूदन दास त्यागी के सांनिध्य में हुई सभा में गोपाल लाल शर्मा ने कहा कि देवरहा बाबा ब्रज विभूति थे । राजकुमार मूदड़ा और त्रिलोकीनाथ ने कथा कि बाबा महाराज  के दर्शन मात्र से प्राणी का कल्याण हो जाता था । अवधबिहारी दास और संतोष रस्तोगी ने बताया कि वह सभी संप्रदायों का सम्मान करते थे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;आया सावन झूम के पर थिरके पांव &lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;अग्रसेन मानव सेवा महिला प्रकोष्ठ का आयोजन&lt;br /&gt;अग्रवाल सभा महिला समिति ने मनाया तीज महोत्सव&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा । हरियाली तीज का खुमार अब तलक महिलाओं पर छाया हुआ है । महिला संगठन पर्व का जश्न धूमधाम से मना रहे हैं । सावन के गीत और मल्हार के मध्य सांस्कृतिक कार्यकर्मों से जश्न में चार चांद लगाए जा रहे हैं ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अग्रसेन मानव सेवा महिलाओंका प्रकोष्ठ का कार्यक्रम आया सावन झूम के चित्रकूट मसानी पर आयोजित किया गया । शुभारंभ मुख्य अतिथि निर्मल अग्रवाल ने राधा-कृष्ण की छवि के समक्ष दीप प्रवलित कर किया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस मौके पर महिलाओं ने नृत्य किया और प्रतियोगिताओं में भाग लिया । साथ ही लकी ड्रा निकाला गया । सावन के गीत लिखो, बाल उठाओ टब में डालो, सब्जी ढूंढो, बरसात में छाता लगाकर चलो जैसी रोचक प्रतियोगिताएं आयोज्ज्त हुईं । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्री अग्रवाल सभा महिला समिति का हरियाली तीज महोत्सव रंगारंग कार्यक्रमों के मध्यम मनाया गया । इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि बीना अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया । महिलाओं ने राधा कृष्ण की अनूठी प्रस्तुतियां दीं । इस अवसर मीरा मित्तल ने हास्य प्रद प्रस्तुति दी जिसे श्रोताओं ने बेहद सराहा ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस मौके पर श्रोताओं को सावन के महत्त्व से रूबरू कराया गया । इस दौरान आयोजित किचन चैंपियन शो में संगीता अग्रवाल को विजेता घोषित किया गया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;भागवत मोक्ष के साधनों में सर्वश्रेष्ठ&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन – &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;भागवत मोक्ष के साधनों में सर्वश्रेष्ठ&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन – श्रीराधा सर्वैश्वर भगवान के प्रथम पाट्योत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में महामंडलेश्वर राधामोहन दास ने कहा कि भागवत मानस के मोक्ष और कल्याण के साधनों में सर्वश्रेष्ठ है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्रीराधा सर्वैश्वर पीठ आश्रम पर महाराज जी ने कहा कि मन को भागवत परायण बनाने के लिए गुरुदेव के वचनों में निष्ठा, संतों क् समागम और ग्रंथों का श्रवण-कीर्तन करना चाहिये । यदि हम भगवान के चरणों में सुख की अनुभूति कर लें तो भगवान  गोवर्धननाथ की सहज प्राप्ति हो जाएगी ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि भजन मोक्ष प्राप्ति का एक ऐसा सशक्त माध्यम है । इसमें बड़ी से बड़ी से आसुरी शक्तियां भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती हैं । इस मौके पर उन्होंने कथा में भगवान के सभी अवतारों की विस्तार से व्याख्या की ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;सच्चे मन से करें प्रभु की उपासना&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन – यदि हमें भगवान की उपासना सच्चे मन से करनी है तो हमें आचरण, व्यवहार और खानपान शुद्ध और सात्त्विक रखना होगा । मन, वचन और कर्म से हमें पूर्णरूपेण सात्त्विक आचरण करना होगा । तभी हम भगवान उपासना के अधिकारी हो सकते हैं । ये वाक्य रमणरेति स्थित पद्मश्री स्वामी रामस्वरूप शर्मा के लीला पंडाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ से भागवताचार्य डा. बड़े ठाकुर ने प्रवचन के दौरान कहे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कथा के पश्चात मुख्य यजमान एसएन शर्मा ने पत्नी मनोरमा शर्मा सहित भागवतजी का पूजन-अर्चन किया । इस अवसर पर तोताराम उपाध्याय, ब्रजमोहन खांडल, रतनलाल, सुरेशचंद्र शर्मा, मनीष शुक्ला, दिनेश मनी, नित्यानंद शर्मा, शांति शर्मा, ब्रजभूषण अरोड़ा आदि थे ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-1894067253019698568?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/1894067253019698568/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=1894067253019698568' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1894067253019698568'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1894067253019698568'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-22-2.html' title='2010-08-22 ब्रज समाचार (2)'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THEWqBGV45I/AAAAAAAAB-U/tCXoAboZIvM/s72-c/rupa-goswami-2.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-2179138146568865577</id><published>2010-08-21T22:25:00.000-07:00</published><updated>2010-08-21T22:25:10.316-07:00</updated><title type='text'>2010-08-22 ब्रज समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;डगमग व्यवस्था पर अस्था अडिग&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.21)। यह सावन-भादों का मौसम है, यानि ब्रज की मौज-बहार का समय है। सावन से शुरू होने वाली वैष्णव यात्रियों की आमद कार्तिक तक जारी रहने वाली है, पर व्यवस्थाएं इतनी चौपट हैं कि एनआरआई और गुजराती यात्री सिर्फ रस्म पूरी करने आ रहा है, यानि कि ब्रज का पर्यटन उद्योग अगले महीने शुरू होने वाली ब्रज चौरासी कोस यात्राओं में भी कमर सीधी नहीं कर सकेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वर्ष 1549 में महाप्रभु वल्लभाचार्य को आज ही के दिन गोवर्धन नाथ ने दर्शन दिए थे। श्रावण सुदी ग्यारस यानि शुक्रवार की आधी रात को श्री यमुना की पूजा करने के लिए गोकुल में दो हजार से ज्यादा गुजराती श्रद्धालु पहुंचे हैं। यह तो बानगी भर है। ठीक 21 दिन बाद ब्रज चौरासी कोस की यात्राएं शुरू होंगीं, जिनमें हजारों श्रद्धालु चालीस दिन में इस दूरी को पूरी करेंगे। उनकी आस्था अडिग है, पर चौरासी कोस मार्ग में शासन-प्रशासन की व्यवस्थाएं डिगी हुई हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गोकुल के गोविंद घाट पर शुक्रवार की आधी रात में श्री यमुना को पवित्रा चढ़ाई गयी। गोकुल नाथ जी पर यही क्रम शनिवार को दोहराया जाएगा। लेकिन पौराणिक व धार्मिक महत्व के कुंडों के दर्शन को आतुर श्रद्धालु उबकायी भरते देखे गए। गोकुल के पतित पावन कुंड, पूतना कुंड और कमल कुंड आदि अतिक्रमण व गंदगी से जो भरे हुए हैं। पतित पावन कुंड में तो गटर का पानी गिर रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यही स्थिति ब्रज चौरासी कोस के सभी कुंड और सरोवरों की है, जबकि पड़ाव स्थल भी जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग की प्राथमिकता में शुमार नहीं हो सके हैं। ब्रज चौरासी कोस की यात्राएं भाद्रपद में सितंबर से शुरू हो रही हैं। यात्रा मार्ग में 25 पड़ाव स्थल हैं, पर अब मात्र 18 ही ऐसे बचे हैं, जिनका कुछ स्वरूप बचा हुआ है। प्रशासन की ओर से इन पड़ाव स्थलों को न तो सुरक्षित रखा गया है और न ही यात्राओं के दौरान कोई व्यवस्था की जाती रही है। गोकुल तीर्थ राज ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण तिवारी ने बताया है कि गोकुल में कुंड, पड़ाव स्थल व महा प्रभु की बैठकें यात्राओं के लायक नहीं बनायी गयी हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर आधा दर्जन नई ट्रेन&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.21)। रक्षाबंधन तथा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराने के लिए रेलवे ने कमर कस ली है। इसके लिए रेलवे आधा दर्जन नई गाड़ियां चलाएगा। वहीं आधा दर्जन गाड़ियों में कोच बढ़ाकर उन्हें मथुरा तक चलाया जाएगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डीआरएम देवेश मिश्रा की पीआरओ भूपेंद्र कौर ढिल्लन ने बताया कि झांसी-आगरा पैसेंजर तथा ग्वालियर-आगरा पैसेंजर सहित दोनों गाड़ियों को मथुरा तक बढ़ाया गया है। यह गाड़ी २२ से २६ तक मथुरा तक चलेंगी। मथुरा-अलवर पैसेंजर, मथुरा-बांदीकुई पैसेंजर में चार कोच बढ़ाए गए हैं। इलाहाबाद-मथुरा एक्सप्रेस में २२ अगस्त से पांच सितंबर तक तीन कोच बढ़ाए हैं। मेला स्पेशल गाड़ियों में रेवाड़ी से मथुरा के लिए नई गाड़ी चलाई जाएगी। यह गाड़ी रेवाड़ी से अपराह्न ३.३५ बजे चलकर रात्रि नौ बजे मथुरा पहुंचेगी। यह गाड़ी २२ अगस्त से नौ सितंबर तक चलेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बांदीकुई से मथुरा के लिए नई गाड़ी चलेगी। यह गाड़ी बांदीकुई से प्रातः ९.२० चलकर सायंकाल ५ः२० मथुरा आएगी। बांदीकुई से मथुरा के लिए एक और मेला स्पेशल चलाई जाएगी। यह गाड़ी बांदीकुई से ४.१० बजे चलकर ८.४५ बजे मथुरा पहुंचेगी। यह गाड़ी २३ से २७ तक चलेगी। कासगंज-मथुरा स्पेशल नई गाड़ी चलाई जाएगी। यह कासगंज से सुबह १०.२० चलकर १.०५ बजे मथुरा पहुंचेगी। वापसी में १.४० बजे चलकर ४.२० बजे कासगंज पहुंचेगी। यह गाड़ी २३ अगस्त से २५ अगस्त तक चलेगी तथा बाद में ३१ अगस्त से २ सितंबर तक चलेगी। स्पेशल गाड़ियों के सुरक्षित संचालन तथा बेहतरी के लिए बाहर से स्टाफ बुला लिया गया है। भीड़ के दबाव को देखते हुए अतिरिक्त टिकट खिड़की भी खोली जाएगी।l&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;ब्रज यात्रा पर संकट के बादल&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.21)। ५२५ वर्षों से ब्रज में निकाली जा रही ब्रज यात्रा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यह संकट प्रशासन की टालमटोल के कारण उत्पन्न हुआ है। इस मामले में यात्रा प्रबंधकों द्वारा कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद न तो प्रशासन और न ही पुलिस ने अनुमति दी है। इससे तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने डीएम से यात्रा की अनुमति अतिशीघ्र दिए जाने की मांग की है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;५२५ वर्ष पूर्व दक्षिण भारत के चंपाहरण स्थान पर जन्मे महाप्रभु श्रीमद् वल्लभाचार्य ने भाद्र प्रद माह में ४० दिवसीय ब्रजयात्रा प्रारंभ की थी। यह यात्रा इस बार १२ से १८ सितंबर तक संपूर्ण ब्रज में निकाली जानी है। हर साल निकाली जाने वाली इस यात्रा में बड़ी संख्या में साधु महात्मा, तीर्थ पुरोहित, विद्वान और देश विदेश के हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार प्रशासन की हठधर्मिता से यात्रा के आयोजन पर संकट खड़ा हो गया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तीर्थ पुरोहित परिषद के प्रांतीय महामंत्री कांतानाथ चतुर्वेदी ने बताया कि यात्रा प्रबंधकों के तमाम प्रार्थना पत्रों के बावजूद न तो पुलिस एवं प्रशासन ने यात्रा की अनुमति दी है। यही नहीं यात्रा के पड़ाव स्थल बनवाने एवं रास्ते में पड़ने वाले कुंड और सरोवरों की सफाई तक नहीं कराई गई है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने डीएम से यात्रा की अनुमति दिलाने की मांग की है। साथ ही राजस्थान और हरियाणा में आने वाले कुछ भाग के लिए वहां के डीएम से वार्ता कर यात्रा की व्यवस्थाएं कराने की अपील की है। मांग करने वालों में राष्ट्रीय महामंत्री प्रयागनाथ चतुर्वेदी, गणेश चतुर्वेदी, शिव चतुर्वेदी, सोमनाथ, माधवलाल, रामदास चतुर्वेदी, कृष्णकांत, प्रवीन, श्यामू, अनिल, आेंकारनाथ, राजू सरदार, मूला पंडित आदि शामिल थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;यमुना के जलस्तर में और वृद्धि&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THCzt65HYGI/AAAAAAAAB-E/lfJgZSmiV1A/s1600/Yamuna+at+Mathura.aspx" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="166" src="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THCzt65HYGI/AAAAAAAAB-E/lfJgZSmiV1A/s200/Yamuna+at+Mathura.aspx" width="200" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;मथुरा/वृंदावन/कोसीकलां AU 2010.08.21)।। ताजेवाला बांध से छोड़े गए पानी का असर मथुरा जिले में हल्का सा दिखने लगा है। यमुना के जलस्तर में वृंदावन व मथुरा में वृद्धि देखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग चिंतित हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है। यमुना के जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट देखी जा सकती हैं। यमुना के जलस्तर में अगर और बढ़ोत्तरी हुई तो किनारे की कालोनियों में यमुना का पानी घुसने की संभावना है। प्रयाग घाट पर मथुरा में शनिवार को जलस्तर चेतावनी निशान से ५६ सेंटीमीटर ऊपर १६४.७६ मीटर तक पहुंच गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इधर, ओखला से ५६ हजार क्यूसेक अतिरिक्त जल छोड़ा गया है। इतनी अधिक मात्रा में पानी आने से वृंदावन, बलदेव एवं अन्य के लो फ्लड एरिया में खलबली मची हुई है। वृंदावन एवं बलदेव में तो यमुना का पानी फसलों को छूने लगा है। इससे दोनों क्षेत्रों में खलबली मची हुई है। इससे निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी करा दी है। वृंदावन के सूरजघाट कालोनी निवासी राकेश, विजय और महेश मल्लाह का कहना है कि अगर यमुना का जलस्तर और बढ़ा तो हमे अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ सकता है। कोसीकलां संवाददाता के अनुसार छाता तहसील के यमुना किनारे वाले इलाकों में मुनादी करा दी गई है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;केजेएस के यलो जोन में मीना मसजिद का दरवाजा निकाला&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा AU 2010.08.21)।। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के यलो जोन में स्थित मीना मसजिद में बगैर अनुमति के रातों-रात दरवाजा निकाल लिया गया। एक रेलकर्मी की सूचना पर जन्मस्थान के सुरक्षा अधिकारी सक्रिय हुए। उन्होंने दरवाजे को अस्थाई रूप से बंद कराया। इस घटना से हिंदूवादियों में उबाल है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डीग गेट के समीप वृंदावन-मथुरा रेल लाइन से लगी मीना मसजिद में ग्रिल काटकर दरवाजा निकाल लिया गया। यह ग्रिल जन्मभूमि और ईदगाह की सुरक्षा के लिए लगी थी। एक रेलकर्मी ने इसे देख लिया। उसने जन्मभूमि के सुरक्षा अधिकारियों को सूचना दी। इस पर जन्मस्थान का खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया। पुलिस-प्रशासन के अफसरों में खलबली मच गई। एसपी सुरक्षा आरपीएस यादव समेत प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सूत्र बताते हैं कि इस दरवाजे को बिना रोक-टोक मसजिद में आने-जाने के लिए निकाला गया। इससे हिंदूवादियों में आक्रोश देखा गया। उन्होंने एकत्रित होकर पुलिस-प्रशासन के अफसरों पर दबाव बनाना शुरू किया। मामला बिगड़ न जाए, इसे देखते हुए आनन-फानन में सुरक्षा अधिकारियों ने दरवाजे को बंद करा दिया। अभी दरवाजा अस्थाई रूप से दीवार लगाकर बंद किया गया है। एसपी सुरक्षा आरपीएस यादव का कहना है कि दरवाजा सदैव के लिए बंद करा दिया गया है। उधर, नवागत एसएसपी लव कुमार से इस संबंध में पूछा गया तो वह इस घटना से अनभिज्ञ दिखे। उन्होंने कहा कि वह जन्मस्थान प्रशासन से पूरी घटनाक्रम की जानकारी लेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;केजेएस में गेट निकालने पर रोष&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन AU 2010.08.21)।। विश्व हिंदू परिषद की शनिवार को बैठक में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के अति सुरक्षा क्षेत्र में मस्जिद की दीवार तोड़कर आवागमन के लिए गेट निकालने पर रोष व्यक्त किया गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बैठक में विहिप के कारकारी जिलाध्यक्ष ठा. बच्चू सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपया सुरक्षा के नाम पर व्यय होता है। फिर भी पुलिस तथा खुफिया तंत्र को जानकारी नहीं मिली। यह जिला प्रशासन के लिए शर्मनाक है। डा. हरिवल्लभ शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन को चाहिए कि उस स्थान पर स्थायी रूप से मजबूत दीवार बनाकर पुनः बेरीकेडिंग लगा देनी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व नियोजित दीर्घकालीन योजना के लिए अति सुरक्षा क्षेत्र में यह कार्य बिना किसी भय के करना किसी साजिश को दर्शाता है। बैठक में ओमप्रकाश शर्मा, गोपाल शर्मा, राधावल्लभ शर्मा, बाबा कंचन दास, केशव सारस्वत, धन्नाराम चौधरी, गोपाल, अजय सिंह आदि रहे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;अधिकारियों का नगर में पैदल भ्रमण&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.21)। त्यौहारों को मद्देनजर रखते हुए शहरी क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों में नगर में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;त्यौहारों को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन और पुलिस सतर्क बनी हुई है। सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार रमन, एसपी सिटी रामलाल वर्मा और सीओ सिटी डॉ. संजय कुमार ने मय फोर्स के डीग गेट, मछली मंडी, खारी कुआं, मटिया गेट, चौक बाजार होते हुए होली गेट तक पैदल ही भ्रमण किया। प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारियों को देखकर पहले तो यह समझा कि कहीं कोई घटना घट गई, लेकिन बाद में पता चला कि अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए निकले हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;की फजीहत, कनेक्शन को कवायद&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.21)। भारत संचार निगम को नेटवर्क सुधारने की चिंता तो है नहीं कनेक्शन बढ़ाने की कवायद में जुटा हुआ है। स्थिति ये है कि जिले में संचार निगम के 120 मोबाइल टावर पूरी तरह कवरेज नहीं दे पा रहे हैं तो गोवर्धन क्षेत्र में नेटवर्क काम करना ही बंद कर देता है। ऐसे में उसके लिए छह महीने में पचास हजार नए कनेक्शनों का लक्ष्य प्राप्त करना आसान नहीं होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बीएसएनएल ग्राहकों को आकर्षित करता रहा है, पर पिछले दो साल में वह एक लाख के आंकड़े तक किसी तरह पहुंच सका है और इसमें वृद्धि अब नाम मात्र को ही हो रही है। इसकी वजह है पूरे जनपद में एक समान कवरेज एरिया न होना। बताया गया है कि हाइवे से ही गोवर्धन मार्ग में अड़ींग से कुछ पहले तक उसके सिगनल पूरी तरह काम नहीं कर रहे हैं। इस मार्ग पर प्रवेश करते ही मोबाइल स्क्रीन चेक मोबाइल आपरेटर मेसेज दिखाने लगती हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;निगम प्रशासन इस एरिया में अभी तक कोई नया टावर नहीं लगा सका है। इस तरह के ब्लैंक पैचेज देहात में कई प्रमुख मार्गो पर ही बताए गए हैं। ओल व मगोर्रा के बीच ही निगम के मोबाइल टावर इतने सिगनल नहीं निकाल रहे कि वे राजस्थान से आने वाले सिगनल्स को मात दे सकें। फलस्वरूप स्थानीय ग्राहकों को कई बार रोमिंग दर से कॉल शुल्क अदा करना पड़ रहा है। यही स्थिति जतीपुरा व राधा कुंड के कुछ एरिया में बनी हुई है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बल्देव, मांट व बरसाना-नंद गांव की ओर भी यही समस्या बतायी गयी है, जबकि उसे शहर की तुलना में देहात से ग्राहक ज्यादा मिल रहे हैं। निगम के वर्तमान में एक सौ बीस मोबाइल टावर काम कर रहे हैं। इसी साल उसने आधा दर्जन से ज्यादा टावर लगाए हैं, पर सितंबर तक जो टावर लगने थे, उन पर अभी कार्य शुरू भी नहीं हुआ है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;निगम प्रशासन को अगले साल मार्च तक 45 टावर और लगाने हैं, जिनमें 17 टावर थ्री जी सेवा के और शेष 28 मोबाइल टावर लगाए जाने हैं। इनकी स्थापना के साथ ही उसे पचास हजार नए कनेक्शन देने का लक्ष्य मिला हुआ है। स्थिति यह है कि टावर सामग्री उसे समय से नहीं मिल पा रही।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-2179138146568865577?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/2179138146568865577/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=2179138146568865577' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2179138146568865577'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2179138146568865577'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-22.html' title='2010-08-22 ब्रज समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/THCzt65HYGI/AAAAAAAAB-E/lfJgZSmiV1A/s72-c/Yamuna+at+Mathura.aspx' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-921016077266993096</id><published>2010-08-21T08:16:00.000-07:00</published><updated>2010-08-21T08:16:00.024-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.५०-५२</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbiCeCoqZI/AAAAAAAAB6A/0_sXoALRiIg/s1600/varshana_pict2622.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbiCeCoqZI/AAAAAAAAB6A/0_sXoALRiIg/s400/varshana_pict2622.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;बरसाने का दृश्य (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;उद्दामः काम एवेतररसलवकस्पर्शमात्रासहिष्णु&lt;br /&gt;नित्यं वर्धिष्णुरत्युच्छलितरसमहाम्भोधि नित्यं च यत्र ।&lt;br /&gt;यत् किञ्चिज्जङ्गमस्थास्नु च परममहाश्चर्यनानासमृद्ध्या&lt;br /&gt;शश्वद्वृद्ध्या स्वयं चानिशमुदितमिदं भातु वृन्दावनं मे ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जो स्थान उत्कट काम स्वरूप है, अन्य रसों के थोड़े स्पर्श में को भी जो सहन नहीं करता, जिस स्थान पर नित्य वर्धन शील रति के द्वारा उच्छलित रस महासमुद्र नित्य प्रवाहित होता है, जहां स्थावर जङ्गम समस्त वस्तुएं परम महाश्चर्यमय अनेक समृद्धि और निरन्तर वृद्धि के साथ रात दिन प्रकाशित होती हैं, वही यह श्रीवृन्दावन मेरे हृदय में प्रकाशित हो ॥३.५०॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;तथा परमपावनं भुवि चकास्ति वृन्दावनं&lt;br /&gt;यथा हरिरसे मनः स्वयमनङ्कुशे धावति ।&lt;br /&gt;परन्तु यदि तद्गतस्थिरचरेषु नो कायवाङ्&lt;br /&gt;मनोभिरपराधिता भवति बाधिता तत्त्वधीः ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जैसे स्वतन्त्र हरिरस में स्वयं ही धावित होता है, वैसे ही परम पावन श्रीवृन्दावन पृथिवी मण्डल में प्रकाशित होता है, परंतु यदि श्रीवृन्दावन के स्थावर जङ्गमात्मक वस्तुओं के प्रति काय-मन-वाक्य से अपराधी होकर तत्त्व विचार बुद्धि बाधित न हो, अर्थात् अपराधी होने में तत्त्व बुद्धि नाश हो जाती है, जिससे श्रीवृन्दावन के प्रकाश का अनुभव नहीं होता ॥३.५१॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;&lt;br /&gt;मग्नं श्रीराधिकाश्रीमुरलिधरमहाप्रेमसिन्धौ निमग्नं&lt;br /&gt;तद्गौरश्यामगात्रच्छविमयजलधौ प्रोज्झितावारपारे ।&lt;br /&gt;शोभामाधुर्यपूर्णार्णवबुडितमहोमत्तमेतन् ममान्तः&lt;br /&gt;श्रीवृन्दारण्यमेव स्फुरतु न कलितं माययाविद्यया च ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;अहो ! श्रीराधा एवं मुरलीधर के महाप्रेमसिन्धु में मग्न एवं उस गौरश्याम विग्रह के कान्तिमय आर-पार-विहीन समुद्र में जो निमग्न है, तथा उनकी शोभा और माधुर्य के सागर में डूबा हुआ मत्त यह श्रीवृन्दावन, जो मेंयति एवं अविद्या का रचा नहीं, मेरे अन्तःकरण में स्फुरित हो ॥३.५२॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-921016077266993096?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/921016077266993096/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=921016077266993096' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/921016077266993096'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/921016077266993096'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_6738.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.५०-५२'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbiCeCoqZI/AAAAAAAAB6A/0_sXoALRiIg/s72-c/varshana_pict2622.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-56728966050768164</id><published>2010-08-21T02:51:00.000-07:00</published><updated>2010-08-21T02:51:20.828-07:00</updated><title type='text'>२०१०-०८-२१ ब्रज का समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;एकादशी पर श्रद्धालुओं ने परिक्रमा लगाई&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;कलात्मक झूले में विराजमान प्रभु ने दर्शन दिए&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (AU 2010.08.20) : श्रावण की एकदशी पर्व पर शुक्रवार को वृंदावन की पंचकोसी परिक्रमा लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। परिक्रमा देने से पहले श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान किया । मंदिरों में झूले भी सजाए गए । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सुबह से ही परिक्रमा मार्ग राधे राधे और ठाकुर बांके बिहारी की जयजयकार से गुंजायमान हो उठा । पुण्य अर्जित करने के उद्देश्य से परिक्रमा मार्ग में महिला, बच्चे, वृद्ध दिखाई दे रहे थे । हालांकि जर्जर परिक्रमा मार्ग से गुजरने में श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा । लेकिन परेशानियों पर आस्था हावी रही ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;एकादशी पर राधावल्लभ, राधारमण, राधाश्यामसुंदर, रंगजी मंदिर, राधादामोदर आदि मंदिरों में ठाकुरजी ने आकर्षक और कलात्मक झूलों में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन दिया ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;वृक्षों का कटान रोकना जरूरी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;गोविंद मठ आश्रम में पौधारोपण कार्यक्रम&lt;br /&gt;पेड़ों का कटान नहीं रोका तो मानव सभ्यता खतरे में&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (2010.08.20) : सद् भावना पखवाड़े के अंतर्गत नेहरू युवा केंद्र द्वारा कैमारवन स्थित गोविंद मठ आश्रम में शुक्रवार को पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस दौरान कदंब के पौधे लगाए गए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद सीडीओ अजय शंकर पांडेय ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष विश्व की धरोहर है । इनसे ही हमें प्राणवायु आक्सीजन प्राप्त होती है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वर्तमान में  इनका कटान बहुत तेजी से जारी है । अगर इसे नहीं रोका गया तो मानव सभ्यता खतरे में पड़ जाएगी । नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक गोपाल भगत ने कहा कि राजीव गांधी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में यह सद् भावना दिवस १५ दिन तक मनाया जाता है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस सद् भावना पखवाड़े का उद्घाटन पौधारोपण से किया गया है । उन्होंने कहा कि लगभग पूरे जिले में सैकड़ों पौधे लगाने का हमारा संकल्प है । इसके अंतर्गत शुक्रवार को पचास कदंब पौधे वृंदावन में लगाए गए हैं। स्वयंसेवकों ने आश्रमों में जगह-जगह पौधारोपण किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कार्यक्रम में महंत एएस विज्ञानाचार्य, वृषभान गोस्वामी, उमेश चंद्र शर्मा, विजयलक्ष्मी यादव, मुनेंद्र कुमार, लोकेश शर्मा, ऊषा चौधरी, सीमा शर्मा, पूजा शर्मा, मनीषा शर्मा, आदि लोग उपस्थित थे ।।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;पौधारोपण बहाना है समस्याएं बताना है&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;सीडीओ कार्यालय में दर्जनों अर्जियां लंबित&lt;br /&gt;मनरेगा समेत कई योजनाओं में धांधली &lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.20) : सीडीओ का कदंब प्रेम अब उन्हें बुलाने का बहाना बन गया है । अव्यवस्थाओं से परेशान  ग्रामीण गांव की समस्या का हल निकालने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लोग उन्हें पौधारोपण के बहाने से गांव बुलाते हौं और सभी समस्याओं का ब्योरा थमा देते हैं । सीडीओ अजय शंकर पांडेय ने ब्रज के प्राचीन स्वरूप को लौटाने के लिए कदंब के पौधे रोपे जाने को मुहिम छेड़ रखी है, लेकिन उनका कदंब प्रेम अब नजराने का रूप ले चुका है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राजीव भवन के सूत्रों के अनुसार इस तरह की दर्जनों अर्जियां सीडीओ कार्यालय में लंबित हैं । शुक्रबार को भी फरह एवं वृंदावन में ग्रामीणों ने उन्हें कदंब के वृक्षों का रोपण का बहाना बनाकर बुलाकर मनरेगा समेत अन्य योजनाओं में चल रही तमाम धांधलियों के बारे में सीडीओ बताया । ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;निशाने पर ईटीपी नहीं लगाने वाले उद्योग&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.20) : उत्प्रवाह शुद्धिकरण संयंत्र (ईटीपी) संचालित नहीं करने वाले उद्योगों को बंद करने से संबंधी कार्यवाही जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रारंभ कर दी है। वहीं इसे संचालित करने वाले उद्योगों को परमीशन भी दी जाएगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उद्योगों में गंदा पानी साफ करने के लिए ईटीपी लगाने का प्रावधान है। जिले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस संयंत्र को अनिवार्य रुप से उद्योगों में लगाने के लिए कड़ाई की थी। जिन उद्योगों में ईटीपी नहीं लगे थे, उनको नोटिस भेजे गए थे। सबसे अधिक नोटिस टोंटी उद्योगों को दिए गए। ईटीपी संचालन नहीं होने पर इन उद्योगों को करीब एक साल से बोर्ड द्वारा परमीशन भी नहीं दी जा रही थी। सख्ती का असर जनपद के २७ उद्योगों पर हुआ टोंटी उद्योग एसोसिएशन द्वारा प्राइवेट आदमी आर्गनाइस कर हफ्ते में दो बार पानी साफ करने की व्यवस्था कर ली गई। इन उद्योगों को अब बोर्ड द्वारा परमीशन देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ईटीपी संचालन के लिए अब बोर्ड और सजग हो गया है। यही कारण है कि जिले के हर उद्योग में ईटीपी संचालन की गति परखने के लिए व्यापक स्तर पर सर्वे करने का उसने मन बना लिया है। सर्वे के बाद ईटीपी संचालित न करने वाले उद्योगों को पुनः नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद उनके खिलाफ बंदी की कार्यवाही की जाएगी। पॉल्यूशन बोर्ड आफीसर आरके सिंह ने बताया रक्षा बंधन के बाद अवैध उद्योगों का सर्वे शुरू होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;केजेएस के समीप मसजिद में गेट निकालने का मामला&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;विहिप और बजरंग दल में आया उबाल&lt;br /&gt;स्थायी रूप से गेट बंद करने की मांग&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.20) : श्री कृष्ण जन्म स्थान के समीप मीना मस्जिद में निकाले गए दर्वाजे को लेकर विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल में उबाल है । हिंदूवादियों ने कहा है कि शांत महौल को बिगड़ने की साजिश की गई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;विहिप नगर इकाई की आपातकालीन बैठक में जन्मस्थान प्रशासन की हीलाहवाली पर रोष जताया गया । आए दिन जन्मस्थान पर आनेवाले श्रद्धालुओं से अभद्रता करने वाले अलर्ट सुरक्षा कर्मियों को मसजिदे में हो रहे निर्माण कार्य की भनक तक नहीं लगी । हिन्दूवादियों का कहना है कि पूरे तरीके से दर्वाजे को हटवाकर दीवार से नहीं पटवाया गया तो विहिप आंदोलन करेगा ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रोष जताने वालों में जिला मीडिया प्रभारी विजय बहादुर सिंह, अमरकांत मिश्रा, डा. रमन टंडन, नगर अध्यक्ष पंकज पंडित, उमेश गर्ग, राजीवराज पाठक, सुरेश वर्मा, नरेश शर्मा, मानवेंद्र दीक्षित, दिनेश चौधरी, ंलय राठौर, कन्हैयालाल ङौतम, गिर्राज शर्मा, आयुष शर्मा हैं ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बजरंग दल के प्रांत सुरक्षा प्रभारी चंद्रपाल सिंह कुंतल ने कहा कि मसजिद में दरवाजे निकलने के बाद भी खुफिया विभाग की निद्रा नहीं टुटी । उन्होंने कहा कि जन्मस्थान की सुरक्षा पर पूरा अमला जुटा होने के बाद भी दरवाजा निकलना नाकामी की और इशारा करता है । उन्होंने जिला प्रशासन से दरवाजे को पूरी तरह बंद कराते हुए सुरक्षा की पुनः बैरिकेडिंग लगाने की मांग की है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-56728966050768164?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/56728966050768164/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=56728966050768164' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/56728966050768164'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/56728966050768164'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_3175.html' title='२०१०-०८-२१ ब्रज का समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-3116239655325351268</id><published>2010-08-21T00:50:00.000-07:00</published><updated>2010-08-21T00:50:31.516-07:00</updated><title type='text'>२०१०-०८-१९ ब्रज का समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;गहवरवन में विचार संगोष्ठी २२ को&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;बरसाना (AU 2010.08.19) : गहवरवन में चचल रहे अवैध खनन को लेकर वन वचाओ पहाड बचाओ विषयक संगोष्ठी २२ अगस्त को मध्याह्न १२ बजे से होगी । इसमें जनपद के बुद्धिजीवी भाग लेंगे । आयोजक एवं बार अध्यक्ष आलोक सिंह एवं सचिव अजय तेहरिया ने बताया कि व्रज में कभी ४८ वन थे । भूमाफिया की बुरी नजर के कारण सभी वन समाप्त हो गए । अब केवल राधारानी द्वारा बसाया गया गहवरवन ही बचा है । उस पर भी भूमाफिया और खनन माफिया की नजर है । यह गोष्ठी इसी ज्वलंत विषय को उठाकर प्रश्सन की नींद खोलेगी ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;बंदर तोडफोड देते हैं सामान&lt;/h3&gt;`&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.19) : गोविंद नगर और महाविद्या कालोनी के बाशिंदे बंदरों के उत्पात से परेशान हैं । कालोनी की महिल् सोमवती, हेमारानी, नीतू, माधवी, कांती देवी, पूजा अग्रवाल, राधारानी, ओमवती, संगीता ने पालिकाध्यक्ष को भेजे पत्र में लिखा है कि उनका बंदरों ने घर से बहार निकलना भी दूभर कर दिया है । बंदर घर के बाहर से कपडों बर्तन आदि को उठा ले जाते हैं । उन्होंने बंदरों को पकडवाने की मांग की है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;बितिया करती है दो कुलों को पवित्र&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदाबन (AU 2010.08.19) : श्रीनाथ सेवा संस्थान एवं भुवालका जन कल्याण ट्रस्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में गांधी मार्ग स्थित श्रीनाथ धाम में आयोजित सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों के साथ विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों का भी सम्मान किया गया । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;समारोह में भक्ति के क्षेत्र में डा. रंगीलीशरण महाराज, चिकित्सा में डा. विनय इंजीनियर, भागवत विद्वान में गिरिराज शास्त्री, शिक्षा में रामगोपाल गुप्त, आयुर्वेद चिकित्सा में नरोत्तमलाल गुप्त, समाज सेवा में प्रभा शर्मा का शील ओढाकर और धनराशि देकर ब्रज विभूति के रूप में सम्मानित किया गया । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वर्ष २०१० में इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले १७ विद्यार्थियों को धनराशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया गया। इस मौके पर रामकथा वक्ता इंदुभूषण रामायणी ने कहा कि पुत्र एक मानव कुल पवित्र करता है, जबकि पुत्री दो कुलों को पवित्र करती है । कार्यक्रम का शुभारंभ इस्कान मंदिर के प्रेसिडेंट स्वामी महामंत्री दास द्वारा बांके बिहारी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण किया गया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-3116239655325351268?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/3116239655325351268/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=3116239655325351268' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3116239655325351268'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3116239655325351268'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_21.html' title='२०१०-०८-१९ ब्रज का समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-1822637885887941776</id><published>2010-08-20T18:14:00.000-07:00</published><updated>2010-08-20T18:14:39.524-07:00</updated><title type='text'>2010-08-21 ब्रज समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;यमुना का जलस्तर और बढ़ गया&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुर (AU 2010.08.20): ताजेवाला बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना नदी का जलस्तर शुक्रवार को बढ़कर १६४.६७ मीटर तक पहुंच गया। चेतावनी निशान से ४७ सेंटीमीटर ऊपर। इसके चलते लो फ्लड एरिया में खलबली मची रही। हालांकि विशेषज्ञ इसे सामान्य स्थिति करार दे रहे हैं। चिंता तो ताजेवाला बांध से गत दिवस छोड़े गए १.४२ लाख क्यूसेक पानी को लेकर है। इसके चलते लो प्लड एरिया में मुनादी पिटवा दी गई है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;नाला निर्माण में देरी लोगों ने किया प्रदर्शन&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (AU 2010.08.20):  । वृंदावन समग्र विकास योजना के तहत रमणरेती क्षेत्र में नाला निर्माण में हो रही देरी और मानकों की अनदेखी से लोगों में नाराजगी है। लोगों ने संबंधित विभाग और कार्यदायी ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन कर जिला प्रशासन से मामले की जांच की मांग की ह&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रमणरती मार्ग पर जल निगम द्वारा नाला निर्माण में मानकों को ताक पर रख दिया गया है। यहां आरसीसी के स्थान पर ईंटों का नाला तो बनाया ही जा रहा है। साथ ही कार्य धीमि गति से हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाले का निर्माण जैसे ही किया होता है उसके कुछ समय बाद ही संबंधित ठेकेदार उसमें पानी भरवा देते हैं। इससे नाले की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग गया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की शिकायत की है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;स्थानीय निवासी गोपाल शर्मा, पूरन बघेल, शेर सिंह, हरिओम, चिरंजीलाल, रमन बघेल, हरे कृष्ण शर्मा, भगवानदास शर्मा, खुशीराम, प्रह्लाद, यादराम, रामलाल सैनी, भीमसेन, शिवकुमार, स्वामी कन्हैयालाल, स्वामी देवकी नंदन आदि का कहना है कि नाला निर्माण धीमी गति से हो रहा है। इससे कालोनी से निकलने वाले सभी मार्ग बाधित हो गए हैं। लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने मानकों की अनदेखी कर आरसीसी का नहीं ईंटों का नाला बना डाला। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से नाला निर्माण की जांच करने की मांग की है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;रक्षाबंधन पर रौद्र रूप दिखायेगी यमुना&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TG8mcnus5TI/AAAAAAAAB98/LZ6P52iGa60/s1600/1020_yamuna_mth06_int-1_1282340495_m.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TG8mcnus5TI/AAAAAAAAB98/LZ6P52iGa60/s320/1020_yamuna_mth06_int-1_1282340495_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;मथुरा(DJ 2010.08.20) । यमुना नदी में दूसरे दिन भी ताजेवाला बांध से काफी बड़ी मात्रा में जल छोड़ा गया है। सबसे अधिक 2 लाख क्यूसिक से ज्यादा जल गुरूवार को 10 बजे छोड़ा गया, जो यहां रक्षाबंधन के दिन आ पहुंचेगा। इस दिन यमुना नदी का स्वरूप विकराल होगा। गोकुल बैराज के गेट खोलने की हिदायत दे दी गई है। पूर्व में छोड़े जल का असर मथुरा के घाटों पर दिखाई देने लगा है। जिला प्रशासन ने यमुना किनारे बसे गांवों में मुनादी करा चेतावनी दे दी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ताजेवाला बांध में पानी का दबाव कम करने के उद्देश्य से यमुना नदी में लगातार दूसरे दिन भी पानी छोड़ा गया। गुरूवार रात 1 बजे से जल छोड़ने का क्रम शुक्रवार को सुबह 9 बजे तक चलता रहा। इसमें सबसे अधिक 2,08,005 क्यूसेक छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग द्वारा स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार गुरूवार रात से पानी छोड़ने की मात्रा में कमी आयी है। रात 8 बजे 1,18,860 क्यूसेक, 9 बजे 82880 क्यूसेक, 10 बजे 63060 क्यूसेक, 11 बजे 52201 क्यूसेक, गुरूवार 12 बजे 43351 क्यूसेक, 1 बजे 35289 क्यूसेक, 2 बजे 38465 क्यूसेक, 3 बजे 36869 क्यूसेक, शुक्रवार सुबह 5 बजे 28359 क्यूसेक, 6 बजे 32839 क्यूसेक, 7 बजे 32839 क्यूसेक, 8 बजे 38345 क्यूसेक और सुबह 9 बजे 45353 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। सिंचाई विभाग अपर खंड के अधिशासी अभियंता रमाकांत रस्तोगी ने बताया कि ताजेवाला बांध से प्रति घंटे छोड़े गए जल को लेकर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके अलावा ओखला बैराज पर हो रही जल वृद्धि का आंकलन किया जा रहा है। गुरूवार-शुक्रवार रात 1 बजे ओखला बैराज पर जल वृद्धि 15472 क्यूसेक थी, जो सुबह 5 बजे तक स्थिर रही। सुबह 6 बजे ओखला पर पानी बढ़कर 16323 क्यूसेक, 7 बजे 17965 क्यूसेक, 8 बजे 25686 क्यूसेक और 9 बजे तक 38400 क्यूसेक पहुंच गया है। मथुरा के प्रयागघाट पर यमुना नदी में पानी का लेवल 164.67 मीटर समुद्र तल जा पहुंचा है। फिलहाल यह लेवल खतरा के निशान 165.20 मीटर समुद्र तल से काफी नीचे है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;डगमग व्यवस्था पर अस्था अडिग&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.20)। यह सावन-भादों का मौसम है, यानि ब्रज की मौज-बहार का समय है। सावन से शुरू होने वाली वैष्णव यात्रियों की आमद कार्तिक तक जारी रहने वाली है, पर व्यवस्थाएं इतनी चौपट हैं कि एनआरआई और गुजराती यात्री सिर्फ रस्म पूरी करने आ रहा है, यानि कि ब्रज का पर्यटन उद्योग अगले महीने शुरू होने वाली ब्रज चौरासी कोस यात्राओं में भी कमर सीधी नहीं कर सकेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वर्ष 1549 में महाप्रभु वल्लभाचार्य को आज ही के दिन गोवर्धन नाथ ने दर्शन दिए थे। श्रावण सुदी ग्यारस यानि शुक्रवार की आधी रात को श्री यमुना की पूजा करने के लिए गोकुल में दो हजार से ज्यादा गुजराती श्रद्धालु पहुंचे हैं। यह तो बानगी भर है। ठीक 21 दिन बाद ब्रज चौरासी कोस की यात्राएं शुरू होंगीं, जिनमें हजारों श्रद्धालु चालीस दिन में इस दूरी को पूरी करेंगे। उनकी आस्था अडिग है, पर चौरासी कोस मार्ग में शासन-प्रशासन की व्यवस्थाएं डिगी हुई हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गोकुल के गोविंद घाट पर शुक्रवार की आधी रात में श्री यमुना को पवित्रा चढ़ाई गयी। गोकुल नाथ जी पर यही क्रम शनिवार को दोहराया जाएगा। लेकिन पौराणिक व धार्मिक महत्व के कुंडों के दर्शन को आतुर श्रद्धालु उबकायी भरते देखे गए। गोकुल के पतित पावन कुंड, पूतना कुंड और कमल कुंड आदि अतिक्रमण व गंदगी से जो भरे हुए हैं। पतित पावन कुंड में तो गटर का पानी गिर रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यही स्थिति ब्रज चौरासी कोस के सभी कुंड और सरोवरों की है, जबकि पड़ाव स्थल भी जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग की प्राथमिकता में शुमार नहीं हो सके हैं। ब्रज चौरासी कोस की यात्राएं भाद्रपद में सितंबर से शुरू हो रही हैं। यात्रा मार्ग में 25 पड़ाव स्थल हैं, पर अब मात्र 18 ही ऐसे बचे हैं, जिनका कुछ स्वरूप बचा हुआ है। प्रशासन की ओर से इन पड़ाव स्थलों को न तो सुरक्षित रखा गया है और न ही यात्राओं के दौरान कोई व्यवस्था की जाती रही है। गोकुल तीर्थ राज ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण तिवारी ने बताया है कि गोकुल में कुंड, पड़ाव स्थल व महा प्रभु की बैठकें यात्राओं के लायक नहीं बनायी गयी हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-1822637885887941776?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/1822637885887941776/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=1822637885887941776' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1822637885887941776'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1822637885887941776'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-21.html' title='2010-08-21 ब्रज समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TG8mcnus5TI/AAAAAAAAB98/LZ6P52iGa60/s72-c/1020_yamuna_mth06_int-1_1282340495_m.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-1869112948933050837</id><published>2010-08-20T09:46:00.000-07:00</published><updated>2010-08-20T09:46:32.401-07:00</updated><title type='text'>2010-08-20 ब्रज समाचार</title><content type='html'>&lt;table align="center" cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"&gt;&lt;tbody&gt;&lt;tr&gt;&lt;td style="text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TG6tW8cH9eI/AAAAAAAAB90/I_3tFqPHMUU/s1600/Bhuteswar_Kali-ghata.aspx" imageanchor="1" style="margin-left: auto; margin-right: auto;"&gt;&lt;img border="0" height="333" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TG6tW8cH9eI/AAAAAAAAB90/I_3tFqPHMUU/s400/Bhuteswar_Kali-ghata.aspx" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td class="tr-caption" style="text-align: center;"&gt;गुरुवार को भूतेश्वर स्थित मंदिर श्री मथुराधीश प्रभु में आयोजित काली घटा के मनोरम दर्शन ।&lt;br /&gt;&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;h3&gt;द्वारिकाधीश में बिजली कड़की, छा गई काली घटा&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.19)। सावन के महीने में प्राचीन राजाधिराज (द्वारिकाधीश) मंदिर में गुरुवार को काली घटा केदर्शन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आसमान पर कड़कती बिजली और काली घटा ने रोमांच पैदा कर दिया। दर्शन खुलने के साथ भक्तों की भीड़ लग गई। यह क्रम देर रात तक चलता रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन व पुलिस का खासी मशक्कत करनी पड़ी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;जन्मस्थान पर काली घटा दर्शन को उमड़े श्रद्घालु&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित केशवदेव मंदिर में काली घटा के दर्शन को श्रद्धालु उमड़े। प्रवेश द्वार पर भव्य सज्जा कर काली घटा के दृश्य का निर्माण किया गया था। मंदिर में प्रवेश करते ही चमकती, गरजती बिजली, बरसते हुए मेघ, नृत्य करते मोर, उपवन में चहचहाते पक्षियों के मध्य भगवान श्रीकृष्ण की गिरिराज पर्वत को उठाए हुए झांकी, वन उपवन की सज्जा में विराजे ठाकुर श्री केशवदेवजी के मनोहारी दर्शन करके श्रद्धालु अभिभूत हो उठे। इस प्रसिद्ध काली घटा की सज्जा में जहां प्राकृतिक संपदा लता, पता, पुष्प एवं पत्र आदि का अधिक प्रयोग हुआ, वहीं भगवान श्री केशवदेव जी की पोशाक एवं श्रृंगार भी अधिक दर्शनीय थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;दिल्ली से अधिकारियों ने आकर निरीक्षण किया&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.19)। कामनवेल्थ गेम्स के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर आ रही क्वींस बैटन रिले के स्वागत कोलेकर दिल्ली के अधिकारियों की टीम ने स्टेडियम का निरीक्षण किया। बैटन रिले के स्वागत में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली। कोआर्डिनेटर ने खिलाड़ियों के चयन न होने पर नाराजगी जताई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क्वींस बैटन रिले के आगरा-मथुरा कार्यक्रम के समन्वयक लॉयड डिसूजा ने स्व. मोहन पहलवान गणेशरा स्पोर्ट्स स्टेडियम का गुरुवार शाम को निरीक्षण किया। उन्होंने रिले के साथ आने वाले खिलाड़ियों के स्वागत में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों का जायजा लिया। ट्रैक की स्थिति देखी तथा जिला खेल अधिकारी समरीश सोमाल से बैटन लेकर दौड़ने वाले खिलाड़ियों सहित अन्य के नामों की सूची मांगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिला खेल अधिकारी ने बताया कि अब तक मात्र एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मुख्तयार सिंह का नाम ही उनके पास आया है। कुछ एसोसिएशन ने भी प्रांतीय सचिव के पत्र उपलब्ध नहीं कराए हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए समन्वयक ने जल्द ही खिलाड़ियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। टीम ने सांस्कृतिक आयोजन स्थल का भी निरीक्षण किया। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे रिनोएशन कार्य की जानकारी ली।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;यमुना: खतरे के निशान तक पहुंचा पानी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.19)। दिल्ली ओखला बैराज से यमुना नदी में बुधवार की रात छोड़े गए 1.42 लाख क्यूसेक पानी से जल स्तर में वृद्धि हो गई है। इससे यमुना नदी का जलस्तर चेतावनी प्वाइंट तक जा पहुंचा है। नदी के आस-पास के गांवों के लोगों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यमुना नदी में दिल्ली ओखला बैराज से बुधवार-गुरूवार की रात 1 बजे मथुरा के लिये पानी छोड़ा गया। जो गुरूवार सुबह तक जारी रहा। हालांकि यमुना नदी में पानी धीरे-धीरे छोड़ा गया था। इससे पानी आने से यमुना का जल स्तर तो बढ़ा, लेकिन सीमावर्ती गांवों में यमुना जल से तबाही नहीं हुई। गुरूवार सुबह 9 बजे तक यमुना नदी में 1,42,660 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका था। ताजेवाला बांध से दिल्ली और पानी छोड़ा गया तो उसका मथुरा में असर दिखाई देगा। इसके लिये यमुना नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को सतर्कता बरतने को कहा गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-1869112948933050837?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/1869112948933050837/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=1869112948933050837' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1869112948933050837'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1869112948933050837'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-20.html' title='2010-08-20 ब्रज समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TG6tW8cH9eI/AAAAAAAAB90/I_3tFqPHMUU/s72-c/Bhuteswar_Kali-ghata.aspx' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-111700349070713798</id><published>2010-08-20T06:25:00.000-07:00</published><updated>2010-08-20T06:25:00.792-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.४७-४९</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbHvb9-MeI/AAAAAAAAB54/8SvY9daKPOo/s1600/varshana_pict2608.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbHvb9-MeI/AAAAAAAAB54/8SvY9daKPOo/s400/varshana_pict2608.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;बरसाने का दृश्य (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;न तापः साधूनामकृतिषु तथा साधुकृतिषु&lt;br /&gt;प्रकम्पः कालाहेरपि न हि न वा देहदलने ।&lt;br /&gt;प्रहर्षो न ब्रह्माद्यधिकविभवे नापि परमा&lt;br /&gt;मृतब्रह्मानन्दे समधिगतवृन्दावनभुवः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जिन्होंने श्रीवृन्दावन भूमि को भली प्रकार प्राप्त कर लिया है, उनको सत्कर्मों के करने में या न करने में कुछ भी दुख नहीं, काले सर्प से एवं शरीर के नाश होने में भी उन्हें कुछ भय नहीं है, ब्रह्मादि से अधिक सम्पत्ति के प्राप्त होने में और परमामृत ब्रह्मानन्द की प्राप्ति में भी उनको कुछ आनन्द नहीं मिलता ॥३.४७॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;अलमलमतिघोरानर्थकारीन्द्रियाणा-&lt;br /&gt;मतिशयपरितोषैर्दुष्करैर्दुस्तरैश्च ।&lt;br /&gt;विदधदिव सशोको येन केनापि देह-&lt;br /&gt;स्थितिमध्वस वृन्दारण्यमेकान्तरत्या ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;अति घोर अनर्थ करने वाली इन्द्रियों को दुष्कर तथा दुस्तर उपायों से सन्तुष्ट करने का अब कोई प्रयोजन नहीं । देह यात्रा निर्वाह करने के लिये जिस किसी उपाय का अवलम्बन करके शोकातुर होते हुए एकान्त भाव से इस श्रीवृन्दावन में निवास कर ॥३.४८॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;लुठन् रासस्थल्यां निरवधि पठन् कृष्णचरितं&lt;br /&gt;रटन् हा कृष्णेति प्रतिपदमटंश्चापि परितः ।&lt;br /&gt;त्रुटन् नानाग्रन्थिः स्फुटदमलभावोऽश्रुनिवहैर्&lt;br /&gt;नटन् गायन् वृन्दावनमतिमहान् पङ्किलयति ॥&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जो व्यक्ति निरन्तर रासस्थली में लुण्ठन करता है, श्रीकृष्ण के चरित्रों का पाठ करता है, हा कृष्ण रटता है, एवं श्री वृन्दावन के सर्व स्थानों पर भ्रमण करता है, उसके हृदय की नाना ग्रन्थियां – अविद्या, काम, कर्मादि – नाश होकर विशुद्ध भाव की स्फूर्ति होती है एवं वही अति भाग्यवान महापुरुष नृत्य तथा संकीर्तन करते करते अश्रुधारा से श्रीवृन्दावन को पंक युक्त कर देता है ॥३.४९॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-111700349070713798?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/111700349070713798/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=111700349070713798' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/111700349070713798'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/111700349070713798'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_20.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.४७-४९'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbHvb9-MeI/AAAAAAAAB54/8SvY9daKPOo/s72-c/varshana_pict2608.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-2173617336147645164</id><published>2010-08-19T06:21:00.000-07:00</published><updated>2010-08-19T06:21:00.196-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.४४-४६</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbGySPlvfI/AAAAAAAAB5w/nUet8jrhrTg/s1600/varshana_pict2606.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbGySPlvfI/AAAAAAAAB5w/nUet8jrhrTg/s400/varshana_pict2606.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;बरसाने का दृश्य (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;मुक्तिर्याति यतो बहिर्बहिरहो सम्मार्जनीघातत-&lt;br /&gt;स्त्रस्तास्ता वरसिद्धयो विदधते काक्वादि यत् सेवितुम् ।&lt;br /&gt;यन्नाम्नैव विदूरगापि विलयं मायापि यायादहो&lt;br /&gt;तद्वृन्दावनमत्यचिन्त्यमहिमा देहान्तमाश्रीयताम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जहां से मुक्ति सन्मार्जनी बुहारी की चोट खाकर दूर से अति दूर जा पड़ती है, जिसकी सेवा करने के लिये श्रेष्ठ अष्ट सिद्धियां विनय प्रार्थआ करने में भी भयभीत होती हैं । अहो ! जिसका नाम सुनते ही माया दूर जा पड़ती है एवं नाश हो जाती है, उस अति अचिन्त्य महिमायुक्त श्रीवृन्दावन का देहपात पर्यन्त आश्रय कर ॥३.४४॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;अहो वृन्दारण्यं प्रतिपदविनिस्यन्दिपरमोन्&lt;br /&gt;मदप्रेमानन्दामृतजलधिलोभाकुलयति ।&lt;br /&gt;रमेशब्रह्मादीन् अथ भगवतः पार्षदवरा&lt;br /&gt;नतो धीरा नीराञ्जलिमपि निपीयात्र वसत ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;अहो ! श्रीवृन्दावन पद पद में ही परम उन्माद उत्पन्न करने वाले प्रेमानन्दसमुद्र को प्रवाहित कर रहा हैं, लक्ष्मी, शिव ब्रह्मादि को एवं शब्धगवान् के श्रेष्ठ पार्षदों को भी लालायित कर आकुल किये रखता है, अत एव हे धीर पुरुषो ! अञ्जलि भर पानी पीकर भी श्रीवृन्दावन में वास करो ॥३.४५॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;त्वयाकण्ठं पीतं यदि परमपीयूषमपि किं&lt;br /&gt;ततो यद्युर्वश्याः स्तनयुगलमाश्लेषि किमतः ।&lt;br /&gt;यदि ब्रह्मानन्दामृतमपि समास्वादि किमतो&lt;br /&gt;यतस्थूत्कृत्येदं व्यसृजदपि वृन्दावनतृणम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;यदि तुमने पेट भरकर अमृत भी पान कर लिया, तो उससे क्या ? यदि उर्वशी के स्तन युगल का तुमने आलिङ्गन कर लिया, तो क्या  ? और यदि ब्रह्मानन्द् अमृत का भी भली प्रकार आस्वादन तुम्हें मिले, तो भी उससे क्या फल ? क्योंकि श्रीवृन्दावन के तो तृण ने भी इन समस्त वस्तुओं को थुत्कार कर त्याग दिया है ॥३.४६॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-2173617336147645164?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/2173617336147645164/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=2173617336147645164' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2173617336147645164'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2173617336147645164'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_19.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.४४-४६'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbGySPlvfI/AAAAAAAAB5w/nUet8jrhrTg/s72-c/varshana_pict2606.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-5150422740142848625</id><published>2010-08-18T17:24:00.000-07:00</published><updated>2010-08-18T17:24:08.293-07:00</updated><title type='text'>2010-08-19 ब्रज समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;केशवदेव व राजाधिराज हुए लाल&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGx5RsJ_pJI/AAAAAAAAB9s/ZxmkTdLEuEk/s1600/0817_keshavamth13_int-1_1282082544_m.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGx5RsJ_pJI/AAAAAAAAB9s/ZxmkTdLEuEk/s1600/0817_keshavamth13_int-1_1282082544_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.18)। त्रिलोक के नाथ प्रभु श्रीकृष्ण की जन्मभूमि में शुभ के प्रतीक लाल रंग की अनुपम रंगत बिखरी। प्रभु के घर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मोहक छवि तथा परिसर की छटा का दीदार कर स्वयं को धन्य किया। कल जन्मभूमि और द्वारिकानाथ में काली छटा बिखरेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान ने श्रावण मास में भक्त एवं भगवान को एकाकार करने तथा प्राचीन संस्कृति को प्रोत्साहन देने लिये मंदिर परिसर को सुंदर व आनंद प्रदाता बनाया। कई प्रकार के रंग-बिरंगे पुष्पों से परिसर, झूला व घटाओं को सजाया। इस दौरान इत्र-पुष्पों की सुगंध के मध्य मधुर कंठ से प्रभु का गुणगान दर्शकों के तन-मन को रस विभोर करता रहा। सायंकाल शुरु हुआ मनभावन छटा के दर्शन देर रात्रि तक किये गये। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के मुताबिक 19 अगस्त को श्री कृष्ण जन्म एवं उनके गोकुल गमन काल की भयानक रात्रि के काले रंग की घटा सजाई जाएगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दूसरी ओर द्वारिका के नाथ के मंदिर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुलाबी घटा सजाई गई। मंगलवार को राजाधिराज ने लाल घटा में भक्तों पर कृपा की बरसात की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;श्रीकृष्ण जन्मोत्सव लीला सुन श्रोता &lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGx5gzNElJI/AAAAAAAAB9w/TEprTAtGfmQ/s1600/0819_bhagavat18mth19_int-1_1282172120_m.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGx5gzNElJI/AAAAAAAAB9w/TEprTAtGfmQ/s1600/0819_bhagavat18mth19_int-1_1282172120_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.18)। भक्ति रूपी दिव्य शक्ति से विश्व के जनमानस की दिनचर्या पवित्र होती है। भक्ति की शक्ति अपार है। जो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति करते हैं उनका जीवन दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गांधी मार्ग स्थित श्रीनाथ धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत में बोलते हुए डा. मनोज मोहन शास्त्री ने बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का बखान करते हुए कहा कि धरती पर पाप बढ़ने के कारण भगवान अवतार लेते हैं। धर्म की स्थापना कर जनमानस को कष्ट रहित जीवन प्रदान करने के लिए भगवान अवतार लेते है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इससे पूर्व कथा व्यास ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में श्रोताओं को फल, वस्त्र, खिलौने आदि लुटाये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;गरूण गोविंद मेला में उमड़े श्रद्धालु&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.18)। छटीकरा गांव में गरूण गोविंद मंदिर पर लगे वार्षिक मेला मेला में दिन भर भक्तों का आना जाना रहा। तमाम श्रद्धालुओं गरूण गोविंद मंदिर में दर्शन किये। कुण्ड में स्नान कर पुण्य कमाया। इस मौके पर कुश्ती दंगल का आयोजन भी हुआ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रसिद्ध गरूण गोविंद मंदिर पर लगे मेला में दर दराज के तमाम लोगों ने यहां पहुंच कर मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। सबसे पहले श्रद्धालुओं ने कुण्ड में स्नान किया। इसके बाद पूजा अर्चना में शामिल हुए। इस मौके पर मेला के मुख्य आकर्षण कुश्ती दंगल को देखने के लिए काफी लोग उमड़े। इसमें हुए कुश्ती दंगल में तमाम पहलवानों ने जोर आजमाए। आखिरी कुश्ती चौमुहां के देवेन्द्र पहलवान अखाड़ा भूतेश्वर ने पलवल के सोनू पहलवान को चित कर जीत ली। इस मौके पर अन्य तमाम छोटे बड़े पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। दंगल में आयोजन कमेटी ने देवेन्द्र पहलवान को 3100 रुपये और चौकी इंचार्ज जैंत ने 1500 रुपये के अलावा दर्शकों ने भी नगद इनाम दिये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;भूमिगत विद्युत केबल बनी जी का जंजाल&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (AU, 2010.08.18)। वृंदावन विकास योजना के अंतर्गत विद्युत विभाग द्वारा बांके बिहारी क्षेत्र से लेकर विद्यापीठ चौराहे तक डाली जा रही भूमिगत विद्युत केबल डालने से लोगों के लिए काफी परेशानी खड़ी हो गई। अधिशासी अभियंता को लिखे पत्र में शयन बिहारी, ज्ञानप्रकाश एवं रमेशचंद्र ने कहा कि बांके बिहारी क्षेत्र के अंतर्गत मनीपाड़ा और पुराना शहर क्षेत्र में भूमिगत केबिल लाइन लापरवाही पूर्ण ढंग से डाली गई है। इससे भविष्य में लोगों को काफी दिक्कत होगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भुवन शर्मा, श्रीकृष्ण सरस, कन्हैया शर्मा, सतीश वेदपाठी, गिरीश गौतम, अजय अग्रवाल, मेघश्याम गौतम, लाड़ली, गिरधारी, नीरज, गिरधारीलाल द्विवेदी एवं कृष्ण गोपाल द्विवेदी ने कहा कि केबल डालने के दौरान की गई खुदाई में नगर पालिका की पानी की मुख्य पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगर विभाग द्वारा विद्युत केबल डाल दी जाएगी तो भविष्य में नए कनेक्शन लेने तथा पुराने कनेक्शन के जरिये विद्युत करंट आने की पूर्ण आशंका बनी रहेगी। पत्र में लोगों ने विद्युत विभाग अधिशासी अभियंता से पालिका के जलकल प्रभारी के साथ मिलकर जनता की समस्या के निराकरण की मांग की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;गांव उधर से कदंब वन स्थापित करना शुरू&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU, 2010.08.18)। जनपद में सघन पौधारोपण के तहत कदंब वन स्थापित किए जाने का अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को सीडीओ की मौजूदगी में मांट विकास खंड स्थित गांव उधर में तीन हजार कदंब के पौधे लगाना प्रारंभ कर दिया। इसमें १.२३ लाख की लागत आएगी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ब्रज के प्राचीन स्वरूप को बनाए रखने तथा पर्यावरण संतुलन की दृष्टि से सीडीओ अजय शंकर पांडेय ने जनपद में ‘कदंब वन लगाओ’ अभियान शुरू कराया है। इस योजना के अनुसार हरेक विकास खंड में कम से कम एक कदंब वन लगाना है। बुधवार को सीडीओ ने मांट विकास खंड के गांव उधर में कदंब वन योजना का सूत्रपात किया। टीम के साथ पहुंचे सीडीओ ने स्वयं पौधा लगाकर अभियान का महत्व बताया। यहां तीन हजार कदंब के पौधे लगाए जाने की योजना है। इसमें १.२३ लाख रुपये की लागत आएगी। उन्होंने प्रत्येक ग्रामीण से एक पौधा गोद लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण पौधा गोद लेंगे और उस पर अपना नाम अंकित कराकर उसकी समुचित देखभाल करेंगे तो कदंब वन पनपने से कोई नहीं रोक सकेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;सिक्स लेन पर रिफायनरी का बैरियर&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.18)। दिल्ली से आगरा तक करीब 200 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को सिक्स लेन करने की प्रक्रिया में मथुरा रिफायनरी बैरियर बन रही है। गृह मंत्रालय ने परिवहन मंत्रालय को लिखे पत्र में चिंता जताई है कि पहले से ही संवेदनशील रिफायनरी हाइवे चौड़ीकरण से और खतरे में पड़ जायेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;समय-समय पर सुरक्षा बरतने के दिशा-निर्देशों में मथुरा रिफायनरी को प्राथमिकता पर रखा जाता है। फोर लेन दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल किनारे स्थित रिफाइनरी लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर है। सुरक्षा एजेंसियों से इस आशय की रिपोर्ट मिलने के बाद मथुरा रिफाइनरी की सुरक्षा को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार पहले से चिंतित हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नेशनल हाइवे को सिक्स लेन बनाने जा रहा है। इसके लिये सर्वे आदि हो चुका है। हाइवे के सिक्स लेन बनने पर एक ओर रिफायनरी की चारदीवारी करीब-करीब नेशनल हाइवे से छू जायेगी तो दूसरी ओर रिफायनरी की पानी की पाइप लाइन और सीवर लाइनें क्षतिग्रस्त हो जायेंगी। रिफायनरी के कई महत्वपूर्ण प्लांट चारदीवारी के समीप हैं। गृह मंत्रालय में डिप्टी सेकेट्री एनआई चौधरी ने इस चिंता से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेट्री पीके त्रिपाठी को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;हाईवे चौड़ीकरण से मथुरा रिफायनरी को खतरा&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.18)। दिल्ली से आगरा तक करीब दो सौ किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन बनाने के निर्णय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की पेशानी पर बल डाल दिया है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने हाइवे के चौड़ा होने की स्थिति में पहले से आतंकियों के निशाने पर रहे मथुरा रिफाइनरी की सुरक्षा को और खतरा बता दिया है। इस बारे में रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अफसर ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय (रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे)के एक बड़े अधिकारी को पत्र लिखकर मथुरा रिफाइनरी के आसपास दो किलोमीटर के दायरे में नेशनल हाइवे को सिक्स लेन न बनवाने के लिये भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व यूपी सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अफसर ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि मथुरा रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;फोर लेन दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल किनारे स्थित आईओसीएल रिफाइनरी लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर है। सुरक्षा एजेंसियों से इस आशय की रिपोर्ट मिलने के बाद मथुरा रिफाइनरी की सुरक्षा को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार पहले से चिंतित हैं। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नेशनल हाइवे को सिक्स लेन बनाने जा रहा है। इसके लिये सर्वे आदि की औपचारिकता पूरी की ली गई है। हाइवे के सिक्स लेन बनने पर एक ओर रिफाइनरी की चारदीवारी करीब-करीब नेशनल हाइवे से छू जायेगी तो दूसरी ओर रिफाइनरी की पानी की पाइप लाइन और सीवर लाइनें क्षतिग्रस्त हो जायेंगी। रिफाइनरी के कई महत्वपूर्ण प्लांट चारदीवारी के समीप हैं। जाहिर है, ऐेसे में मथुरा रिफाइनरी अधिक महफूज नहीं रह पायेगी। इस बारे में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय की चिंता बढ़ गई है। डिप्टी सेकेट्री एनआई चौधरी ने इस चिंता से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेट्री पीके त्रिपाठी को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। श्री चौधरी ने मथुरा रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताते हुये कहा है कि इसके साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। इसलिये रिफाइनरी के आसपास करीब दो किमी दायरे में नेशनल हाइवे का चौड़ीकरण न कराया जाये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-5150422740142848625?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/5150422740142848625/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=5150422740142848625' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5150422740142848625'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5150422740142848625'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-19.html' title='2010-08-19 ब्रज समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGx5RsJ_pJI/AAAAAAAAB9s/ZxmkTdLEuEk/s72-c/0817_keshavamth13_int-1_1282082544_m.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-7120622502227039650</id><published>2010-08-18T09:17:00.000-07:00</published><updated>2010-08-18T09:17:03.620-07:00</updated><title type='text'>2010-08-18 ब्रज समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;प्रेम उपासना का रूप : वागीश&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (अमर उजाला, अगस्त १८, २०१०) : रमण रेती मार्ग स्थित ठाकुरजी आश्रम में सत्य सनातन सेवार्थ संस्थान द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भागवताचार्य  आचार्य मारुतिनन्दन वागीश ने कहा कि कृष्ण कथा से दैहिक, दैविक और भौतिक ताप नष्टा होते हैं । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि मन को भगवान् के चरण्णों में लगाना  चाहिए और तन से भगवान् के द्वारा बनाए गए संसार की सेवा करनी चाहिए । गोपियों के जीवन में यही दो बातें थीं, जिसके कारण भगवान उसके साथ लीला बिहारी बन गए । वागीश ने बताया कि प्रेम उपासना का रूप है । उन्होंने रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस अवसार पर कृष्णकुमार अग्रवाल, विधा अग्रवाल, पुष्पा अग्रवाल, भगवती सोमानी, अंजु अग्रवाल, विनोद विहारी शास्त्री, संतोष शास्त्री आदि उपस्थित थे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;महापुरुषों के चरण पड़ने से तीर्थ बन जाता है स्थान&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;गुरुदेव करह बिहारी की जयंती मनाई&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन : करह आश्रम में गुरुदेव करह बिहारी का जयंती महोत्सव विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस अवसर पर आयोजित विद्वत संगोष्ठी में स्वामी जगदानंद महरज ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास  ने अपने पराए का भेद मिटाकर संदेश दिया कि संत सभी के होते हैं । जो भी उनके पास आता है, जैसी भावना लेकर आता है, उसे वैसा ही फल देते हैं ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्रीनाथ शास्त्री ने कहा कि संत अनंत के समान होते हैं । किशोरी रमणाचार्य ने कहा कि तुलसीदासजी ने सभी धर्मों का सभी संप्रदायों का समन्वय किया । रज बाबा ने रामदास बाबा को तुलसीदास का ही अवतार बताया । संतदास महरज ने कहा कि महापुरुषों की पद रज पाए बिना किसी के जीवन में भक्ति नहीं आ सकती ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;महंत सच्चिदानंददास एवं सुतीक्ष्णदास महरज ने कहा कि महापुरुषों के चरण जहां पड़ जाएं, वह स्थान तीर्थ बन जाता है । सेवानंद ब्रह्मचारी महरज ने महाराजश्री के जीवन पर प्रकाश डाला । महंत वैष्णवदास, शैलेंद्र पांडे, बाबा अनिरुद्धाचार्य, रंगीली बाबा, श्यामसुंदर, पं. विहारीलाल वशिष्ठ, रामदास सिद्धा आदि उपस्थित थे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;तुलसीदास के बताए मार्ग पर चलें&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन : ब्राह्मण महासभा द्वारा तुलसी जयंती महोत्सव का आयोजन शक्खर सिंधी धर्मशाला में किया गया । महोत्सव में सुशीलचंद्र शर्मा ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने विश्व को रामचरित मानस के रूप में पथ प्रदर्शक दिया है । इसके अनुसार चलने पर मानव का कल्याण होता है । इसके अवसर पर जिलेदार शुक्ल, रमेशचंद्र गौतम, अयोध्या शास्त्री, वंशी शुक्ला आदि मौजूद थे । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;विहारघाट स्थित निंबार्क जूनियर हाईस्कूल में तुलसी जयंती पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रधानाचार्य ब्रजकिशोर त्रिपाठी ने प्रकाश डाला । प्रतियोगिता में प्राथमिक वर्ग में गोविन्द त्रिपाठी प्रथम, राधिका श्रीवास्तव द्वितीय तथा ऋषभ शर्मा तृतीय स्थान पर रहे । जूनियर वर्ग में कृष्णांगी त्रिपाठी, श्रीकांत पालीवाल और रोहित गौतम ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस अवसर पर राकेश पाठक, नरेंद्र गुप्ता, पूनम चतुर्वेदी आदि थे । अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा गोस्वामी तुलसीदास के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर् संगोष्ठी का शुभारंभ किया था । इस अवसर पर अध्यक्सा अतुल कृष्ण गोस्वामी, नंददास महाराज, पं. बिहारीलाल वशिष्ठ, गिरधारी शुक्ला आदि थे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;भगवान राम जन-जन की आस्था के प्रतीक&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;राम रूप सज्जा प्रतियोगिता आयोजन&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन : भगवान राम जन-जन की आस्था के प्रतीक हैं । उनका संपूर्ण जीवन सभी के लिए अनुकरणीय है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यह विचार किशन स्वरूप अस्थाना ने प्रताप बाजार ट् सरस्वती शिशु ंं ं वृन्दावन बाल विकास मंच द्वारा आयोजित मानस मुक्ताक्षरी प्रतियोगिता एवं राम रूप सज्जा प्रतियोगिता के अवसर पर व्यक्त किए । रामगोपाल गुप्ता ने कहा कि राम रूप सज्जा प्रतियोगिता का यह आयोजन प्रशंसनीय और सराहनीय है । निर्णायक परमानन्द गुप्त एवं चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने बच्चों से प्रतिदिन रामचरित मानस की एक चौपाई पढ़ने और याद करने को कहा । इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं गोस्वामी तुलसीदास के चित्रपट पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रतियोगिता तीन वर्गों में आयोजित की गई । इसमें जगन्नाथ प्रसाद गणेशी लाल बजाज चल वैजयंती सरस्वती शिशु मंदिर ने, जूनियर वर्ग की स्वामी मुकुंद हरि महरज चल वैजयंती मां श्यामा बाल शिक्षा संस्थान एवं स्वामी मेघश्याम चल वैजयंती हनुमान प्रसाद धानुका विद्या मंदिर ने जीती ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रतियोगिता में हजारीमल सोमानी इंटर कालेज, परमेश्वरी देवी धानुका विद्या मंदिर, प्रोग्रेस पब्लिक स्कूल, श्रीजी विद्या मंदिर, टैगोर बाल मंदिर के छात्रों ने भाग लिया । इस अवसर पर ईश्वर प्रसाद, लाल सिंह, कृष्णकुमार अग्रवाल, संजय शर्मा, कौशल किशोर भट्ट आदि उपस्थित थे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रतियोगिता में हजारीमल सोमानी इंटर कालेज, परमेश्वरी देवी धानुका विद्या मंदिर, प्रोग्रेस पब्लिक स्कूल, श्रीजी विद्या मंदिर, टैगोर बाल मंदिर के छात्रों ने भाग लिया । इस अवसर पर ईश्वर प्रसाद, लाल सिंह, कृष्णकुमार अग्रवाल, संजय शर्मा, कौशल किशोर भट्ट आदि उपस्थित थे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-7120622502227039650?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/7120622502227039650/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=7120622502227039650' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/7120622502227039650'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/7120622502227039650'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-18.html' title='2010-08-18 ब्रज समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-9040552077910983727</id><published>2010-08-18T06:16:00.000-07:00</published><updated>2010-08-18T06:16:00.082-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.४१-४३</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbFgNp2ZaI/AAAAAAAAB5o/J3zfiTFspYw/s1600/varshana_pict2594.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbFgNp2ZaI/AAAAAAAAB5o/J3zfiTFspYw/s400/varshana_pict2594.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;बरसाने का दृश्य (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;त्रिभङ्गीमुत्तुङ्गीकृतरसतरङ्गैर्नवनवो-&lt;br /&gt;न्मदानङ्गे नीलोज्ज्वलघननिभाङ्गे दधदहो ।&lt;br /&gt;लसद्बर्होत्तंसी मणिमयवतंसी व्रजकुला&lt;br /&gt;बलानीविस्रंसी स्फुरतु मम वंशीमुखहरिः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;अहो ! उच्च उच्चरस तरङ्ग मय नित्यनवीन उन्माद करने वाली कामक्रीड़ा में चञ्चल, उज्ज्वल मेघ के सदृश अङ्गों से जो त्रिभङ्ग हो रहे हैं, मोरपुच्छ एवं मणिमय  कुण्डलधारी ब्रज की अबलाओं का नीविबन्धन शिथिल करने वाले मुख पर वंशीधारी श्रीहरि हृदय में स्फुरित हों ॥३.४१॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;राधाकृष्णानङ्गतृष्णामहाब्धि-&lt;br /&gt;निर्मर्यादं वर्धयन् नित्यमेव ।&lt;br /&gt;सान्द्रानन्दापारसर्वोर्ध्वपार-&lt;br /&gt;श्रीमद्वृन्दाकाननं पीणनं नः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;जो श्रीराधा-कृष्ण की कामतृष्णा के महासमुद्र की निरन्तर ही असीम वृद्धि करता है एवं जो आनन्दधनराशि के अपार सर्वोत्तम सौन्दर्य तथा सौभाग्य से युक्त है, वही श्रीवृन्दावन ही हमारा प्रीतिस्थल है ॥३.४२॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;केकाभिर्मुखरीकृताखिलदिशो नृत्यन्त्यहो केकिन-&lt;br /&gt;श्चूतानां विटपे कुहूरिति मुहुः कूजन्त्यहो कोकिलाः ।&lt;br /&gt;गायन्ति प्रतिपुष्पवल्लिमधुरं भृङ्गाङ्गनाः सर्वतः&lt;br /&gt;प्रोन्मीलन्ति विचित्रदिव्यकुसुमामोदाश्च वृन्दावने ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;अहो ! श्रीवृन्दावन आनां मोर अपनी केकाध्वनि से दशों दिशाओं को मुखरित कर नृत्य करते हैं, कोकिलाएं आनम्रवृक्षों पर बारबार कुहूकुहू शब्द कर रही हैं, भंवरे इधर उधर प्रति पुष्पलता पर मधुर गान कर रहे हैं, विचित्र दिव्य फूलों की सुगन्धि चारों दिशाओं को सुवासित कर रही है ॥३.४३॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-9040552077910983727?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/9040552077910983727/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=9040552077910983727' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/9040552077910983727'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/9040552077910983727'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_18.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.४१-४३'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbFgNp2ZaI/AAAAAAAAB5o/J3zfiTFspYw/s72-c/varshana_pict2594.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-1823142378709914836</id><published>2010-08-17T06:13:00.000-07:00</published><updated>2010-08-17T06:13:00.416-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.३८-४०</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbEiG0z3RI/AAAAAAAAB5g/ATbgGkw-Cns/s1600/temples-temples_rk.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbEiG0z3RI/AAAAAAAAB5g/ATbgGkw-Cns/s400/temples-temples_rk.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;राधाकुण्ड (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;थुत्कारयन्तौ भजतां सर्वानन्दरसोन्नतीः ।&lt;br /&gt;यो भजेन् नित्यमेकेन भावेन तमहं भजे ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;वे श्रीराधा-कृष्ण भजनानन्दी जनों के सब प्रकार के आनन्द रस की पराकाष्ठा को भी थुत्कार करके विराजमान हैं, जो एकान्त भाव से नित्य इन का भजन कर सकता है, मैं उसका भजन करता हूं ॥३.३८॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;त्रैगुण्यातीतपूर्णोज्ज्वलविमलमहाकामराजात्मदिव्य-&lt;br /&gt;ज्ज्योतिः स्वानन्दसिन्धूत्थितमधुरतरद्वीपवृन्दावनान्तः ।&lt;br /&gt;श्रीराधाकृष्णतीव्रप्रणयरसभरोदञ्चरोमाञ्चपुञ्जाः&lt;br /&gt;कुञ्जालिष्वात्मनाथद्वयपरिचरणव्यग्रगोपालबालाः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;त्रिगुण सत-रज-तम रहित पूर्ण उज्ज्वल विमल महाकामराज स्वरूप दिव्य ज्योति के स्वानन्द सागर से प्रकट हुए मधुरतर द्वीप के समान जो श्रीवृन्दावन है, उसके कुञ्जों में श्रीराधा-कृष्ण के तीव्र प्रेमरस में पूर्ण होकर पुलकित शरीर से अपने प्रियतम नाथ श्रीयुगलकिशोर की सेवामें गोप बालाएं संलग्न हैं ॥३.३९॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;काञ्चीमञ्जीरकेयूरकवलयघटारत्नताटङ्करम्याः&lt;br /&gt;श्रीमन्नासाग्रलोलन्मणिकनकलसन्मौक्तिकाश्चित्रशाटीः ।&lt;br /&gt;सुश्रोणीश्चारुमध्या रुचिरकुचतटीः कञ्चुकोद्भासिहारा&lt;br /&gt;लोलद्वेण्यग्रगुच्छाः स्मर कनकरुचीर्दासिका राधिकायाः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जो मेखला, नूपुर, बाजुबन्द, कङ्कण एवं अनेक रत्न जटित अंगूठी आदि भूषणों से सुशोभित हैं, जिनके सुन्दर नासाग्र भाग में मणि एवं सुवर्णयुक्त मुक्ता डोलायमान हैं, परिधान में विचित्र साड़ी है, कटिदेश अति सुन्दर एवं जिन की कञ्चुकी पर चमकते हुए हारों की छटा है, वेणियों के गुच्छे आन्दोलित हो रहे हैं, ऐसी स्वर्णवर्ण विशिष्ट श्रीराधिका की दासियों को स्मरण कर ॥३.४०॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-1823142378709914836?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/1823142378709914836/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=1823142378709914836' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1823142378709914836'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1823142378709914836'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_17.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.३८-४०'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbEiG0z3RI/AAAAAAAAB5g/ATbgGkw-Cns/s72-c/temples-temples_rk.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-5418949499736278899</id><published>2010-08-17T03:42:00.000-07:00</published><updated>2010-08-17T03:44:13.020-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Sravan Shiva Puja'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Rain'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Nag Panchami'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Baba Jaharbir'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Nala'/><title type='text'>2010-08-17 ब्रज समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;बाबा जाहरवीर के भक्त आराध्य की जय-जयकार करेंगे&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.16) । बाबा जाहरवीर का भक्त समुदाय बुधवार को अपने आराध्य की जय-जयकार करेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नव युवक छल्ला कमेटी सायंकाल 5 बजे वृंदावन दरवाजा स्थित बाबा के मंदिर से धूमधाम से शोभायात्रा निकालेगी। रात्रि में जागरण एवं अखाड़ेवाजी का प्रदर्शन किया जाएगा। कमेटी सत्यदेव शर्मा, शिवचरन लाल, संतोष भाई, मदन चौधरी, सोनू शर्मा, धनपत शर्मा एवं योगेश शर्मा ने सभी भक्तों से आयोजन में भाग लेने का आग्रह किया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गोगाजी का छड़ी महोत्सव बुधवार को भक्त मंडल कृष्णा नगर स्थित शास्त्री नगर में मंगलवार को भक्ति भाव से मनाएगा। यहां मौजूद मंदिर में पुष्प बंगला संजेगा और कलाकार बाबा गुणगान करेंगे। महंत शिव कुमार ने अनुयायियों से उत्सव में आने का आग्रह किया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;संतों के प्रस्ताव पर सहमति के हस्ताक्षर करा रही विहिप&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.16) । राम जन्म भूमि मंदिर पर अदालत का फैसला आने वाला है तो दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद व उसके सहयोगी संगठनों ने सक्रियता बढ़ा दी है। मंदिर निर्माण पर संतों के प्रस्ताव के बहाने गांव-गांव जन जागरण शुरू किया गया है। श्री हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान अभियान अगले तीन महीने तक चलेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;विश्व हिंदू परिषद व उसके सहयोगी संगठन अगले तीन माह तक गांव-गांव इस अनुष्ठान को करेंगे और मंदिर निर्माण पर संतों के पारित प्रस्ताव पर सहमति व समर्थन जुटाएंगे। इसके लिए आम जन से हस्ताक्षर कराए जाएंगे। अभियान सोमवार को तुलसीदास जयंती पर देश भर में शुरू किया गया है।\&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा में बजरंग चौराहे पर सायं के समय अनुष्ठान शुरू किया गया। इसमें परिषद के राष्ट्रीय नेता आचार्य गिरिराज किशोर भी आने वाले थे, लेकिन भारी बारिश के कारण उनका आगमन एैन मौके पर स्थगित हो गया। इस बीच अनुष्ठान कार्यक्रम ब्रज मंडल के प्रमुख संत श्री चित्प्रकाशानंद की उपस्थिति में शुरू हुआ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में हनुमान चालीसा का सामूहिक पारायण किया गया और भव्य मंदिर के समर्थन में हस्ताक्षर कराए गए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष ठा. ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि अक्षय नवमी तक चलने वाले इस अभियान में संपूर्ण हिंदू समाज को जागृत किया जाएगा और संगठित समाज की शक्ति से केंद्र व प्रदेश के सरकारों को अवगत कराया जाएगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;ब्रज पर बरसे इन्द्रदेव&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.16)। श्रावण के चौथे सोमवार को इंद्र भगवान ने ब्रज भूमि पर घनघोर वर्षा की। मूसलाधार बारिश ने सुबह से बनी हुई उमस को ठंडा कर दिया, पर जनजीवन भी ठप कर दिया। शहर को आने वाले सभी रास्ते पानी से ब्लाक हो गए तो घनी बस्तियों में भी नाले-नालियां उफन उठे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सोमवार सायं ठीक 5.25 से शुरू हुई मूसलाधार बारिश एक घंटा से भी ज्यादा समय तक जारी रही। बरस रहे पानी के वेग से पूरे शहर का जनजीवन कई घंटे के लिए जाम हो गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चौक बाजार, डोरी बाजार में दुकानों के अंदर पानी चला गया। इससे दुकानदारों का एक बार फिर नुकसान हुआ है। यहां एक रिक्शा सड़क पर तेज गति से बह रहे पानी में यमुना की ओर बह गया, जो किसी तरह बेरीकेडिंग पर जाकर रुका। यहां मंडी राम दास और डोरी बाजार में दुकानदारों ने बारिश शुरू होने के कुछ देर बाद ही शटर गिरा दिए। यही हाल छत्ता बाजार में भी रहा। यहां होली गेट के भीतर दोनों ओर की दुकानें बंद हो गयीं। तमाम दुकानों में पानी भर गया। होली गेट बाहर पानी के जमाव से यातायात ठप हो गया। एक कार इंजन में पानी भर जाने से जलभराव में फंस गयी तो कई रिक्शे सड़क खराब होने से पलट गए। दोनों ओर की दुकानों में पानी भर गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क्वालिटी तिराहे से डैंपीयर नगर के मार्ग पर भी सड़क का भरा पानी दुकानों के अंदर घुस गया। बीएसए कालेज से लेकर भूतेश्वर तिराहे तक भारी जलभराव बना रहा। मसानी चौराहे व डीग गेट तिराहे पर भी स्थिति ऐसी ही रही। और तो और कोतवाली से लेकर गोविंद गंज व होली गेट की सड़क पर फुटपाथ भी जलभराव से भर गए।&lt;br /&gt;शहर भर के नाले उफनते देखे गए। अंबेडकर नगर कालोनी समेत कई निचले इलाके में बनी बाहरी कालोनियां पूरी तरह जलमग्न हो गयीं।&lt;br /&gt;मूसलाधार बारिश से शहर भर में मार्ग लॉक हो गए। लोग जहां के तहां फंस गये। वाटर लाकिंग कई जगह देर रात तक बनी रही। नए बस स्टेंड की रेलवे पुलिया का नासूर फिर से उभर आया तो भूतेश्वर रेलवे पुलिया के नीचे भी जलभराव रहा। महोली रोड पर शक्ति नगर, दीप नगर, मानस नगर आदि इलाकों में नाले का उल्टा बहाव जलभराव को निकलने &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;खूब हुई नाला सफाई, पर अटी रही सिल्ट&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.16)। कई बार सही समय पर समस्या प्रबंधन न होने का खामियाजा बार-बार भुगतना पड़ता है। नाला सफाई में पालिका प्रशासन का पैसा और समय तो खराब हो ही रहा है, जबकि नाले साफ न कराए जाने की शिकायतें भी वह झेल रही है। फलस्वरूप अगले सत्र से क्रमश: वार्ड वार सफाई कराने की योजना है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पालिका बोर्ड के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में एक बार ठेका उठाकर नाला सफाई करायी गयी थी। उसके अगले साल पालिका प्रशासक ने नवंबर माह से अभियान चलाया, पर अधूरा ही रहा। इसके बाद के सालों में जब-तब सफाई कार्य कराया जाता रहा, पर नाले साफ न कराने की तोहमत पालिका पर लगी हुई है। बता दें कि ठेका उठाकर अथवा पालिका अपनी ओर से मानसून पहले साफ सफाई करा देती तो शायद उसे बाद के महीनों में एक-एक नाले को बार-बार साफ न कराना पड़ता, पर अब स्थिति ऐसी है कि मानसून की बारिश पिछले महीने में जब कुछ समय के लिए बंद हुई तो कई नाले साफ करा दिए गए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सौंख रोड नाले की सिल्ट तो इन दिनों भी निकाली जा रही है। अधिशासी अधिकारी ने खुद कई नाले साफ करवाए हैं। जानकारों की मानें तो कई नाले इस साल में कई-कई बार साफ हो चुके हैं। लेकिन सिल्ट अटी हुई है और जलभराव की समस्या है कि खत्म ही नहीं हो रही। यही हाल डीग गेट नाला और अंबाखार नाले का है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पिछले महीने नाले साफ न कराए जाने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए तो भी नाले साफ कराए गए थे। जानकारों की मानें तो नालों से सिल्ट तो निकाली जा रही है, पर अतिक्रमण की वजह से कई पेच बचे हुए हैं। इनके कारण बारिश का पानी निकल नहीं पाता और जलभराव हो जाता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;घर-घर पूजे विषधर, दूध पिलाया जीभर&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010.08.16)।। सृष्टि के संचालक श्री हरि की शैया बने और अपने फन पर प्रथ्वी को धारण करने वाले शेषनाग के वंश की प्रभु नगर में घर-घर पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने प्रतीक एवं जीवित विषधरों को जी भर दूध पिलाया और पकवानों का भोग अर्पित किया। भक्त महिलाएं प्राचीन नाग टीले पर भी पहुंची और महाशिव की मेघला के आधार देव का श्रद्धा व भक्ति भाव से वंदन किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भक्ति से परिपूर्ण नारीयों ने अपने घरों में नाग देवता के चित्र बनाये। परंपरा के अनुसार पूजन किया। घरों में तैयार किये गये पकवान, मिष्ठान एवं दुग्ध इत्यादि खाद्य व पेय सामग्री अर्पित की। इस दौरान महिलाओं ने अपने परिवार पर दया कर मनोकामना पूर्ण करने की याचना की। नाग पंचमी के इस धार्मिक पर्व पर नाग टीले पर सुबह से लेकर सायंकाल तक महिला-पुरुषों एवं बच्चों का तांता लगा रहा। नाग साथ रखकर परिवार को भरण पोषण करने वालों ने मंदिरों, आम रास्तों तथा घर-घर पहुंचकर भक्तों को दर्शन का लाभ कराया। पं. अजय तेलंग एवं आचार्य भोला बाबा महाराज ने कालसर्प योग शांति यज्ञ आयोजित कर भक्तों को लाभान्वित करने का प्रयास किया। इस दौरान मंत्र उच्चारण संग आहुतियां दी गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा ब्यूरो। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को शिवालय व मंदिरों में दर्शनार्थियाें का तांता लगा रहा। इसमें लोगों ने मंदिरों में विशेष तौर पर पूजा अर्चना की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शहर के गल्तेश्वर महादेव, शहर कोतवाल भूतेश्वर मंदिर, रंगेश्वर महादेव, पिपलेश्वर महादेव सहित सैकड़ाें मंदिरों में श्रावण मांस के सोमवार को श्रद्धालुओं की दिनभर भीड़ लगी रही। महिलाओं ने बिल्व पत्र तथा फूलों से भगवान भोले नाथ, शिव परिवार, पंच परिवारों की विशेष पूजा अर्चना कर मनौती मांगी। इसके अलावा आगरा में सिकंदरा स्थित कैलाश मंदिर पर होने वाली विशेष पूजा व परिक्रमा के चलते हाईवे के रूट डायवर्ट कर दिए। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसमें दिल्ली से आगरा जाने वाले वाहनों को टाउनशिप तिराहे से राया सादाबाद तथा बल्देव सादाबाद होकर गुजारा वही हाईवे को एत्मादपुर आगरा से डायवर्ट कर सादाबाद, मुड़ी की चौराहा होते हुए बल्देव को डायवर्ट का मथुरा की ओर निकाला। इससे हाईवे पर जाम के हालात बने रहे। बार-बार जाम लगने पर ट्रैफिक व सिविल पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-5418949499736278899?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/5418949499736278899/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=5418949499736278899' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5418949499736278899'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5418949499736278899'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/dj-2010.html' title='2010-08-17 ब्रज समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-6229521256450956200</id><published>2010-08-16T19:38:00.000-07:00</published><updated>2010-08-17T03:34:08.244-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jayant Mathur'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Yamuna Expressway'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Sarva Daliya Kisan Sangharsha Samiti'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Rambabu Kateliya'/><title type='text'>यमुना एक्सप्रेस-वे पर किसान नाराज</title><content type='html'>&lt;h3&gt;कटेलिया की रिहाई पर अड़े बाजना के ग्रामीण&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;table cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="float: left; margin-right: 1em; text-align: left;"&gt;&lt;tbody&gt;&lt;tr&gt;&lt;td style="text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGpkFcI5F3I/AAAAAAAAB9I/ednaAfkWXVg/s1600/2010.08.16.Burning+steamroller.aspx" imageanchor="1" style="clear: left; margin-bottom: 1em; margin-left: auto; margin-right: auto;"&gt;&lt;img border="0" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGpkFcI5F3I/AAAAAAAAB9I/ednaAfkWXVg/s320/2010.08.16.Burning+steamroller.aspx" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td class="tr-caption" style="text-align: center;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="border-collapse: separate; color: black; font-family: 'Times New Roman'; font-size: medium; font-style: normal; font-variant: normal; font-weight: normal; letter-spacing: normal; line-height: normal; orphans: 2; text-indent: 0px; text-transform: none; white-space: normal; widows: 2; word-spacing: 0px;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="border-collapse: collapse; font-size: small;"&gt;उग्र किसानों द्वारा फूंके गए वाहन धू-धू कर जलते हुए।&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;मथुरा/बाजना। सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू कटेलिया की शनिवार शाम की गई गिरफ्तारी के बाद से बाजना के आसपास के ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। ग्रामीण अलीगढ़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किसान नेता कटेलिया की रिहाई चाहते हैं। सबसे ज्यादा आक्रोश नौहझील विकास खंड के बाजना के पास ग्राम अवाखेड़ा और चांदपुर खुर्द के इर्द-गिर्द हैं। यहां के किसानों का कहना था कि उन्हें सिर्फ सकुशल रामबाबू कटेलिया चाहिए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ग्रामीणों ने शनिवार और रविवार को पुलिस के दो वाहन सहित आधा दर्जन ट्रक, डंफर, तीन रोड रोलर, एक के्रन, मिक्सर प्लांट एवं जनरेटर को आग के हवाले कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों को रोकने पहुंची पुलिस को जलालत भी झेलनी पड़ी। आक्रोश में की गई आगजनी के घंटों बाद फायर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने जले वाहनों को बुझाया। अवाखेड़ा पर ग्रामीणों को शांत कराने पहुंचे बरसाना और नौहझील के थाना प्रभारियों की जीप आंदोलनकारियों ने फूंक डाली। जान बचाकर भागती पुलिस में से एक दरोगा को पकड़ लिया। उसकी वर्दी तक उतरवा ली गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रविवार को दो बार अफसरों ने पीएसी के साथ अवाखेड़ा पर स्थिति को काबू करने की कोशिश की, लेकिन महिलाओं-बच्चों के अलावा किसानों के विरोध के आगे उनकी एक न चली। अवखेड़ा में सर्विस रोड ग्रामीणों ने अवरुद्ध कर रखी है। ७२ घंटे में भी वहां पहुंचने की हिम्मत पुलिस नहीं जुटा सकी है। ग्राम बाघई, चांदपुर खुर्द की महिलाएं, वृद्धा एवं बच्चे हाथों में हंसिया, मशाल, लाठी और खेती के काम आने वाले औजारों के साथ सड़क पर उतर आईं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आंदोलनकारी बरसात की परवाह किए बगैर भूखे-प्यासे कटेलिया की रिहाई तक आंदोलन जारी रखने की रट लगाए हुए हैं। ‘अमर उजाला’ टीम ने पुलिस प्रशासन की खिलाफत करने वाले इन ग्रामीणों के चेहरे पर गुस्सा साफ दिखा। हर किसी की जुबां पर मर-मिटने की बात थी। चांदपुर खुर्द निवासी ८० वर्षीय रामवती एवं अवाखेड़ा की रहने वाली ७० वर्षीय दीपो का कहना है कि जब हमारी जमीन ही नहीं रहेगी तो हम खायेंगे क्या। रविवार सुबह से ही किरन देवी (६५), केला देवी (७०), प्रभा (५०), बलवंती (७५), हरवान, दिनेश, आनंद, अमित, सुधीर सहित लगभग चार दर्जन महिलाएं, युवतियां और बच्चों ने ही अवाखेड़ा मार्ग की सर्विस लेन को पूरी तरह से अवरुद्ध कर रखा था। सोमवार की सायं तक आंदोलनकारी अवाखेड़ा पर जमे हुए थे। बरसात भी इनके इरादे नहीं डिगा पा रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उधर, यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण और कम मुआवजे के विरोध में अलीगढ़ के गांव जिकरपुर, कंसेरा में चल रहे सर्वदलीय धरन-अनशन में सोमवार को बाजना, मांट, राया और बलदेव क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। (Source AU)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;भैंसा की समस्याओं पर नहीं हो सकी बैठक&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ, 2010-08-16) । यमुना एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर अलीगढ़ के टप्पल में किसानों के मरने की घटना की चिंगारी स्थानीय जनपद के बाजना कस्बा में पहुंचने पर जिला प्रशासन ही नहीं, आगरा कमिश्नरी में भी बैठकें स्थगित हो गई। इसके चलते सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में रिफाइनरी से सटे गांव भैंसा की सड़क एवं पेयजल समस्या आदि के संबंध में बुलाई गई अधिकारियों एवं ग्रामीणों की बैठक न हो सकी। इसमें अपर जिलाधिकारी प्रशासन, एसडीएम सदर, सीओ रिफाइनरी, पीडब्लूडी एवं जल निगम आदि विभागों को आमंत्रित किया गया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;टप्पल एवं बाजना के घटनाक्रम के चलते सोमवार को जिला पंचायत सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक भी न हो सकी। इसमें मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की प्रगति समीक्षा की जानी थी। यह बैठक आगरा कमिश्नरी में इसी संबंध में होने वाली बैठक से पेशतर आहूत की गई थी। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की बैठक लखनऊ में 18 अगस्त को तय बताई गई। (DJ)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;बाजना के गांवों में आग अफवाह से भड़की&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;बाजना । अलीगढ़ में धरनास्थल से कटेलिया की गिरफ्तारी की खबर बाजना क्षेत्र में अफवाह बन कर फैली। कहा गया कि कटेलिया को एनकाउंटर के लिए उठाया गया है... उन्हें पुलिस की गोली लगी है... गोली लगने से उनकी मौत हो गई है आदि। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;‘अमर उजाला’ टीम से भी आंदोलनकारी अपने नेता की कुशलक्षेम पूछी। किसान महिला पुरुष व बच्चों ने कहा कि अगर उनके नेता का कुछ भी हुआ तो वे पुलिस प्रशासन को बख्शेंगे नहीं। उधर, जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी की टिप्पणी थी कि अलीगढ़ के प्रशासनिक अफसर भूल कर गए। उन्होंने अफवाहों को रोकने का प्रयास नहीं किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;बाजना कांड के विरोध में सपाइयों ने धरना दिया&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा। बाजना कांड के विरोध में सपाइयों ने सोमवार को धरना दिया। सपाइयों ने मृतक परिवारों को मुआवजा देने के अलावा किसान नेता रामबाबू कटेलिया को रिहा करने की मांग की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सोमवार को होलीगेट पर दिए गए धरने में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ठा ़ किशोर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की जमीन को जबरदस्ती अधिग्रहण कर व्यवसायी जेपी ग्रुप को दे रही है। इन जमीनों पर जेपी ग्रुप कारपोरेट कार्यालय व अन्य व्यावसायिक योजनाएं संचालित करेगा। नगर अध्यक्ष राजन रिजवी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का भला न कर व्यापारिक हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। व्यापार सभा के नगर अध्यक्ष विशाल खुराना ने कहा सरकार किसानों व गरीबों पर जुल्म ढा रही है। नगर उपाध्यक्ष पं राजेंद्र शर्मा ने कहा कि माया सरकार में नीतियां कृषि विकास न होकर व्यापारिक विकास को लेकर बनती हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस अवसर पर ऊषा चतुर्वेदी, शिवकुमार यादव, अजय शर्मा, विभोर गौतम, विराज खान, भूरी सिंह यादव, अजीत सिंह जीतू यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;अजित और जयंत के प्रवेश पर रोक&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा। जिला प्रशासन ने बाजना कांड के मद्देनजर १५ अगस्त से जिले में धारा १४४ लागू कर दी है। एडीएम (प्रशासन) कैलाश चंद्र के अनुसार रालोद मुखिया अजित सिंह और सांसद जयंत चौधरी के मथुरा जिले की सीमा में प्रवेश पर रोक लगा दी है। निषेधाज्ञा लागू होने के बाद किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को अन्य जनपद से मथुरा जनपद की सीमा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उधर, भाजपा में टप्पल में किसानों की हत्या और बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किए जाने से उबाल है। भाजपा नेता ठा. ओमप्रकाश सिंह, चिंताहरण चतुर्वेदी, नगर अध्यक्ष मुकेश खंडेलवाल एवं पूर्व नगर महामंत्री प्रदीप गोस्वामी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि किसानों को मुआवजा मिले और उनकी सभी मांगे मानी जाएं। किसानों की सुनवाई नहीं हुई तो भाजपा सड़क पर उतरकर न्याय दिलाएगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसके अलावा पूर्वमंत्री रविकांत के नेतृत्व में सभासद केके चौधरी, युवा नेता प्रमोद चौधरी, भूपेंद्र चौधरी आदि कार्यकर्ता जिकरपुर पहुंचे। यहां सायं तक किसानों की लड़ाई में कदम से कदम मिलाने का आश्वासन दिया। पूर्व सांसद चौ. तेजवीर सिंह एवं भाजपा नेता कृष्ण कुमार शर्मा मुन्ना के नेतृत्व में भी भाजपाईयों का टोल टप्पल की रवाना हुआ। जनपद से भाजपा नेता डा. देवेंद्र शर्मा, ठा. ओमप्रकाश सिंह, राजेश गुप्ता डब्बू मौजूद रहे। उधर, मनरेगा समिति के चेयरमैन ताराचंद गोस्वामी के नेतृत्व में अनु शर्मा, धर्म सिंह, बंटी सिद्दीकी, अजय उपाध्याय, विपती बघेल, माया देवी, मुन्नी देवी किसानों के आंदोलन में शिरकत करके संघर्ष का समर्थन दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-6229521256450956200?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/6229521256450956200/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=6229521256450956200' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/6229521256450956200'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/6229521256450956200'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_1325.html' title='यमुना एक्सप्रेस-वे पर किसान नाराज'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGpkFcI5F3I/AAAAAAAAB9I/ednaAfkWXVg/s72-c/2010.08.16.Burning+steamroller.aspx' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-4334402828506989324</id><published>2010-08-16T06:09:00.000-07:00</published><updated>2010-08-16T06:09:00.699-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.३५-३७</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbD1EZH-wI/AAAAAAAAB5Y/fxjpQ_WaBTE/s1600/temples-samadhis_siddhajaykri_kamyavan.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="400" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbD1EZH-wI/AAAAAAAAB5Y/fxjpQ_WaBTE/s400/temples-samadhis_siddhajaykri_kamyavan.jpg" width="300" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;सिद्धकृष्णदास बाबाजी महाराजकी समाधि, काम्यवन (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;अनुक्षणं सदाविष्टौ न विदन्तौ च किंचन ।&lt;br /&gt;कार्यमाणौ सखीवृन्दैर्भोजनाच्छादनादिकम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;वे श्रीराधा-कृष्ण हर क्षण ही सर्वदा आविष्टचित्त रहने से कुछ भी नहीं जानते, भोजन तथा वस्त्र धारण करने आदि का कार्य भी सखियों के द्वारा कराते हैं ॥३.३५॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;निर्मर्यादविवर्धिष्णुमहानन्दमहोन्मदौ ।&lt;br /&gt;गौरश्यामकिशोरौ तौ न्तियान्योन्याङ्गसङ्गिनौ ॥&lt;br /&gt;अनङ्गैकरसोदार श्रीवृन्दावनधामनि ।&lt;br /&gt;यापयान्तौ दिवानिशं केवलानङ्गकेलिभिः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;निरन्तर वृद्धिशील महानन्द के कारण महा उन्मत्त एवं नित्य एक दूसरे के अङ्गसङ्गी वे गौरश्याम युगलकिशोर एकमें कामरस विषय उत्सवपूर्ण श्रीवृन्दावनधाम में केवल कामकेलि समूह के द्वारा निशिदिन व्यतीत करते हैं ॥३.३६-३७॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-4334402828506989324?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/4334402828506989324/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=4334402828506989324' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/4334402828506989324'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/4334402828506989324'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_16.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.३५-३७'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail 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अभियान में शिरकत नहीं की।&lt;br /&gt;पुलिसकर्मियों ने एक तरफ से चेकिंग अभियान शुरू किया। पुलिसकर्मियों को टोलियों के रूप में भेजा गया। पुलिस ने हाइवे, बिग बाजार, रिफाइनरी मेनगेट, नौ नंबर गेट, बीपीसीएल, एसपीसीएल, बीडीएफ, औरंगाबाद तिराहा, अगनपुरा मोड़, रेलवे कालोनी मोड़, रेलवे स्टेशन बाद के अलावा गांव भैंसा, रिफाइनरी के पीछे का एरिया, गांव बाद आदि क्षेत्रों में सघन चेकिंग की। &lt;br /&gt;पुलिसकर्मियों ने जहां वाहनों की चेकिंग की, वहीं बिग बाजार के समीप कुछ लोगों से पूछताछ भी की। पुलिस की करीब दो घंटे तक चली इन गतिविधियों को लेकर हाइवे से गुजरने वाले वाहनों में सवार लोग कौतूहल रहा। हाइवे से गुजरने वाले वाहन में बैठे लोग पुलिस की इस सतर्कता का कारण जानने के लिए उत्सुक दिखाई दिए।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-2526418415950847722?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/2526418415950847722/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=2526418415950847722' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2526418415950847722'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2526418415950847722'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/sunday-august-15-2010.html' title=''/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-4339418305475397225</id><published>2010-08-15T20:26:00.000-07:00</published><updated>2010-08-15T20:26:03.948-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Ramvir Upadhyay'/><title type='text'>2010-08-15</title><content type='html'>&lt;h3&gt;तीन साल में प्रदेश का समग्र विकासः रामवीर &lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;फरह/मथुरा (AU Sunday, August 15, 2010) । प्रदेश के ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कहा है कि बसपा सरकार सर्वजन के हित में विकास कार्य करा रही है। जो काम कांग्रेस एवं अन्य सरकारें पिछले ६३ सालों में नहीं कर सकीं उसे माया सरकार ने तीन साल में कर दिखाया है। सरकार ने महामाया आर्थिक मद्द योजना, कांशीराम आवास जैसी योजनाएं चलाकर सर्वहारा वर्ग के आंसू पोंछने की कोशिश की है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ऊर्जा मंत्री शनिवार को ओल में बनने जा रहे ३३/११ केवीए के विद्युत सब स्टेशन के शिलान्यास कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नींव की ईट रखकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस विद्युत सबस्टेशन के निर्माण में २.२५ करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस सबस्टेशन को २२० केबी गोकुल बिजलीघर से जोड़ा जाएगा। निर्माण छह माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। इससे २८ गांवों को बिजली मिल सकेगी। अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री एवं मांट विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि बसपा के शासन में प्रदेश समग्र विकास की ओर बढ़ा है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस मौके पर एसडीएम राकेश मालपानी, सीओ प्रीति बाला, कोआपरेटिव अध्यक्ष डा. ललित शर्मा, लक्ष्मण प्रसाद, वीरी सिंह, बसपा नेता दीपक गौड़, विद्युत विभाग केडी प्रसाद, देवेंद्र पचौरिया, आरएन लाल, एससी गोयल, नीरज अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;बरसाना में प्रतिबंध के बाद भी अवैध खनन &lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU Sunday, August 15, 2010)। नंदगांव-कोसी रोड पर अवैध रूप से १४ के्रशर संचालित होने पर भारतीय किसान यूनियन एवं मान मंदिर बरसाना के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की। किसान नेताओं ने क्रेशर से बरसाना की पहाड़ियों पर हो रहे अवैध खनन एवं के्रशर संचालन पर रोक का हवाला देते हुए ज्ञापन सौंपा। २५ अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया। किसानों ने चेतावनी देते ऐसा नहीं होने पर के्रशरों के खिलाफ कठोर कदम उठाने का एलान कर दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिलाध्यक्ष हरेश ठेनुआं का कहना है कि डीएम ने २८ जून २०१० को क्रेशरों के भंडारण लाइसेंस पर रोक लगा दी थी। बावजूद के्रशरों से न केवल पहाड़ियों का अवैध खनन किया जा रहा है, बल्कि पत्थरों का भंडारण कर उन्हें पीसा जा रहा है। इन क्रेशर संचालकों के पास दो वर्ष से अधिक समय तक के भंडारण की अनुमति भी नहीं है। हो रहे अवैध खनन से उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन हो रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आदेशों के बावजूद क्रेशरों को हटाया नहीं गया है। उन्होंने डीएम से १४ क्रे शर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर बंद कराने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो ३१ अगस्त से प्रदेश भर के एक लाख किसान और कृष्ण भक्त आंदोलन कर इन क्रेशरों को स्वयं हटवा देंगे। प्रतिनिधिमंडल में बच्चू सिंह, सुनील सिंह शामिल थे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;सीतारामजी की झांकी को लोग निहारते रहे&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (AU Sunday, August 15, 2010)। मलूकपीठ सेवा संस्थान न्यास के तत्वावधान में चार दिवसीय सीताराम विवाह महोत्सव विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम के साथ मनाया गया। महोत्सव का शुभारंभ करते हुए महामंडलेश्वर कार्ष्णि गुरुशरणानंद महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम अपने देश की बहुमूल्य निधि हैं। राजस्थान संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष डा. राघवाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान राम असंख्य व्यक्तियों के प्रेरणा के स्त्रोत काल-कालांतर तक रहेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इससे पूर्व मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज के सानिध्य में संत-विद्वतजनों ने रामबारात में भाग लिया। शोभायात्रा में आगे भगवान गणेश, राधाकृष्ण, शिव-पार्वती, ब्रह्मा, विष्णु आदि की झांकियां चल रही थीं। शोभायात्रा में बैंडों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। यात्रा का लोगों ने जगह-जगह आरती उतारकर स्वागत किया। इस दौरान रथ में विराजमान भगवान राम और सीता के स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा नगर के प्रमुख माrgon &amp;nbsp;&amp;nbsp;से होते हुए मलूकपीठ पर जाकर समाप्त हुई। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस अवसर पर डा. गोपाल चतुर्वेदी, महंत शिवनंदनदास महाराज, महंत कमलदास महाराज, महंत सुतीक्ष्णदास, महंत फूलडोल बिहारीदास, रसिक किशोर, दीनबंधु, अनूप शर्मा, फतेहकृष्ण शर्मा, बाबा गोपालदास लघुसखी महाराज आदि थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-4339418305475397225?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/4339418305475397225/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=4339418305475397225' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/4339418305475397225'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/4339418305475397225'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-15.html' title='2010-08-15'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-1227840281360167674</id><published>2010-08-15T05:57:00.000-07:00</published><updated>2010-08-15T05:57:00.167-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.३१-३४</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbA1G0PQ7I/AAAAAAAAB5Q/a6zltGu-W3g/s1600/temples-samadhis_sanatanbhaja.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="400" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbA1G0PQ7I/AAAAAAAAB5Q/a6zltGu-W3g/s400/temples-samadhis_sanatanbhaja.jpg" width="300" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;सनातन गोस्वामिपाद का भजनकुटि (पावनसरोवर) (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;यदङ्गरुचिभिर्महाप्रणयमाधुरीवीचिभिर्&lt;br /&gt;विचित्रमवलोकयन् कनकचम्पकस्फूर्तिभिः ।&lt;br /&gt;विमुह्यति पदे पदे हरिरपूर्ववृन्दावने&lt;br /&gt;किशोरमिदमेव मे स्फुरतु धाम राधाभिधम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जिसकी महाप्रणय माधुरी की तरङ्ग युक्त स्वर्ण चम्पकवत् देदीप्यमान अङ्गकान्ति की विचित्रता देखकर श्रीहरि अपूर्व श्रीवृन्दावन में पद पद पर विमोहित हो जाते हैं, वह श्रीराधा नामक किशोर मूर्ति मेरे में स्फुरित हो, यह मेरी प्रार्थना है ॥३.३१॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;आश्चर्याश्चर्यनित्यप्रवहदतिमहामाधुरीसाररूप-&lt;br /&gt;श्रीकेलिप्रेमवैदग्ध्यतुलतरुणिमारम्भसौभाग्यपूरौ ।&lt;br /&gt;तौ गौरश्यामवर्णौ  सहजरतिकलालोललोलौ किशोरौ&lt;br /&gt;श्रीवृन्दारण्यकुञ्जालिषु सुललितैकान्तरत्या स्मरामि ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जो अत्याश्चर्यमय अति महामाधुरीसार विशिष्ट रूप, शोभासौन्दर्यादि केलि प्रेमवैदग्धी अतुलनीय नवीन यौवन तथा सौभाग्यराशि को धारण कर विराजमान हैं, एवं जो सहज रतिकला के आवेश में अत्यन्त चञ्चल हो रहे हैं, उन्हीं गौरश्याम श्रीयुगलकिशोर को श्रीवृन्दावन के कुञ्जों में सुललित एकान्त रति के साथ मैं स्मरण करता हूं ॥३.३२॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;असमोर्ध्वमहाश्चर्यरूपलावण्यशेवधी ।&lt;br /&gt;सदोत्तरङ्गप्रोत्तुङ्गमहानङ्गरसाम्बुधी ॥&lt;br /&gt;मिथः प्रेमातिवैक्लव्यात्त्रुट्यर्धेऽप्यवियोजिनौ ।&lt;br /&gt;सदोत्पुलकसर्वाङ्गौ सदा गद्गदभाषिणौ ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;तुलनीय महाश्चर्य रूपलावण्य के समुद्र एवं नित्य उत्तङ्ग तरङ्गों के समान आकुल महाकाम-समुद्रवत् श्रीयुगलकिशोर परस्पर अतिशय प्रेम की व्याकुलता के कारण अर्ध त्रुटि अति थोड़े समय के लिये भी एक दूसरे का विरह धारण सहन नहीं कर सकते । सब अङ्गों में सदा उच्च पुलकावलि करते हैं, एवं सदा गद्गदवाक्य बोलते हैं ॥३.३३-३४॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-1227840281360167674?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/1227840281360167674/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=1227840281360167674' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1227840281360167674'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1227840281360167674'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_15.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.३१-३४'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbA1G0PQ7I/AAAAAAAAB5Q/a6zltGu-W3g/s72-c/temples-samadhis_sanatanbhaja.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-3669066097340015089</id><published>2010-08-14T05:53:00.000-07:00</published><updated>2010-08-14T05:53:00.324-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.२८-३०</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbAMJH7fjI/AAAAAAAAB5I/yfoLT3N8q0E/s1600/temples-samadhis_sanatan.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbAMJH7fjI/AAAAAAAAB5I/yfoLT3N8q0E/s400/temples-samadhis_sanatan.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;श्री श्री मदनमोहन मन्दिर का प्राङ्गण (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;यत् पुष्पं घ्रातवन्तः सकृदपि पवनं वा स्पृशन्तः स्वरूपं&lt;br /&gt;लोकं वालोकयन्तः कमपि नतिकृतः कर्हिचिद्यद्दिशेऽपि ।&lt;br /&gt;यन्नामाप्येकवारं शुभमभिदधतः कीकटादौ च मृत्वा&lt;br /&gt;प्राप्स्यन्त्येवाञ्जसा तन् मुनिवर महितं धाम ये केचिदेव ॥ &lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;जिन्होंने जीवन में एकबार भी श्रीवृन्दावन के फूल को सूंघा है, वहां की वायु का स्पर्श किया है, उस श्रीवृन्दावनके स्वरूप का या वहां के किसी व्यक्ति का दर्शन किया है, उसका मङ्गलमय मधुर नाम एक बार भी उच्चारण किया है, वे कीकट (विहार) आदि देश में शरीर त्यागने पर भी शीघ्र ही श्रेष्ठ मुनिगण जिस की वन्दना करते हैं, इस श्रीवृन्दावन धाम को प्राप्त होंगे, इसमें संशय नहीं है ॥३.२८॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;यत्रैव प्रकटं किशोरमिथुनं तद्गौरनीलच्छवि&lt;br /&gt;श्रीशस्यापि विमोहनं स्मरकलारङ्गैकरम्याकृति ।&lt;br /&gt;सर्वानन्दकदम्बकोपरि चमत्कारं महादुर्लभं&lt;br /&gt;कंचित् प्रेमरसं स्रवत्तदखिलं क्षिप्त्वै हि वृन्दावनम् ॥ &lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;जहां लक्ष्मी और ब्रह्मादि को भी विमोहित करने वाले एकमें कामकला रङ्ग की मोहन मूर्ति गौरश्याम श्रीयुगलकिशोर विराजमान हैं, जहां सर्वानन्दराशि से भी अधिक चमत्कारी महादुर्लभ कोई अनिर्वचनीय प्रेमरस प्रवाहित हो रहा है, सर्वस्व त्यागकर उस श्रीवृन्दावन में आगमन कर ॥३.२९॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;ब्रह्मानन्दमयस्य निर्मलतमस्यान्तर्महाज्योतिषो&lt;br /&gt;ज्योतिर्भागवतं चकास्ति किमपि स्वानन्दसारोज्ज्वलम् ।&lt;br /&gt;तस्याप्यद्भुतमन्तरन्तरसमोर्द्ध्वाश्चर्यमाधुर्यभू-&lt;br /&gt;र्वृन्दारण्यमिह द्वयं भज सखे तद्गौरनीलं महः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;&lt;br /&gt;निर्मलतम ब्रह्मानन्दमय महाज्योति के बीच स्वानन्द का उज्ज्वल सार कोई एक भगवज्ज्योति प्रकाशित हो रही है, उस के भी बीच अद्भुत अतुलनीय माधुर्य भूमि यह श्रीवृन्दावन है । हे सखे ! इस स्थल पर उस गौरश्याम युगल विग्रह का भजन कर ॥३.३०॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-3669066097340015089?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/3669066097340015089/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=3669066097340015089' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3669066097340015089'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3669066097340015089'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_14.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.२८-३०'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFbAMJH7fjI/AAAAAAAAB5I/yfoLT3N8q0E/s72-c/temples-samadhis_sanatan.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-2378832479290685138</id><published>2010-08-13T05:35:00.000-07:00</published><updated>2010-08-13T05:35:00.665-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.२५-२७</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa-NE2qT0I/AAAAAAAAB5A/tezUwiiUzx4/s1600/temples-samadhis_raghunathdas.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="400" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa-NE2qT0I/AAAAAAAAB5A/tezUwiiUzx4/s400/temples-samadhis_raghunathdas.jpg" width="300" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;श्री रघुनाथदास गोस्वामी की समाधि, राधाकुण्ड (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;पुष्पात् पुष्पफलादिसम्पदखिलाश्चर्यं महामाधुरी&lt;br /&gt;पूरं दूरनिरस्तदुःखदुरितादुद्वर्धमानच्छवि ।&lt;br /&gt;सान्द्रानन्दसुधार्णवोदितमहाद्वीपेन्द्रुवृन्दावने&lt;br /&gt;वृन्दं सुन्दरशाखिनामनुदिनं वन्दे मुनीन्द्रैर्नुतम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;आनन्दघन समुद्र में उदित महाद्वीप के चन्द्र समान जो यह श्रीवृन्दावन है, उसमें प्रफुल्लित, फूलफलादि सम्पत्ति वाले, सबके लिये अथवा समस्त आश्चर्य को उत्पन्न करने वाले महामाधुर्य से पूर्ण दुःखपापादि को दूर फैंकने वाले, निरन्तर वृद्धशील कान्ति वाले एवं मुनीद्रगण भी जिनकी स्तुति करते हैं, ऐसे वृक्षों को प्रतिदिन मैं वन्दना करता हूं ॥३.२५॥&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;पुष्पश्रेणिविकाशहासयुतया गुच्छोरुवक्षोजया&lt;br /&gt;संश्लिष्टाः पुलकालिमण्डितलता वध्वाप्यहो सत्तमाः ।&lt;br /&gt;कृष्णध्यानरसान् मुहुः पुलकिनो माध्वीकधारास्रवो&lt;br /&gt;नात्मानं च परं च जानत इमे वृन्दाटवीशाखिनः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;अहो ! पुष्प के विकाशरूप हास्य से, फूलों के गुच्छरूप स्तनों से जो शोभित हैं, एवं पुलकरूप सखियों से जो वेष्टित हैं, ऐसी लतारूप वधुओं के द्वारा ये श्रीवृन्दावन के वृक्ष आलिङ्गित होकर श्री-कृष्ण के ध्यान रस में बारम्बार पुलकित हो रहे हैं,एवं मधुधारा के छल से अश्रु प्रवाह कर रहे हैं, ये अपना पराया कुछ भी नहीं जानते ॥३.२६॥&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;येषामादाय दिव्यं कुसुमकिशलयं तौ मिथः प्रेममूर्ती&lt;br /&gt;गौरश्यामौ किशोरावति चतुरतमौ वेणिचूडादि कृत्वा ।&lt;br /&gt;पौष्पं निर्माय गेहं शयनमथ फलं प्राश्य सीधूनि पीत्वा&lt;br /&gt;दुर्वाते दिव्यकेलिं त उरुतरुवरा भान्ति वृन्दावनीयाः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;जिनके दिव्य पुष्प और पल्लव लेकर वे प्रेम मूर्ति अति चतुरतम गौर श्याम युगलकिशोर परस्पर वेणी व चूड़ा बनाते हैं, एवं पुष्प गृह और पुष्पशय्यादि की रचना करते हैं, जिनके फल भोजन करके तथा विविध मधुपान करके वे दिव्य केलि में प्रवृत्त होते हैं, वे श्रीवृन्दावन के महावृक्षराज शोभा पा रहे हैं ॥३.२७॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-2378832479290685138?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/2378832479290685138/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=2378832479290685138' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2378832479290685138'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2378832479290685138'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_13.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.२५-२७'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa-NE2qT0I/AAAAAAAAB5A/tezUwiiUzx4/s72-c/temples-samadhis_raghunathdas.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-3622609495287582122</id><published>2010-08-13T00:53:00.000-07:00</published><updated>2010-08-13T00:53:45.603-07:00</updated><title type='text'>2010-08-12</title><content type='html'>&lt;h3&gt;स्वर्ण हिंडोले में झूले बांकेबिहारी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="border-bottom: medium none; border-left: medium none; border-right: medium none; border-top: medium none;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGT5stW2iKI/AAAAAAAAB8Y/IvUZRsp4VmA/s1600/0812_bankebihari.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; cssfloat: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" ox="true" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGT5stW2iKI/AAAAAAAAB8Y/IvUZRsp4VmA/s320/0812_bankebihari.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;मथुरा। (DJ 2010-08-12) श्रावण मास की कृष्ण पक्ष तृतीया को लाखों श्रद्धालुओं ने दिव्याकर्षक स्वर्ण-रजत निर्मित हिण्डोले में विराजमान लाडले ठा. श्री बांकेबिहारी जी को श्रद्धा की डोर से झुलाया। गुरुवार शाम 4 बजे पट खुलते ही बांके बिहारीलाल की जयजयकार से समूचा श्री धाम गूंजने लगा। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी महाराज के लड़ेते बिहारी जी महाराज के वर्ष में एक बार होने वाले नयनाभिराम दर्शनों की अभिलाषा लेकर आये भक्तों का हृदय पट खुलते ही आनंद के सागर में हिलोरे मारने लगा। देशी-विदेशी पुष्पों की मदमाती सुगंध मंदिर को सुरभित कर रही थी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्रद्धालुओं का सैलाब दर्शन खुलने के साथ ही अर्द्धरात्रि तक अनवरत रूप से जारी रहा। शाम करीब 6 बजे छायी घटाओं के साथ श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य के दर्शन कर मनौती मांगी और पुन: दर्शनार्थ आने का संकल्प भी किया। अत्याधुनिक संचार तंत्र से लैस पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ बिहारी जी की जय-जयकार करते हुए स्वयंसेवकों के कंधे से कंधा मिलाकर अपने कार्य को अंजाम दे रहे थे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिलाधिकारी दिनेश चन्द्र शुक्ला व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.डी. पॉल्सन अपने अधीनस्थों के साथ कंट्रोल रूप से पैनी निगाह रखे हुए थे। अपर जिलाधिकारी प्रशासन कैलाश चंद, अपर पुलिस अधीक्षक सिटी रामलाल वर्मा एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष द्विवेदी लगातार मेला क्षेत्र का भ्रमण करते रहे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रशासन ने प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी समस्त वाहनों को नगर की सीमा के बाहरी इलाके में रुकवाकर दर्शनार्थियों को रिक्शा, पैदल या तांगे द्वारा ही शहर में आने की अनुमति प्रदान की थी। नगर पालिका प्रशासन ने अतिरिक्त सफाई कर्मियों को लगाकर पूरे इलाके को स्वच्छ रखा। पालिकाध्यक्ष पुष्पा शर्मा ने नगर के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर सफाई कर्मियों को दिशानिर्देश दिये। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अधिशासी अभियंता जगमोहनलाल ने विद्युत आपूर्ति की व्यवस्थाएं कीं। कोतवाली प्रभारी आर.के. सिंह अधीनस्थों के साथ मेला क्षेत्र में असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए मुस्तैद दिखाई दिये। हरियाली तीज के पर्व पर नगर के विभिन्न मंदिरों में भी झूलनोत्सव शुरू हो गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-3622609495287582122?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/3622609495287582122/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=3622609495287582122' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3622609495287582122'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3622609495287582122'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-12.html' title='2010-08-12'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGT5stW2iKI/AAAAAAAAB8Y/IvUZRsp4VmA/s72-c/0812_bankebihari.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-6581810935681498618</id><published>2010-08-12T05:27:00.000-07:00</published><updated>2010-08-12T05:27:00.525-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.२२-२४</title><content type='html'>&lt;div style="text-align: right;"&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa6gZ23M3I/AAAAAAAAB44/rMHc_c0OGw0/s1600/temples-samadhis_puridas.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="400" src="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa6gZ23M3I/AAAAAAAAB44/rMHc_c0OGw0/s400/temples-samadhis_puridas.jpg" width="300" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;श्री पुरीदास महाशय की समाधि, राधादामोदर मन्दिर प्राङ्गण (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;वृन्दाकानन काननस्य परमाशोभा परातः परा&lt;br /&gt;नन्द त्वद्गुणवृन्दमेव मधुरं येनानिशं गीयते ।&lt;br /&gt;हा वृन्दावन कोटिजीवनमपि त्वत्तोऽतितुच्छं यदि&lt;br /&gt;ज्ञातं तर्हि किमस्ति तत्तृणकच्छक्येत नोपेक्षितुम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;br /&gt;हे श्रीवृन्दावन ! आपकी वनशोभा सर्वोत्कृष्ट है, हे परानन्द ! आपके मधुर गुणों को जो निशिदिन गान करता है, एवं हे वृन्दावन ! जो कोटि जीवन भी आपके लिये अतितुच्छ जानता है, फिर उसके लिये संसार में ऐसी क्या वस्तु है जिस की तृण के समान उपेक्षा वह नहीं कर सकता ? ॥३.२२॥ (यह श्लोक दोबार कहा गया है, द्वितीय शतक का २८ श्लोक देखिये ।)&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;श्रीवृन्दावनमण्डले यदि शिरः श्रीराधिकाकृष्णयोः&lt;br /&gt;सत्प्रेमैकरसात्मनोः पदतले न्यस्याभये स्थीयते ।&lt;br /&gt;तर्ह्यास्ते मम लोकतो न हि भयं नो धर्मतो नो दुर-&lt;br /&gt;न्ताधिव्याधिशतात् किमन्यदखिलाधीशाच्च मे नो भयम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;श्रीवृन्दावन मण्डल में एकमें सत्प्रेम के रसस्वरूप श्रीराधा-कृष्ण के अभय पदतलों में मस्तक अर्पण कर यदि अवस्थान कर सकूं तो लोकभय धर्मभय किंवा सौ सौ भयानक आधि-व्याधियों से और तो क्या अखिल ब्रह्माण्ड के अधिपति से भी मुझे कोई भय नहीं है ॥३.२३॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;श्रीराधामुरलीधरातिमधुरश्रीपाणिपादाम्बुज-&lt;br /&gt;स्पर्शोज्जृम्भितपूर्णहर्षजलधावत्यन्तमग्नान्तराः ।&lt;br /&gt;सौभाग्यं रमयापि मृग्यमतुलं सम्प्राप्तवत्यो महा-&lt;br /&gt;भागानां शिरसि स्थिता व्रततयो नन्दन्ति वृन्दावने ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;br /&gt;श्रीराधा-मुरलीधर के अति मधुर श्रीहस्त एवं चरण-कमलों के स्पर्श से जो प्रफुल्लित हो रहीं हैं, तथा जिनका चित्त पूर्ण हर्ष के समुद्र में निमग्न है, स्वयं लक्ष्मीदेवी जिस अतुलनीय सौभाग्य की वाञ्छा करती है, वही जिनको सम्यक् प्रकार से प्राप्त है, महाभाग्व्यवानों की शिरोमणि ऐसी ये लताएं श्रीवृन्दावन में आनन्द ले रही हैं ॥३.२४॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-6581810935681498618?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/6581810935681498618/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=6581810935681498618' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/6581810935681498618'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/6581810935681498618'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_12.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.२२-२४'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa6gZ23M3I/AAAAAAAAB44/rMHc_c0OGw0/s72-c/temples-samadhis_puridas.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-4249682638169221359</id><published>2010-08-11T05:44:00.001-07:00</published><updated>2010-08-11T05:44:57.311-07:00</updated><title type='text'>Bad news! Computer lost.</title><content type='html'>Dear friends, &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;On the way back from Vrinda Kunj, my computer was lost. Not sure how it happened, but it is something of a disaster considering that I use the computer so much for so many things. And of course, there was a lot not backed up...&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;The computer has become so essential to my life that it is almost like a second self, or at least a second mind or brain. A lot of services will be affected, in particular the work on the Braj Vrindavan Heritage Alliance and Prema Prayojan blogs.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;So I am sending out an appeal to all those friends who over the years have enjoyed or benefited from my websites like Gaudiya Grantha Mandir, or from writings in blogs like Jagat, or from my translations, to donate for a new computer.&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;I am sorry I have to do this, but I am afraid I have no other resources, so I am humbly asking for your assistance.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Please write to jankbrz {at} yahoo dot com.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Thanks.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Jagadananda Das.&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-4249682638169221359?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/4249682638169221359/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=4249682638169221359' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/4249682638169221359'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/4249682638169221359'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/bad-news-computer-lost.html' title='Bad news! Computer lost.'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-5494511499126629456</id><published>2010-08-11T05:14:00.000-07:00</published><updated>2010-08-11T05:14:00.480-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.१९-२१</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa3vcxX9-I/AAAAAAAAB4w/XWGjTz83N1o/s1600/temples-samadhis_gopbhbhajn.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa3vcxX9-I/AAAAAAAAB4w/XWGjTz83N1o/s320/temples-samadhis_gopbhbhajn.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;श्रीगोपालभट्टगोस्वामी का भजनकुटी, संकेत (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;तदनङ्गकेलिरङ्गान् नर्म विनिर्माय मण्डितप्रतिभम् ।&lt;br /&gt;गौरश्यामसुनागरकिशोरमिथुनं भजामः कुञ्जेषु ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;कुञ्ज कुञ्ज में कामकेलि रङ्ग के वश परिहास्य वाक्य रचना में प्रत्युत्पन्नमति चतुर गौरश्यामवर्ण चतुर शिरोमणि श्रीयुगलकिशोर का मैं भजन करता हूं ॥३.१९॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;मिथोऽनङ्गक्रीडारसजलनिधेरूर्मिनिवहैः&lt;br /&gt;प्रियद्वन्द्वेत्यान्दोलितवपुषि तीव्रस्मरमदे ।&lt;br /&gt;न शक्ताः श्रीवृन्दावनभुवि सुवेशादिकरणे&lt;br /&gt;बलादप्यानन्दं किमपि रसयन्त्यः प्रजहसुः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;श्रीवृन्दावन में परस्पर कामक्रीड़ा के रस समुद्र की तरङ्गों से जिनके विग्रह झूम रहे हैं एवं जो तीव्र कामोन्मत्त हो रहे हैं, ऐसे प्रियतम युगलकिशोर को सखीगण ने बलपूर्व्क भी वेषभूषा कराने में असमर्थ होकर कोई एक अनिर्वचनीय आनन्द आस्वादन करते हुए परिहास किया ॥३.२०॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;श्रीवृन्दावनवैभवं भवविरिञ्चाद्यैर्मनागप्यहो&lt;br /&gt;दुर्ज्ञेयं परमोज्ज्वलन्मदरसोदारश्रियामाकरम् ।&lt;br /&gt;श्रीराधामुरलीमनोहरमहाशर्यातिसंमोहनं&lt;br /&gt;श्रीमूर्तिच्छविकेलिल्कौतुकभरैश्चाश्चर्यमन्तः स्मर ॥ &lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;अहो ! श्रीवृन्दावन के वैभव को शिव, ब्रह्मादि भी नहिं जान सकते, यह परम उज्ज्वल उन्मादकारी श्रेष्ठ रस की महासम्पत्ति की खान है, यह श्रीराधा-मुरलीमनोहर को भी महा आश्चर्यभाव से सम्मोहन करने वाला है एवं श्रीमूर्ति के कान्ति-केलि-कौतुक आदि के आधिक्य में भी आश्चर्यजनक है, इसका श्रीवृन्दावन का मन में स्मरण कर ॥३.२१॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-5494511499126629456?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/5494511499126629456/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=5494511499126629456' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5494511499126629456'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5494511499126629456'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_11.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.१९-२१'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa3vcxX9-I/AAAAAAAAB4w/XWGjTz83N1o/s72-c/temples-samadhis_gopbhbhajn.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-1147801751332416720</id><published>2010-08-10T21:39:00.000-07:00</published><updated>2010-08-10T21:39:14.924-07:00</updated><title type='text'>2010-08-11 ब्रज का समाचार (2)</title><content type='html'>&lt;h3&gt;हरियाली तीज पर्व के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.11)। हरियाली तीज पर्व के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन को संपूर्ण व्यवस्था के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट दो पालियो में ड्यूटी देंगे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हरियाली तीज पर्व पर पांच सेक्टरों में बांटे गए वृंदावन में तैनात किए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने कार्य स्थल का एक दिन पहले ही भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन कर लेंगे। बांके बिहारी मंदिर के अंदर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उप जिला मजिस्ट्रेट राकेश मालपानी और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी वीके जैन को पहली पाली सौंपी गई है। दूसरी पाली में यही व्यवस्था तहसीलदार अशोक कुमार चौधरी और बीएसए राजू राना देखेंगे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बांके बिहारी मंदिर के बाहर की व्यवस्था की जिम्मेदारी डिप्टी कलक्टर राजेश कुमार श्रीवास्तव और जिला विद्यालय निरीक्षक अनिल कुमार मिश्रा पहली पाली में और दूसरी पाली में उप जिला मजिस्ट्रेट छाता राजपाल सिंह व तहसीलदार न्यायिक रजित राम यादव को सौंपी गई है। अटल्ला चौकी से बांके बिहारी मंदिर, लोई बाजार, सीएफडी, बनखंडी, मिर्जापुरवाली धर्मशाला तक की व्यवस्थाएं डिप्टी कलेक्टर भैरपाल सिंह और जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके बंसल तथा तहसीलदार कुलदीप सिंह, व जिला पंचायत राज अधिकारी योगेन्द्र कटियार को दी गई हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;द्वारिकाधीश में हरी घटा के दर्शन हुए&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGIlLayQ_zI/AAAAAAAAB8I/slMnm7fwPjY/s1600/1010mth22_int-1_1281482277_m.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGIlLayQ_zI/AAAAAAAAB8I/slMnm7fwPjY/s320/1010mth22_int-1_1281482277_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;मथुरा (AU 2010.08.11)। प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर में मंगलवार को हरी घटा के दर्शन का आयोजन किया गया। इस अद्भुत छटा को निहारने के लिए भक्तों की कतार लग गई। पट खुलने के इंतजार में व्याकुलता इस कदर बढ़ गई कि जयकारों से वातावरण गूंज उठा। काली घटा का आयोजन १९ अगस्त को होगा। वहीं श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान केशवदेव जी मंदिर पर केसरी वस्त्रों के बीच आकर्षक फूल बंगले का आयोजन किया गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;हरे वस्त्रों की बिक्री तेज हुई&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.11)। हरियाली तीज के नजदीक आते ही मार्केट में हरे वस्त्रों की डिमांड बढ़ गई है। महिलाएं और युवतियां तीज को लेकर उत्साहित हैं। बाजार भी त्योहार को भुनाने के लिए तैयार है। हरे परिधानों का स्टॉक विशेष रुप से मंगवाया गया है। तीज ऑफर की भी बरसात हो रही है। कपड़ों पर १५ से ५० प्रतिशत की छूट दी जा रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सावन के आते ही लोगों में उत्साह और उमंग आ जाता है। विवाहित और अविवाहित लड़कियां भी इस माह में पड़ने वाले तीज-त्योहारों का लुत्फ उठाती हैं। भैया पंचमी, रक्षाबंधन और हरियाली तीज पर खरीदारी की जाती है। गुरुवार को पड़ने वाले हरियाली तीज पर्व की तैयारी जोर पकड़ रही हैं। हरे परिधानों की बिक्री तेज हो गई है। सबसे अधिक साड़ियां और सूट बिक रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रेडीमेट गारमेंट्स की दुकानों पर तीज ऑफर प्रारंभ हो गए हैं। इन पर १५ से ५० प्रतिशत डिस्काउंट दिया जा रहा है। ब्रांडेड कपड़ों में भी हरे रंग को ही वरीयता मिल रही है। वस्त्र विक्रेता हरीओम शर्मा बताते हैं कि हरियाली तीज की खरीददारी करने महिलाएं सबसे अधिक आ रही हैं। पिछले तीन दिनों में ही हरे रंग के कपड़ों में २० प्रतिशत अधिक बिक्री दर्ज की गई है। बच्चों के कपड़ों में भी हरे रंग की ही मांग हो रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;ब्यूटी पार्लरों पर एडवांस बुकिंग&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.11)। हरियाली तीज को लेकर महिलाओं में उत्साह है। विवाहिताएं और युवतियां सजने-संवरने से पीछे नहीं हटती है। ब्यूटी पार्लरों पर तीज पर सजने को लेकर महिलाओं की लंबी भीड़ लगी रहती है। इसलिए अभी से एडवांस बुकिंग करवाई जा रही है। मेहंदी के रेडीमेड कोन जमकर बिक रहे हैं। इस दौरान महिलाएं ज्वैलरी भी खूब चाव से खरीदती हैं। कालिंदी के तत्वावधान में सदस्याएं हरियाली तीज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। जागृति भी कार्यक्रम आयोजित करेगी। महिला समाख्या में तीज के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत का कार्यक्रम होगा। &lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;वृंदावन को हरियाली तीज तक चमकाने को डीएम का हुक्म&lt;/h3&gt;वृंदावन (DJ 2010.08.11)। हरियाली तीज गुरुवार को है। मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ेगी। मगर मंदिरों तक पहुंचने के मार्गों की हालत बहुत खराब है। मुआयना करने निकले डीएम और एसएसपी ने बदहाली देखी। डीएम ने सम्बंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डीएम डी सी शुक्ल ने नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग और जल निगम अफसरों को आड़े हाथ लेते हुये इन समस्याओं के निराकरण कराने के निर्देश दिये। अफसरों से अतिक्रमण हटाने के दौरान निकले मलबे को भी साफ कराने के लिये कहा गया है। अफसरों ने परिक्रमा मार्ग में कुछ आश्रमों के नाली का पानी भी सड़कों पर भरने की जानकारी दी। इस पर डीएम ने नाली का पानी बंद कराने की हिदायत दी। इन विभागों द्वारा कराये गये कार्यो का अवलोकन करने का जिम्मा सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार रमन को सौंपा गया है। ये सभी व्यवस्थाएं 11 अगस्त तक कराने की डेडलाइन तय की गई है। बाद में वाहनों के पार्किंग, प्रमुख मंदिरों में प्रवेश-निकास, बेरिकेडिंग व बैरियर आदि लगाने जाने संबंधी कार्यो पर विचार-विमर्श किया गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;हर ब्लाक में लहलहाएंगे कदंब&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.11)। रेगिस्तान में तब्दील होते ब्रज को बचाने तथा कृष्णकाल को पुनर्जीवित किए जाने के लिए तैयार कर ली है। सीडीओ ने इसके लिए पौधारोपण अभियान में हर विकास खंड में कदंब के वृक्ष लगाने का प्लान तैयार कराया है। इस अभियान की शुरुआत वह हरियाली तीज पर राजीव भवन में कदंब के पौधे लगाकर करेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राजस्थान की सीमा से लगा होने तथा कम वर्षा के चलते ब्रज में लगातार रेगिस्तान जैसे हालात होते जा रहे हैं। इसे बचाने के लिए पौधारोपण के दौरान ऐसे पौधे लगाने पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें जिंदा रखने के लिए पानी की कम आवश्यकता हो और यह भूजल को भी संरक्षित रखें। कदंब इस आवश्यकता को पूरी करता है। इस तथ्य से वाकिफ सीडीओ अजय शंकर पांडेय ने इस बार के पौधारोपण में कदंब के पौधे अधिक से अधिक लगाने के निर्देश दिए हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उनका मानना है कि कृष्ण काल से जुड़े होने के कारण कदंब का महत्व बढ़ जाता है। यह पेड़ जमीन की आवश्यकता को भी पूर्ण करता है। इसके लिए उन्होंने पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान जिला मुख्यालय एवं प्रत्येक विकास खंड में कम से कम कदंब का एक वन बनाने के आदेश दिए हैं। कृष्ण के सखा ऊधों के गांव ऊधर में सभी आदर्श जलाशयों पर कदंब के पौधे लगाएंगे। नौहझील में नैसेरपुर में कदंब वन लगाए जाने की कसरत शुरू भी हो गई है। सीडीओ ने बताया कि इस वर्ष कदंब के मात्र ४८ हजार पौधे होने के कारण अभी इस अभियान को सीमित रखा गया है। अगले वर्ष के लिए वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;हरी-हरी घटा में सुनहरी छटा&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा PIC (DJ 2010.08.11)। भगवान राजाधिराज का घर-परिवार और आचल मंगलवार को हरियाली का प्रतीक बन गया। बिछौना, औढ़ना, परिधान, पर्दे, झूले और बाग-बगीचे का दृश्य सब कुछ हरा-हरा हो गया। इस मन मोहिनी घटा के मध्य विराजमान युगल विग्रह के वस्त्र-आभूषणों से बिखरती सुनहरी छटा सूर्य से निकली किरणों की तरह रोशनी करती रही। मंदिर जगमोहन में तीन झूलों में झूलते तीन-तीन युगल जोड़ी एवं अपने प्रभु के अलौकिक अनुपम दर्शन के लिये श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए। &lt;br /&gt;पुष्टि मार्गीय भक्त समुदाय ने हरियाली अमावस के मौके पर मंगलवार को हरी घटा का आयोजन किया। मंदिर जगमोहन विशेष रूप से सजाया गया। हर ओर हरियाली की मनोहारी छटा दर्शकों को सम्मोहित करती रही। आकर्षण से भरपूर एवं सुसज्जित तीन झूले डाले गये। इनमें भगवान के 3 चल एवं युगल विग्रह विराजमान हुये। मंदिर के मुखिया विनोद शंकर ने बारी-बारी से युगल को झोटा देकर आनंद बरसाया। अंदर मंदिर में अचल विग्रह में दर्शन दे रहे द्वारिका के नाथ भक्त समुदाय पर कृपा की बरसात करते रहे। जगमोहन में मानो नर-नारी प्रभु की छवि को नयनों में समाहित करने की होड़ में आपस में धक्कामुक्की करते रहे। हर कोई दूसरे से पहले और अधिक से अधिक समय तक दर्शन का लाभ लेने का प्रयास कर रहा था। सायंकाल 7 बजे से लेकर रात्रि 8.30 तक मंदिर के तीनों प्रमुख गेट और परिसर खचाखच भरे रहे। भीड़ कई बार अनियंत्रित भी हुई। हर ओर सुरक्षा गार्ड तैनात थे। मंदिर के प्रबंध निरीक्षक दीना नाथ शर्मा भारी भीड़ होने पर सुरक्षा दस्ते को विशेष रूप से साथ लेकर घटा के अंदर पहुंचे। श्री शर्मा ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिये घटा के अंदर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;दास बाबा की पुण्यतिथि पर हरिनाम संकीर्तन&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;गोवर्धन (AU 2010.08.11)। परम संत श्री ठाकुर दास बाबा महाराज जी की प्रथम पुण्यतिथि महोत्सव पर अखंड श्री हरिनाम संकीर्तन किया गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बाबा की समाधि का भक्तजनों द्वारा फूलों से सजाया गया। बाबा महाराज को संतों ने पुष्प अर्पित किये। विद्वानों द्वारा बाबा की समाधि पर सूर श्याम गौशाला प्रांगण में पद गायन किया गया। श्री मलूक पीठ वृंदावन से पधारे संतों द्वारा श्री भक्त माल का संगीतमय पाठ किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज, बाबा महाराज की अति प्रिय गोपी गीत कर प्रवचन के अंतर्गत कहा कि बाबा गोवंश का ही चिंतन निरंतर किया करते थे। पुण्य स्मृति समारोह में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें ब्रज क्षेत्र के साधु-ब्राह्मण एवं उनके शिष्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर गुरु शरणानंद, संत गोरेलाल, गनपत बाबा, सुरेश शर्मा, पूरन चंद कौशिक, डा. विनोद दीक्षित, प्रबंधक गौशाला देवेंद्र शर्मा, दाऊदयाल कौशिक, गोविंद प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, नितिन शर्मा आदि उपस्थित थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;प्रभु स्मरण से आएगी देश में शांति&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;गोवर्धन (AU 2010.08.11)। आन्यौर परिक्रमा मार्ग स्थित रामानंदाश्रम में गोवर्धन पीठाधीश्वर कृष्णदास कंचन महाराज ने कहा कि ब्रज में साधु-संत देश की शांति एवं समृद्धि के लिए हर समय अनुष्ठान एवं भजन करते रहे हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रामनंदाश्रम में युवक कांग्रेस के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अशोक तंवर के आगमन पर महाराज ने बताया कि हमारी शक्ति भगवान श्रीकृष्ण है। उनकी आराधना करने से ही हमको परम शांति मिलती है। दुश्मनों को परास्त करने के लिए प्रतिदिन भगवान का स्मरण करते हैं। देश की सभी राजनीतिक दलों को देश हित में एक मत बनाना चाहिए। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस अवसर पर युवक कांगे्रस के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक तंवर का कांग्रेस के पीसीसी सदस्य अशोक सिंह चकलेश्वर, युवा कांग्रेस लोक सभाध्यक्ष डा. आशुतोष भारद्वाज, आक्स के जिला कोआर्डिनेटर मनीष लंबरदार, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष संदीप कौशिक, गोपाल अग्रवाल, सुभाष ठाकुर, गोवर्धन शर्मा आदि ने स्वागत किया इससे पूर्व गिरिराज दानघाटी मंदिर की पूजा अर्चना की। महाराज श्री ने दुपट्टा व स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। वार्ता के समय प्रमोद, जगदीश प्रसाद, शंकरलाल चतुर्वेदी, श्याम सुंदर आदि उपस्थित थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;बंदरों के आतंक से आजिज शहरवासी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.11)। अब बंदर न केवल रिहायशी ठिकानों पर पहुंच गए हैं, बल्कि बच्चों और महिलाओं को निशाना भी बना रहे हैं। इन्हें पकड़वाने की आवाजें फिर से उठने लगी हैं। ठेके पर पालिका प्रशासन ने बंदरों को पकड़वाया था, लेकिन वर्तमान में कई इलाकों में बंदरों ने अपनी पैठ फिर से बना ली है। इस संबंध में पिछली बोर्ड बैठक में कृष्णापुरी क्षेत्र के सभासद हेमंत अग्रवाल ने कहा था, कि वार्ड में बंदरों का आतंक व्याप्त है। लोगों को अपने ही घर में कैद होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से बंदर पकड़ अभियान चलाने की मांग की है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;शौचालयों में भर दिए ईट-पत्थर&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा। जनपद के प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूलों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को औचक निरीक्षणों का क्रम जारी है। मथुरा विकास खण्ड के एक-एक प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूल में निरीक्षण को पहुंचे बीडीओ को प्रधानाध्यापक समेत पांच अध्यापक अनुपस्थित मिले। मांट और राया के दो प्राइमरी स्कूलों का निर्माण भी घटिया मिला, जबकि एक स्कूल में शौचालय में ईट-पत्थर भरे मिले। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुख्य विकास अधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने मंगलवार को शिकायत पर बीडीओ मथुरा को इन स्कूलों की जांच के लिए भेजा। उन्हें गिरधरपुर के प्राइमरी स्कूल में चार में से एक अध्यापक अनुपस्थित मिला, जबकि भोजपुर के जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के अलावा तीन अध्यापक भी गैर हाजिर थे। राया ब्लॉक के बहादुरपुर कारब में प्राइमरी स्कूल निर्माण की जांच रिपोर्ट में विशेष तकनीकी समिति ने स्कूल के बरामदे के फर्श एवं रैम्प क्षतिग्रस्त होने की बात कही।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;H&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;कामनवेल्थ गेम्स : एक नूर वो भी बेनूर&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGIlRUiXHFI/AAAAAAAAB8Q/PpC0D2VPASc/s1600/1010mth30_int-1_1281482279_m.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGIlRUiXHFI/AAAAAAAAB8Q/PpC0D2VPASc/s320/1010mth30_int-1_1281482279_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;मथुरा (AU 2010.08.11)। कामनवेल्थ गेम्स देखने आने वाले तमाम विदेशी मेहमानों के लिए यहां अगर कोई मतलब की चीज है तो वो है विश्व विख्यात राजकीय म्यूजियम, लेकिन हैरानी है कि मेहमान नवाजी के लिए यह 'नूर' फिलहाल बेनूर है। इसे सजाने संवारने तक को अफसरों पर फुरसत नहीं है और न ही कोई प्लानिंग है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;देश की राजधानी में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स के दौरान तमाम देशों से हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटक आएंगे। उनके आगमन को यादगार बनाने के लिए शासन-सत्ता से लेकर यहां का जिला प्रशासन भी कसरत करने में जुटा है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पर्यटन गतिविधियों से जड़े रहने वाले पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग और पुलिस महकमे के अलावा होटल कारोबारी व्यवस्थाएं बनाने को योजनाएं बनाने में लगे हैं। लेकिन इसके बाद भी इन विभागों के अफसर अभी तक विदेशी मेहमानों की पहली पसंद को सजाने संवारने और सुविधा युक्त बनाने पर गौर नहीं कर सके। यानी विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद होगा विदेशों में कला और संस्कृति के क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ने वाला स्टेट म्यूजियम। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अब तक विदेशी पर्यटकों की आवाजाही के आंकड़े तो यही दर्शाते हैं। यहां बौद्ध धर्म और जैन धर्म को मानने वालों के लिए तो जैसे ज्ञान का भंडार हो। तभी तो यहां संग्रहित प्राचीन कलाकृतियों को देखने के लिए तमाम विदेशी पर्यटकों का आना लगा रहता है। लेकिन अभी तक इसके महत्व को प्रशासन ने नहीं समझा। लेकिन आने वाली स्थिति को भांप कर म्यूजियम अफसरों ने अपनी प्रक्रिया करनी शुरू दी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अफसरों ने सबसे पहले पिछले चार साल से बंद पड़े प्लास्टर आफ पेरिस की बनने वाली मूर्तियों के निर्माण कार्य को शुरू कराने का प्रस्ताव निदेशालय भेजा है। इसके अलावा प्रचार को लेकर भी कार्य कराने पर जोर दिया गया है। न तो नेशनल हाइवे से म्यूजियम तक कोई रास्ता ही बेहतर है और न ही म्यूजियम में पर्यटकों के लिए कोई सुविधा। यहां तक पानी के भी लाले पड़ जाते हैं। ऐसे में सजाने संवारने की दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-1147801751332416720?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/1147801751332416720/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=1147801751332416720' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1147801751332416720'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/1147801751332416720'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-11-2.html' title='2010-08-11 ब्रज का समाचार (2)'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGIlLayQ_zI/AAAAAAAAB8I/slMnm7fwPjY/s72-c/1010mth22_int-1_1281482277_m.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-5578514660349304962</id><published>2010-08-10T05:05:00.000-07:00</published><updated>2010-08-10T05:05:00.377-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.१६-१८</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa0uA4f0DI/AAAAAAAAB4o/D2pYk5nIheI/s1600/temples-samadhis_dinasharan.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="400" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa0uA4f0DI/AAAAAAAAB4o/D2pYk5nIheI/s400/temples-samadhis_dinasharan.jpg" width="300" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;श्रीदीनशरणदासबाबाजी महाराजकी समाधि मन्दिर, राधाकुण्ड (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;क्षणाच्छरदुपागमं क्षणत एव वर्षागमं&lt;br /&gt;क्षणात् सुरभिवैभवं क्षणत एव चान्यर्तुमत् ।&lt;br /&gt;सदा जनितकौतुकं किमपि राधिकाकृष्णयोः&lt;br /&gt;स्मर प्रतिपदोल्लसद्रसमयं हि वृन्दावनम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;श्रीवृन्दावन में क्षण क्षण में शरद् आ जाती है, और क्षण में फिर वर्षा आ जाती है, क्षण में वसन्त शोभा देता है, तो क्षण पीछे किसी अन्य ऋतु का आगमन होता है । इस प्रकार सर्वदा श्रीराधा-कृष्ण के किसी न किसी अनिर्वचनीय कौतुक को सम्पादन करने वाले एवं पद पद पर आनन्द विधान करने वाले श्रीवृन्दावन को ही स्मरण कर ॥३.१६॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;विलसत्कदम्बमूलालम्बी संवीतपीतचारुपटः ।&lt;br /&gt;राधां विलोक्य मुरलीं क्वणयन् वृन्दावने हरिर्जयति ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;कदम्ब वृक्ष के मूल का अवलम्बन लिएय् हुए, पीताम्बर धारी, श्रीराधा का दर्शन करते करते मुरली बजाने वाले, श्रीहरि श्रीवृन्दावन में जय युक्त हो रहे हैं ॥३.१७॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;कालिन्दीपुलिनवने मोहननवकुञ्जमन्दिरद्वारि ।&lt;br /&gt;सह राधयोपविष्टं सरससखीजुष्टमाश्रये कृष्णम् ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;श्रीयमुना के पुलिन वन में मोहन नवकुञ्ज मन्दिर के द्वार पर श्रीराधा के साथ बैठे हुए एवं रसवती सखियों से सेवित श्री-कृष्ण का मैं आश्च्रय लेता हूं ॥३.१८॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-5578514660349304962?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/5578514660349304962/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=5578514660349304962' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5578514660349304962'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5578514660349304962'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_10.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.१६-१८'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFa0uA4f0DI/AAAAAAAAB4o/D2pYk5nIheI/s72-c/temples-samadhis_dinasharan.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-5408283334021323336</id><published>2010-08-09T21:19:00.000-07:00</published><updated>2010-08-09T23:35:29.706-07:00</updated><title type='text'>2010-08-10 ब्रज का समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;राधाजी के झूले की सफाई की&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;बरसाना में झूला महोत्सव का आयोजन १२ से&lt;br /&gt;राधारानी के स्वर्ण हिंडोला की सफाई&lt;br /&gt;तीज से राधा बंधन तक चलेगा&lt;/b&gt; &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_tWtGNWVDlTE/SKF0sJenOuI/AAAAAAAAAbU/1Apk0eASCEI/s1600/Radha+and+Krishna+on+a+swing+Picture.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="320" src="http://3.bp.blogspot.com/_tWtGNWVDlTE/SKF0sJenOuI/AAAAAAAAAbU/1Apk0eASCEI/s320/Radha+and+Krishna+on+a+swing+Picture.jpg" width="232" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;बरसाना (AU 2010.08.10) | भगवान् श्री-कृष्ण एवं किशोरी जू राधारानी के शास्वत प्रेम का प्रतीक झूला महोत्सव १२ अगस्त से हरियाली तीज के साथ सुरू होगा । इसके लिये तैयारियां जोरशोर से की जा रही है । १३ दिन चलने वाला यह उत्सव रक्षा बंधन पर समाप्त होगा ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बरसाना का सुप्रसिद्ध झूला महोत्सव हरियाली तीज से प्रारंभ होगा । इसकी तैयारियां शुरू हो गई है । राधारानी मंदिर में रखा स्वर्ण हिंडोला साफ-सफाई के लिए बाहर निकाला गया है । प्राचीन मन्यताओं के अनुसार् हरियाली तीज पर राधारानी सुबह से झूला झूलेगी और शाम को मंदिर की छतरी पर आकर सभी को दर्शन देंगी । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मान्यता है कि प्राचीन काल में जब शूद्रों का मंदिर में वर्जित थे, तब शूद्रों ने राधारानी से गुहार लगाई थी कि हमारे छोड़कर सभी आपके दर्शन कर लेंगे । इस पर राधारानी ने आश्वासन दिया था कि साल में तीन बार मंदिर के छत्र से सभी को दर्शन देंगी । तभी से यह परंपरा चली आ रही है । बताते चले कि राधारानी मंदिर से राधारानी हरियाली तीज, राधाष्टमी तथा धुल्हैड़ी  पर बाहर आती है । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;समाजसेवी पीयूस गोस्वामी ने बताया कि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार राधारानी और श्री-कृष्ण हरियाली तीज से गह्वरवन में झूला झुलाना शुरू करते थे और यह क्रम १३ दिन तक चलता था । यहीं से झूला उत्सव की परंपरा ने जन्म लिया और यह धीरे धीरे पूरे ब्रज में फैल गई । मंदिर पर श्रद्धालुओं का आगमन सावन लगते ही तेज हो गया है । हरियाली तीज से भीड़ और बढ़ने की संभावना है ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;गोविंद विहार में रासोत्सव आज से&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (AU 2010.08.10) | रमण रेती स्थित गोविंद विहार आश्रम में पद्मश्री स्वामी हरि गोविन्द महाराज के निर्देशन में १० अगस्त को शाम सात बजे तक रासोत्सव आयोजित किया जा रहा है । स्वामी रामप्रसाद से प्रतिदिन प्रातः नौ से चैतन्य लीला  तथा शाम छह बजे से कृष्ण लीलाओं का मंचन होगा । राम लीला का मंचन हरियाली तीज के बाद किया जाएगा ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;उपवास रखकर शिव उपासना की&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDhMXk_sRI/AAAAAAAAB74/zUXyKecP2Is/s1600/rudrabhishek_1.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="166" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDhMXk_sRI/AAAAAAAAB74/zUXyKecP2Is/s200/rudrabhishek_1.jpg" width="200" /&gt;&lt;/a&gt;वृन्दावन (AU 2010.08.10) | श्रावण मास के तीसरे सोमवार को कान्हा की नगरिया   में शिव पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया । सुबह से ही शिव भक्तों ने यमुना जल एवं भांग से इष्ट का जलाभिषेक किया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भक्तों ने उपवास रखकर पूजन किया । नगर के प्रमुख गोपेश्वर, बनखण्डेश्वर, बिहारेश्वर, अग्रेश्वर, हरेश्वर, रेतेश्वर आदि शिव मंदिरों में लोगों ने भी शिव आराधना की । नगर के गोपेश्वर मंदिर में दूरदराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;श्रावण में धूनी रमाए मिले शिव भक्त&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (AU 2010.08.10) | श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर जहां शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखी गई, वहां नगर के परिक्रमा मार्ग, यमुना किनारे सहित विभिन्न स्थानों पर शिवभक्त एवं साधु संत धुनी रमाए बैठे मिले । कई शिव भक्त दल बनाकर धूनी रमा रहे थे तो कुछ अकेले ही धूनी रमाए शिव की आराधना में लीन थे । ऐसे ही यमुना किनारे पेड़ों की छांव में धूनी रमाए बैठे साधु ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;‘हर-हर, बम-बम’ से गूंजी कृष्ण की नगरी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.10) । श्रावण माह के तीसरे सोमवार को योगीराज भगवान श्री कृष्ण की नगरी ‘हर-हर बम-बम’ के जयघोष से गूंज उठी। शिवालयों में सुबह से ही पूजा अर्चना करने वालों की भीड़ लग गई। शाम को मंदिराें में आकर्षक फूल बंगला सजाए गये। इस मनोरम झांकी को निहारने वालों की भीड़ लगी रही। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मंदिरों पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस पिकेट लगाया गया। रविवार की रात से ही शिवालयों पर कांवर चढ़ाने वालों की कतार लग गई। हरिद्वार, सोरों जी सहित गंगा के घाटों से पैदल यात्रा कर कांवर लाने वालों ने पूजा कर भोले बाबा से मनौती मांगी। शहर के प्रख्यात शिव मंदिर भूतेश्वर, रंगेश्वर, पिपलेश्वर, गर्तेश्वर, चिंताहरण महादेव, गोकरण नाथ पर सुबह से भक्तों की कतार लग गयी। प्रातः यमुना जल व दूध से शिवजी का अभिषेक हुआ तदुपरांत, बेल पत्तर, धतूरा, रोली चावल, फूल माला से पूजा अर्चना की गयी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लोगाें ने उपवास रख कर शिव आराधना की और सुख, शांती व खुशहाली के लिये ईश्वर से प्रार्थना की गई। शाम को शिव मंदिरों में छप्पन भोग, आकर्षक फूल बंगलों का शृंगार किया गया। इस आकर्षक झांकी को निहारने के लिए भक्तों में होड़ मच गयी। सायं मंदिरों के आसपास वाहनों की भीड़ लगने से जाम के से हालात पैदा हो गये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;योगेश्वर के आंगन में भोलेश्वर की जय-जय&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.10)। सोलह कलावतार योगेश्वर का आंगन सोमवार को भोलेश्वर की जय-जय, भक्ति की तरंग तथा धूप-दीप की सुगंध से सराबोर हो गया। सुबह से लेकर रात्रि तक बाबा भोले की भक्ति की गई। महिला-पुरुषों ने व्रत रख जलाभिषेक पूजा-अर्चना की। शहर कोतवाल भूतेश्वर को छप्पन प्रकार के व्यंजन अर्पित किये गये। दर्जन भर मंदिरों में बर्फ तथा रंग-बिरंगे पुष्पों के बंगला सजे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आदि-अंत एवं मध्य सब में मौजूद महाशिव को प्रिय श्रावण माह के तीसरे सोमवार को प्रभु की भक्ति पहले से अधिक की गई। चतुर्दशी, सोमवार, पुष्प नक्षत्र एवं अमावस्या का एक साथ आगमन भक्तों में अभूतपूर्व भक्ति का संचार कर गया। सूर्योदय से पूर्व से ही भक्त पूजा-अर्चन में संलग्न हो गये। सैकड़ों ने गंगा जल तथा हजारों ने मिश्रित जल से अभिषेक किया। हजारों लोगों ने पंचामृत से भी अभिषेक कर अनुष्ठान किये। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्राचीन काल से शहर के कोतवाल कहे गये बाबा भूतेश्वर को छप्पन प्रकार के व्यंजन परोसे गये। बंगला सजाया गया। प्रसिद्ध रंगेश्वर मंदिर में बर्फ एवं पुष्प का बंगला सजा। गोकरनाथ, पिपलेश्वर, गर्तेश्वर, नील कंठेश्वर पर औघड़दानी का विशिष्ट श्रंगार किया गया। पुष्प एवं बर्फ से सुगंध एवं शीत की व्यवस्था की गई। श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान के सेवक समुदाय ने जन्मभूमि परिसर में मौजूद केशवेश्वर प्रभु को बहुरंगे फूलों से आच्छादित किया। इनके अलावा अन्य कई दर्जन शिव मंदिरों में भी स्थानीय भक्त महिला-पुरुषों एवं बच्चों ने एकजुट होकर अपने आसपास के भगवान का पूजन-अर्चन किया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भोमवती अमावस्या होने का योग भक्तों को अन्य मंदिरों की ओर भी ले गया। जन्म भूमि के केश्वव, द्वारिकाधीश, केंट काली, बगलामुखी, गोपाल जी समेत अनेक प्रमुख मंदिरों में भीड़ लगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;राम और कृष्ण में कोई अंतर नहीं&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDCssIogUI/AAAAAAAAB7o/UN7iyFEjl6Q/s1600/0809NewsImage.aspx" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://1.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDCssIogUI/AAAAAAAAB7o/UN7iyFEjl6Q/s320/0809NewsImage.aspx" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;वृंदावन (AU 2010.08.10)। दावानल कुंड स्थित उड़िया बाबा आश्रम में आयोजित रामकथा पर प्रवचन करते हुए सोमवार को रामजीबाबा कोकिल महाराज ने कहा कि भगवान राम और कृष्ण में कोई अंतर नहीं है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कृष्ण के चरित्र और लीला को समझने के लिए श्रीराम के चरित्र तथा मर्यादा का पालन करना आवश्यक है। जब हम श्रीराम की मर्यादा का पालन करते हैं, तभी श्रीकृष्ण की लीला समझ में आती है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि जब भगवान का नाम जाप करते समय भक्त की आंखों में आंसू आने लगें तो समझना चाहिए कि उस भक्त पर भगवान की कृपा होने लगी है। महाराज श्री ने कहा कि कलियुग में भगवान का नाम जाप करना ही एक मात्र कल्याण का उपाय है। नाम जाप उल्टा-सीधा कैसा भी हो, वह फलदाई होता है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने बताया कि वाल्मीकि जी ने उल्टा नाम जाप किया। इससे उनका उद्धार हो गया। इस अवसर पर स्वामी सेवानंद ब्रह्मचारी, अभेदानंद, वृंदावनानंद, आनंद स्वरूप, राकेश, रामभरोसे पाठक आदि लोग उपस्थित थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;धर्मिक स्थलों की उपेक्षा पर आयु ॠत से मिलेगा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.10)। भाजपा के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने कहा है कि प्रशासन ब्रज परंपराओं, संस्कृति व मेला-पर्व की उपेक्षा कर रहा है। इस संबंध में जल्द ही मंडलायुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज करायी जाएगी और फिर भी जनहित के कार्य नहीं हुए तो आंदोलन किया जाएगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पार्टी कार्यालय पर हुई गोष्ठी में पूर्व राज्य मंत्री राम प्रसाद कमल ने कहा कि केंद्र व मायावती सरकार की जन विरोधी नीतियों का भंडाफोड़ कार्यकर्ताओं को जनता के बीच करना चाहिए। जनपद के धार्मिक पर्वो की उपेक्षा की जा रही है, जबकि जनता की गाढ़ी कमाई अधिकारी व नेता आपस में बंदरबांट कर रहे हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री योगेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि जनपद की दुर्दशा पर प्रकोष्ठ का एक शिष्टमंडल जल्द ही मंडलायुक्त से मिलेगा। यदि फिर भी जनहित के कार्य नहीं हुए तो आंदोलन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र नागर ने जनपद में खुलेआम अंडा, मांस की बिक्री, गोवंश की हत्या, बरसाना में अवैध खनन, विद्युत कटौती व जलभराव पर आक्रोश जताया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;चौतरफा विकास कार्यो से विरोधियों में बौखलाहट&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.10)। नगर पालिकाध्यक्ष श्याम सुंदर उपाध्याय ने कहा है, कि नगर में चौतरफा विकास कार्य चल रहे हैं। इससे विरोधियों में बौखलाहट बढ़ रही है, पर इससे कार्यो की गति पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वह सोमवार को वार्ड छह की दलित व मलिन बस्ती में छह लाख की लागत वाली दो सीसी सड़कों के निर्माण कार्य के शुभारंभ पर बोल रहे थे। शुभारंभ वरिष्ठ कांग्रेसी व सफाई मजदूर नेता गंगा स्वरूप कश्यप ने नारियल फोड़कर किया। क्षेत्रीय सभासद संगीता खरे के प्रतिनिधि ब्रजेश खरे ने चेयरमैन का साफा बांध स्वागत किया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चेयरमैन ने कहा, कि पालिका बोर्ड ने दस हजार सीएफएल और सौ हाईमास्ट लाइट लगाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। शहर जल्द ही दूधिया प्रकाश से नहाएगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;विकास खण्डों में विकसित होंगे कदम्ब वन&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDTCswHwxI/AAAAAAAAB7w/YmOXbGrjCEE/s1600/Kadamba_03.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDTCswHwxI/AAAAAAAAB7w/YmOXbGrjCEE/s320/Kadamba_03.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.10)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जनपद के विकास खण्डों में कदम्ब वन विकसित किये जाएंगे। तीन विकास खण्डों में इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कृष्ण लीलाओं से जुड़े कदम्ब की जनपद में पौध रोपण के पीछे पर्यावरण में सुधार का ध्यान तो रखा ही गया है, साथ में इनके माध्यम से जनपद में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कदम्ब पौध रोपण के लिए गड्ढे पहले ही खोदे जा चुके हैं। इसकी शुरुआत सीडीओ अजय शंकर पाण्डेय द्वारा 12 अगस्त को यहां विकास भवन के पिछवाड़े पौध रोपण से होगी। इसी दिन सात ब्लॉकों में बीडीओ भी कदम्ब के पौधे रोपेंगे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्हें अपने ब्लॉकों में एक-एक कदम्ब वन विकसित किये जाने का लक्ष्य दिया गया है। जनपद के मांट, नौहझील एवं मथुरा ब्लॉक में कदम्ब वनस्थल विकसित किये जाने की शुरुआत हो भी चुकी है। मांट के गांव ऊधर तथा नौहझील के नौशेरपुर में कदम्ब की पौध बड़ी संख्या में रोपी गई हैं। मथुरा विकास खण्ड के सभी आदर्श तालाबों के चारों ओर इसके पौधे रोपे जा रहे हैं। जनपद में कदम्ब की 48 हजार पौध बताई गई हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;नाला खुदाई के दौरान ओएफसी काटी&lt;/h3&gt;वृंदावन (AU 2010.08.10) । बीएसएनएल सेवा में कोई सुधार नहीं आया है। विभाग की लापरवाही से उपभोक्ता खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इसके पीछे अधिकारी ओएफसी कटने की बात कर रहे हैं, लेकिन केबल कब ठीक होगी किसी के पास कोई जवाब नहीं है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अधिकारियों के इस टालमटोल रवैये से साइबर कैफे संचालक और ब्राडबैंड सेवा का प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नगर के विद्यापीठ चौराहा क्षेत्र में भूमिगत ओएफसी रविवार को नाला खुदाई के दौरान कट गई थी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इससे हरिनिकुंज, बांके बिहारी कालोनी, मोतीझील, दुसायत आदि इलाकों के टेलीफोन और ब्राडबैंड सेवा प्रभावित हुए। लाइन को कटे दो दिन बीत गए, लेकिन इसे ठीक नहीं किया जा सका है। इससे इलाके के टेलीफोन उपभोक्ता और ब्राडबैंड सेवा का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में एसडीओ (फोंस) आरके गोस्वामी ने बताया कि विद्यापीठ चौराहे पर कटी ओएफसी को ठीक करना शुरू कर दिया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;कॉमनवेल्थ गेम्स: सेक्स की मंडी सजाने की तैयारी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.10)। कोसीकलां में हाइवे पर होटलों और ढाबों पर पड़े छापों ने सेक्स रैकेट के सरगनाओं के हौसले फिलहाल भले ही पस्त हो गये हों, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर नये सिरे से मंसूबे पालने लगे हैं। हाइवे पर आरामगाहों में सेक्स की मंडियां सजाने की तैयारियां होने लगी हैं। दिल्ली, जयपुर, आगरा के टूअर के दौरान रेस्ट प्वाइंट के लिए इन्हीं आरामगाहों में विशेष इंतजाम के ब्लू प्रिंट तैयार होने लगे हैं। देह कारोबार से जुड़े लोग इस सुनहरे मौके को भुनाने के मूड में हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पिछले दिनों कोसी में होटलों और ढाबों में छापे के दौरान दूसरे राज्यों की कॉलग‌र्ल्स को देख न केवल पुलिस बल्कि स्थानीय लोगों की भी आंखें फटी की फटी रह गई थीं। हरियाणा, दिल्ली, असोम, पश्चिम बंगाल, बिहार से आईं इन कॉलग‌र्ल्स की मौजूदगी ने इस क्षेत्र में सेक्स रैकेट के लम्बे हाथ और बिजनेस के बड़े मंसूबे उजागर कर दिये थे। जानकार कहते हैं कि इतनी टॉप क्लास कॉलग‌र्ल्स किसी बड़े शहर की ओर ही रुख करती हैं। मौजमस्ती और अय्याशी के लिए इस क्षेत्र को मुफीद मानना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कॉमनवेल्थ गेम्स को देखने के लिए दूसरे देशों से दिल्ली आने वाले मेहमानों का लक्ष्य आगरा का ताज महल एवं ब्रज क्षेत्र भी होगा। जिसको देखते हुए हाइवे पर मेहमानों के ठहरने आदि के लिए प्वाइंट बनाए जाने हैं। सूत्र बताते हैं कि क्षेत्र में कई होटल इस सूची में शामिल हो सकते हैं। जबकि निजी तौर पर भी होटल मालिक एजेंसियों से संपर्क में है। लिहाजा हाइवे किनारे बने होटल एवं गेस्ट हाउसों पर मेहमानों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-5408283334021323336?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/5408283334021323336/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=5408283334021323336' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5408283334021323336'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/5408283334021323336'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-10.html' title='2010-08-10 ब्रज का समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_tWtGNWVDlTE/SKF0sJenOuI/AAAAAAAAAbU/1Apk0eASCEI/s72-c/Radha+and+Krishna+on+a+swing+Picture.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-7126078053078984409</id><published>2010-08-09T09:08:00.001-07:00</published><updated>2010-08-09T22:22:26.047-07:00</updated><title type='text'>2010-08-09 ब्रज का समाचार (2)</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDh75NonWI/AAAAAAAAB8A/sukxQaz8z1o/s1600/phulabangalow-2.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="267" src="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDh75NonWI/AAAAAAAAB8A/sukxQaz8z1o/s400/phulabangalow-2.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;/h3&gt;&lt;h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;/h3&gt;&lt;h3&gt;फूल बंगला महोत्सव का समापन आज&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGAuXtVG9XI/AAAAAAAAB7g/nXZfg2Uv7g4/s1600/phulabangalow.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGAuXtVG9XI/AAAAAAAAB7g/nXZfg2Uv7g4/s320/phulabangalow.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;वृन्दावन (AU 2010.08.09) | धर्मनागरी में विगत पाञ्च महीनों से चल रहे फूल बंगला महोत्सव का सोमवार को &lt;a href="http://hi.brajdiscovery.org/index.php?title=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80_%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C"&gt;हरियाली अमावस्या&lt;/a&gt; के साथ समापन हो रहा है । चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी से हरियाली अमावस्या तक नगर के विभिन्न मंदिरों  में ठाकुर जी फूल बंगले में विराजमान  होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं । इनमें नगर के ठा. बांकेबिहारी , राधावल्लभ, राधारमण, राधाश्यामसुन्दर, राधादामोदर, रंगनाथ भगवान्, मदनमोहन, गोपीनाथ, गोविंददेव, इम्लितला आदि मंदिर शामिल हैं ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इन सब देवालयों में हरियाली अमावस्या के बाद फूल बंगला का आयोजन समाप्त हो जाएगा । राधावल्लभ संप्रदाय का सेवायत योगेंद्र वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि बरसात में फूल कम मात्रा में पाये जाते हैं, कुछ में कीड़े भी पड़ जाते हैं । इस कारण भगवान् का कष्ट न हो, इस के लिए फूल बंगले हरियाली अमावस्या तक ही बनाए जाते हैं ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;वृन्दावन में प्रवेश नहीं कर सकेंगे भारी वाहन&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;हरियाली तीज मेला की तैयारी पर मंथन&lt;br /&gt;व्यवस्थाओं के लिये प्रशासन ने की बैठक &lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (AU 2010.08.09) | १२ अगस्त को होने वाला हरियाली तीज मेला व्यवस्था के मद्देनजर जिला प्रशासन ने रविवार को कोतेवाली में हुई बैठक में एसपी सिटी रामकुमार वर्मा ने कहा कि मेला के मद्देनजर १२ अगस्त हरियाली तीज पर नगर में  भारी वाहनों का प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा । मथुरा की ओर से आने वाले पागल बाबा पार्किंग स्थल पर रोक दिये जाएंगे । छटीकरा की ओर से आने वाले वाहनों को रुकमणि विहार आवासीय कालोनी पर रोक दिया जाएगा ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने नगर के सभी होटल, आश्रम और गेस्ट हाउस संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे विना पहचान पत्र के किसी भी यात्री को न ठहराएं । वरना संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार ने बांकेबिहारी मंदिर के आसपास के दुकानदारों को चेतावनी दी कि सोमवार तक अतिक्रमण हटा लें अन्यथा अभियान चलाना जाएगा । बैठक में रमेशचंद्र बीकेडी, व्यापार मंडल के चेयरमैन नेता ललित अरोड़ा, राजकुमार अग्रवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने रंग जी मंदिर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था एवं केशीघाट पर बैरिकेडिंग लगाने मांग की । पालिकाध्यक्ष  प्रतिनिधि योगेश द्विवेदी ने कहा कि पालिका की ओर से यमुना के घाटों पर बैरिकेडिंग तथा घोटाखोरों की भी व्यवस्था की जाएगी । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बैठक में सीओ सदर कायम सिंह, सभासद केशवदेव, केसी पंकज, उस्मान कुरैशी, कोतवाली प्रभारी आरके सिंह, पूर्व सभासद मुकेश गौतम, राजपुर प्रधान रूप किशोर बघेल, एसदीओ विद्युत सुनील सक्सेन, संत मोहनानंद और पौप सिंह आदि उपस्थित थे ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;नाला निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (AU 2010.08.09) | वृन्दावन वचाओ संस्था ठा. राधा सनेही मंदिर में आयोजित बैठक में संस्था के महासचिब पं. बिहारीलाल वशिष्ठ एवं पं. भगवतशरण गौतम ने कहा कि सीवर लाइन से निकाली गई मिट्टी को ठेकेदार बेच रहे हैं । उसके स्थान पर बालू डाली जा रही है । इस से सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए हैं और राहगीर चुटैल हो रहे हैं ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुख्य अतिथि महंत फूलडोल बिहारी दास ने कहा कि यमुना के घाटों पर जो नाला निर्माण किया जा रहा है, उसमें घटिया सामग्री प्रयोग किया जा रहा है । क्षेत्रीय विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि केवल ४० प्रतिशत विकास कार्य हो पाया है । अभी ६० प्रतिशत बाकी है । जनता अपने अपने क्षेत्रों में निगम द्वारा किये जा रहे कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देकर गलत कार्य करने वाले  दोषी ठेकेदारों की सूची बनाकर निगम के अधिकारियों और उनको सौंपे । उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जलनिगम के मुख्य प्रबंध निदेशक एके श्रीवास्तव ने कहा कि कार्य में गुणवत्ता सही नहीं पाई गई तो ठेकेदारों को भुगतान नहीं किया जाएगा । उन्होंने कहा की कार्यों की जांच भी कराई जाएगी । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बैठक में मोहन सिंह सिसौदिया, स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य, नंदादास महाराज, पूरण यादव, शशिकांत, बालकृष्ण गौतम, आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी, एसके वर्मा, बीएस चांद, आदि ने भी विचार व्यक्त किये ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;धरोहरों पर कब्जे&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;अमर उजाला (गुड मार्निंग) | पुरातत्त्व इमारतें देश की धरोहर है । इन्हें  अचाए रखना इतिहास को वचाने के समान है । इस इमारतों पर लोगों की कुदृष्टि लगी हुई है । मथुरा में कई ऐतिहासिक इमारतें हैं । इनके आसपास अवैध कब्जे हो रहे हैं । पुरातत्त्व विभाग अवसर आंखे मूंदे रहता है । यदि इन इमारतों पर या इनके आसपास कब्जे होते रहे तो धरोहर नष्ट होने में देर नहीं लगेगी । फिलहाल मथुरा में पुरातत्त्व विभाग  द्वारा अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस देने का कदम उठाना सरहनीय कदम है ॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-7126078053078984409?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/7126078053078984409/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=7126078053078984409' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/7126078053078984409'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/7126078053078984409'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-09-2.html' title='2010-08-09 ब्रज का समाचार (2)'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TGDh75NonWI/AAAAAAAAB8A/sukxQaz8z1o/s72-c/phulabangalow-2.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-7394580754789228404</id><published>2010-08-09T04:57:00.000-07:00</published><updated>2010-08-09T04:57:00.159-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.१३-१५</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFay0dmNTGI/AAAAAAAAB4g/6cjN1sIu9Qk/s1600/Prema-sarovara.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFay0dmNTGI/AAAAAAAAB4g/6cjN1sIu9Qk/s400/Prema-sarovara.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;प्रेमसरोवर, नन्दगांव (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;ब्रह्मज्योतिः पूर्णमानन्दसान्द्रं राधाकृष्णाकारमाश्चर्यसीम ।&lt;br /&gt;शुद्धस्वाद्यप्रीतिशक्तेर्निधानं वृन्दारण्ये यो भजेत् सोऽतिधन्यः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;ब्रह्मज्योति पूर्ण, आनन्दघन, आश्चर्य की सीमा श्रीराधाकृष्ण नाम धारी विशुद्ध एवं आस्वादन करने योग्य प्रीति शक्ति के बीज स्वरूप को जो श्रीवृन्दावन में भजे, वही अति धन्य है ॥३.१३॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;नवं नवमहो दधद्वपुरपूर्वकैशोरकं&lt;br /&gt;नवं नवमहो वहद्बहलमन्मथाडम्बरम् ।&lt;br /&gt;नवं नवमहो दुहत्सुखमहाब्धिमालीदृशां&lt;br /&gt;दृशाहमपि किं पिबाम्यभयधामवृन्दावने ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;अहो ! नव नवायमान अपूर्व कैशोर देह धारण करने वाले, अनेक प्रकार के नवीन नवीन काम आडम्बर प्रकट करने वाले एवं सखियों के नेत्रों को नूतन नूतन सुख महासागर दान करने वाले, उस अभयदानकारी युगलकिशोर के मैं भी क्या इन नेत्रों के द्वारा श्रीवृन्दावन में दर्शन कर सकूंगा ? ॥३.१४॥&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;प्रभो मदनमोहन त्वमतिचारुवृन्दाटवी-&lt;br /&gt;निकुञ्जभवने मया दयित कर्हि सेविष्यते ।&lt;br /&gt;प्रसूनशयनं गतः सरभसं ममात्मेश्वरी-&lt;br /&gt;सहाय उरुमन्मथक्षुभितमूर्तिरुद्यत्स्मितः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;हे प्रभो मदनमोहन ! हे प्यारे ! मनोहर श्रीवृन्दावन के निकुञ्ज भवन में पुष्पशय्या पर मेरी प्राणेश्वरी श्रीराधा के साथ प्रसन्न चित्त बैठे हुए प्रबल काम के द्वारा क्षुभित आकृति बाले एवं मृदु मधुर मुसकान युक्त आपकी मैं कब सेवा करूंगा ? ॥३.१५॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-7394580754789228404?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/7394580754789228404/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=7394580754789228404' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/7394580754789228404'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/7394580754789228404'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_09.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.१३-१५'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFay0dmNTGI/AAAAAAAAB4g/6cjN1sIu9Qk/s72-c/Prema-sarovara.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-2091901952849855715</id><published>2010-08-08T19:57:00.000-07:00</published><updated>2010-08-08T20:00:00.004-07:00</updated><title type='text'>2010-08-09 ब्रज का समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;अवैध निर्माणों पर चेता एएसआई&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.09)। संरक्षित स्मारकों और धरोहरों के करीब बढ़ते अतिक्रमण को केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने संजीदगी से लेना शुरू कर दिया है। जिले के क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ने भी प्राचीन इमारतों के आसपास अवैध निर्माण करने वाले दर्जनभर लोगों को नोटिस भेजे हैं। इस बारे में पुलिस सहायता के लिए भी लिखा गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शासन के नवीन प्रावधानों के अनुसार एएसआई द्वारा संरक्षित प्राचीन धरोहरों के २०० मीटर दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए एएसआई से एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। धरोहरों के १०० मीटर के दायरे में पूर्व से ही नवीन निर्माणों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इन स्मारकों के करीब पूर्व में हुए निर्माणों के लिए तो अब कुछ नहीं किया जा सकता पर जो नवीन अब निर्माण किए जा रहे हैं, उनको रोकने के लिए पुरातत्व विभाग सतर्क हो गया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अब १०० मीटर के दायरे में पुराने समय से बने मकानों और इमारतों की मरम्मत के लिए भी पुरातत्व विभाग से एनओसी लेनी पड़ेगी। इसी प्रकार के अवैध नव निर्माण केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित कंकाली टीला, जयसिंहपुरा, गोपालखेरा, वृंदावन स्थित गोविंद देव मंदिर, मदन मोहन मंदिर, राधाबल्लभ मंदिर, जुगल किशोर मंदिर आदि के आसपास भी किए जा रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;विभाग ने निर्माण कर रहे करीब एक दर्जन लोगों को नोटिस भेजे हैं। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी आरसी शर्मा ने बताया इन लोगों को नोटिस भेज एनओसी लेने को कहा गया है। पुलिस को भी पत्र लिख कार्रवाई में मदद मांगी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;बाबा भोले पर चढ़ा गंगा जल&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.09)। हजारों कावड़ियों ने रविवार को देवाधिदेव महादेव के मंदिरों में गंगा जल चढ़ा कर ओघड़दानी की जय-जयकार की। हरिद्वार से अनेक तस्वीर एवं वस्त्र-आभूषणों में गंगा मैया का जल लेकर रवाना हुये भक्तों ने मास शिव रात्रि का पर्व मनाया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रभु के सेवकों ने रविवार को खाली बार मानने की प्राचीन मान्यता को दर किनार करते हुये मंदिर में जलाभिषेक कर धर्म-कर्म किये। इस दौरान शहर के प्रसिद्ध भूतेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने वालों की बहुत भीड़ रही। रंगेश्वर, पिपलेश्वर, नील कंठेश्वर, गोकरणेश्वर, गर्तेश्वर मंदिरों पर भी भक्त समुदाय ने श्रद्धा के साथ दर्शन किये। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जल चढ़ाने के बारे में शिव भक्त राधा बल्लभ शर्मा ने बताया कि हरिद्वार से जल लाने वाले लाखों लोगों ने देश के विभिन्न अंचलों में मासिक शिव रात्रि रविवार को ही जलाभिषेक करने का निर्णय लिया। वे व्रत सोमवार को रखेंगे। 28 को हरिद्वार रवाना हुये और रविवार को प्राचीन भूतेश्वर मंदिर पर साथी शिव सेवकों प्रताप गोवाल, विष्णु, सत्यवीर, पप्पू जैवाल, जगदीश व देवेंद्र ने कहा कि वे सोमवार को छटीकरा में प्रभु पर जला चढ़ाएंगे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दूसरी ओर भगवान के मंदिरों पर श्रावण के तीसरे सोमवार को धूम-धाम से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। किसी मंदिर में बर्फ को तो किसी में फल-फूल का बंगला सजाने का फैसला लिया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;शिव भक्तों ने भोले का जलाभिषेक किया&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;कोसीकलां (AU 2010.08.09)। मन की उमंग में भोले की तरंग ... बोल बम-बम से गूंज रहा है वातावरण। सावन की शिवरात्रि के मौके पर रविवार को क्षेत्र में कई स्थानों पर शिवालयों में हजारों श्रद्धालुओं ने &lt;br /&gt;जलाभिषेक किया। महिला और पुरुष नगर के प्रमुख तालाबशाही स्थित महादेव मंदिर पर पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए उमड़े। इस दौरान मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गई थी। नगर के अन्य मंदिरों में शिव भक्त पूजा-अर्चना के साथ शाम से देर रात तक दर्शनों के लिए उमड़ पड़े।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इन दिनों सावन का पवित्र मास चल रहा है। ऐसा माना जाता है कि यह महीना अन्य माह की अपेक्षा पवित्र और श्रेष्ठ होता है। इस माह में शिव की भक्ति से मनोकामना पूर्ण होती है। शिव लिंग पर पवित्र जल चढ़ाते हुए वे समृद्ध और सुखी जीवन की कामना करते हैं। रामलीला संस्थान के अध्यक्ष चौधरी मदनलाल ने शिविर लगाकर कांवरियों को फलाहार की व्यवस्था की। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;खड़ी कांवड लाने वाले भक्त रातभर कांवर को कंधे पर उठाकर घूमते रहे। ब्रह्म मुहूर्त पर मंदिर खुलते ही उन्होंने जलाभिषेक शुरू कर दिया। बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठे मंदिर परिसर। शाम को मंदिर पर फूल बंगला की झांकी सजाई गई। झांकी देखने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। नगर के अनेक शिवालयों में भी श्रद्धालुओं में पूजा-अर्चना करने के लिए होड़ लगी हुई थी। भगवती मंदिर पर भी पूजन और दर्शन के लिए महिलाओं के आने का क्रम शुरू हो गया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;जन्माष्टमी : सहूलियत के साथ रहेंगी सभी पर निगाहें&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.09)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की सहूलियतों का ध्यान रखते हुये सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा कर्मी जन्मभूमि क्षेत्र के चारों ओर निगाह रखेंगे। इस बार भंडारे लगाने की अनुमति नगर मजिस्ट्रेट से प्राप्त करनी होगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिला मजिस्ट्रेट डीसी शुक्ल की अध्यक्षता में श्री कृष्ण जन्म स्थान स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में ये निर्णय लिये गये। निर्णय के मुताबिक, कानून-व्यवस्था की दृष्टि से जन्मभूमि के आसपास रेड और यलो जोन समेत मथुरा-वृंदावन के सभी प्रमुख मंदिरों में मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात किये जाएंगे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं का प्रवेश गोविंद नगर गेट और निकासी मुख्य द्वार से होगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बैठक में 11 स्थानों पर पार्किंग बनाकर इसका जिम्मा नगर पालिका को सौंपने, पांच स्थानों पर सामानघर बनाकर इसकी जिम्मेदारी श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान को सौंपने का निर्णय लिया गया। किसी भी आकस्मिकता के दृष्टिगत श्रीकृष्ण जन्म स्थान परिसर के आसपास व बाहरी गेटों पर चार एंबुलेंस, यलो जोन के आउटर कट पर बैरिकेडिंग व बैरियर लगाये जाएंगे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूरे नगर में पर्याप्त रोशनी के लिये नगर पालिका और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्रद्धालुओं को वृंदावन ले जाने के लिये बीस बसें संचालित की जाएंगी। जिला मजिस्ट्रेट ने नगर की सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश लोक निर्माण विभाग और विप्रा अफसरों को दिये हैं। श्री शुक्ल ने संबंधित सभी विभागों के अफसरों को समय से कार्य पूरा करने के लिये कहा। जन्मभूमि के आसपास स्थित होटल और धर्मशालाओं की आकस्मिक चेकिंग जल्द शुरू कर दी जायेगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;वाल्मीकि समाज का शोषण बर्दाश्त नहीं&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (AU 2010.08.09)। उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष एनआर वाल्मीकि ने राधा निवास स्थित वाल्मीकि बस्ती शिवजी मंदिर पर सफाई कर्मचारियों की सभा में कहा कि वाल्मीकि समाज अपनी शक्ति को पहचानकर ईमानदारी और समाज के हित में कर्तव्य का पालन करे। उन्होंने कहा कि समाज का शोषण करने वाले और समाज में जहर घोलने वाले असामाजिक तत्वों से सावधान रहें। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज को चाहिए कि वह संगठित हो और देशहित में योगदान दें। उन्होंने संघ के कार्यकर्ता सोरन सिंह चंदेल को नगर अध्यक्ष बनाने की घोषणा करते हुए धारा (३५) के अधीन कार्य करने के लिए अधिकृत किया। इस अवसर पर गुरुचरन चौहान, राधेश्याम, कालीचरन भारती, ब्रजीराम, नारायण दास, विजयपाल, गिर्राज प्रसाद, मुरारीलाल, ब्रजमोहन चंदेल, मोहन सिंह, रमेश जयादार, चंद्रसागर, शकुंतला देवी, शांति, मीरा, देवी, अंगूरी, रोनवरी, मोहन देवी, गड़िया आदि उपस्थित थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;डेढ़ माह में कैसे बनेंगी सड़कें&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (AU 2010.08.09)। राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर शहर में बनाई जाने वाली आधा दर्जन सड़कों के निर्माण पर सवाल उठने लगे हैं। बरसात के दिनों में मात्र डेढ़ माह में शहर के बीच सड़कों का पूरा कराने का कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राष्ट्रमंडल खेलों के लिए शहर की आधा दर्जन सड़कों को चमकाने तथा उनके निर्माण का जिम्मा  लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड कार्यालय को सौंपा गया है। इसमें होटल शीतल रीजेंसी से गोविंदनगर श्रीकृष्ण जन्म स्थान तक, स्टेट बैंक चौराहे से संग्रहालय तक, हाइवे से श्रीकृष्ण जन्मस्थान, भूतेश्वर से मसानी तिराहे तक, औरंगाबाद से टैंक चौराहे तक, क्वालिटी तिराहे से डीग गेट तक की सड़कों को गड्ढा मुक्त व नई लेयर डालकर पेवर मशीन से सड़क बनाने के प्रस्ताव भेजे थे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सड़कों के किनारे दोनों ओर इंटरलाकिंग सड़क तथा नालियों का निर्माण भी होना है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए फाइलें लखनऊ स्वीकृति को भेजी हैं। कार्यवाहक एक्सईएन एमके शर्मा ने बताया कि फाइल विशेष सचिव के पास स्वीकृति को भेज दी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;स्वीकृति मिलने के बाद समयावधि में काम पूरा करा लिया जाएगा। अभी तक उन्हें राज्य सरकार ने स्वीकृत तक नहीं किया है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि बरसात के दिनों में शहर के बीचों बीच इतने कम समय में सड़कों का निर्माण कैसे पूरा होगा जबकि आगामी माह में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व भी है। इसमें जुटने वाली भीड़ भी काम कराने में काफी रोड़ा साबित होगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-2091901952849855715?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/2091901952849855715/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=2091901952849855715' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2091901952849855715'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2091901952849855715'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-09.html' title='2010-08-09 ब्रज का समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-2125268783468861748</id><published>2010-08-08T04:51:00.000-07:00</published><updated>2010-08-08T04:51:00.160-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.१०-१२</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFaxVVBaMjI/AAAAAAAAB4Y/zXMjpMM2gE4/s1600/prema-sarovar6.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFaxVVBaMjI/AAAAAAAAB4Y/zXMjpMM2gE4/s400/prema-sarovar6.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;प्रेमसरोवर, नन्दगांव (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;स्वच्छप्रोज्ज्वलदिव्यवासकुसुमाद्यापूर्णं संशीतल&lt;br /&gt;च्छायाभाजि तले नवक्षितिरुहां संक्रीडसुप्तासिकम् ।&lt;br /&gt;कुञ्जे कुञ्ज उदारकेलिकुसुमोल्लोचास्तरे पानका-&lt;br /&gt;द्याढ्ये यस्य तदद्भुतं द्वयमहस्तत् पश्य वृन्दावने ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;जिस श्रीवृन्दावन के स्वच्छ परम उज्ज्वल दिव्य वस्त्र रूप कुसुमादि से परिपूर्ण सुशीतल छाया युक्त नवीन वृक्षों के नीचे दोनों सुन्दर क्रीड़ा कर निद्रित भाव से विराजते हैं, एवं जिसकी कुसुम रूप चन्द्रातपों से आश्छाचित विविध मधुभरी कुञ्ज कुञ्ज में उदार केलि परायण अद्भुत श्रीयुगलकिशोर अवस्थित हैं, उसी श्रीवृन्दावन में ज्योतिर्मय उन युगलकिशोर का दर्शन कर ॥३.१०॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;त्रैगुण्यातीतपूर्णोज्ज्वलविमलमहाकामबीजात्मदिव्य-&lt;br /&gt;ज्योतिःस्वानन्दसिन्धौ किमपि सुमधुरं द्वीपमाश्चर्यमस्ति ।&lt;br /&gt;तस्मिन् वृन्दावनं तद्रहसि रसभरैर्मञ्जुला कुञ्जबाटी&lt;br /&gt;काचित्तत्रातिभावाद्भज सुरतिनिधी राधिकाकृष्णचन्द्रौ ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;सत-रज-तम – इन तीनों गुणों से परे अत्यन्त उज्ज्वल शुद्ध महाकाम बीज स्वरूप दिव्य ज्योति के स्वानन्द निजानन्द समुद्र में कोई एक अति मधुर आश्चर्यजनक द्वीप है, उसमें श्रीवृन्दावन अवस्थित है, उस श्रीवृन्दावन के गुप्त स्थान में रसपूर्ण कोई एक मनोहर कुञ्जवाटी विद्यमान है, वहां सुरति निधि श्रीराधिका कृष्ण चन्द्रका अति भावपूर्वक भजन कर ॥३.११॥&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="font-size:large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span"  style="color:#000099;"&gt;दृष्ट्वा दृष्ट्वा राधिकाकृष्णयोस्तद्दिव्यं रूपं दिव्यकन्दर्पकेलिम् ।&lt;br /&gt;श्रुत्वा श्रुत्वा शीतपीयूषवाणीं वृन्दारण्ये किं रसाब्धिं विगाहे ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;blockquote&gt;श्रीराधा-कृष्ण के उस दिव्य रूप एवं दिव्य कन्दर्प केलि का दर्शन करते करते तथा उनकी सुशीतल अमृतवाणी को सुन सुन कर इस श्रीवृन्दावन में क्या कभी मैं भी रस के समुद्र में अवगाहन कर सकूंगा ? ॥३.१२॥&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-2125268783468861748?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/2125268783468861748/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=2125268783468861748' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2125268783468861748'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/2125268783468861748'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_08.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.१०-१२'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFaxVVBaMjI/AAAAAAAAB4Y/zXMjpMM2gE4/s72-c/prema-sarovar6.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-6452395428568179548</id><published>2010-08-07T19:23:00.000-07:00</published><updated>2010-08-08T01:33:52.415-07:00</updated><title type='text'>2010-08-08 ब्रज का समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;झुलन महोत्सव का शुभारंभ हुआ&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (AU 2010.08.07: श्रीकृष्ण लीला चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्त्वावधान में रमण रेती स्थित रामकृष्ण लीला पण्डाल में शनिवार को झुलन महोत्सव का शुभारंभ हो गया । उद्घाटन करते हुए संत राम प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि ब्रज की पारंपरिक रास लीलाएं मंदिरों के प्रांगण में तक ही सीमित थीं, लेकिन पद्मश्री रामस्वरूप शर्मा के प्रयासों से आज इनका स्वरूप विश्वव्यापी हो गया है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ब्राह्मण महासभा के संरक्षक सुरेश चन्द्र शर्मा, अध्यक्ष तोताराम शर्मा, राम कृपालु त्रिपाठी और चंद्रलाल शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा रास लीला की मर्यादित परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए शर्मा को पद्मश्री की उपाधि दी । यह समूचे ब्रज के लिए सम्मान है । &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इससे पहले मुख्य यजमान झुमरलाल अग्रवाल ने आचार्य मनीष शुक्ल के आचार्यत्व में रासबिहारी ठाकुर की पूजा अर्चना की । पद्मश्री रामस्वरूप शर्मा के निर्देशन में श्री-कृष्ण लीला संस्थान के पात्रों ने रासलीला में प्रस्तुति देकर दर्शकों को मन्त्र मुग्ध कर दिया । इस मौके पर बाबा रामदास , मधुमङ्गल शुक्ला, बृजेश शर्मा, ब्रजेंद्र मोहन गोस्वामी, श्यामलाल शर्मा, मोहन लाल शर्मा, भूरी सिंह, राम गोपाल शर्मा, संजय पाठक आदि थे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;देशी विदेशी श्रद्धालुओं को होगी परेशानी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (AU 2010.08.07 : बांके बिहारी के स्वर्ण हिंडोले के दर्शन के अब पाञ्च दिन शेष रह गए हैं, फिर भी नगर में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है । इनके चलते बाहर से आने देशी विदेशी श्रद्धालुओं को परेशानियों को सामना करना पड़ सकता है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्रावण मास की महत्त्व को ध्यान में रखकर देशी विदेशी श्रद्धालुओं का वृन्दावन में उमड़ना शुरू हो गया है । व्यवस्था की दृष्टि से प्रशासन द्वारा यहां इंतजाम नहीं कराए गए हैं । बांके बिहारी मंदिर पहुंचने के सभी मार्ग विकास की भेंट चड़ गए हैं । अधिकतर मार्ग पर भूमिगत विद्युत लाइन, सीवर और नाला निर्माण कार्य चल रहा है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;हरियाली तीज महोत्सव की तैयारियां&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (DJ 2010.08.07)। वृन्दावन में वृन्दावन विकास समिति की एक बैठक कैम्प कार्यालय पर आयोजित की गई। जिसमें आगामी हरियाली तीज महोत्सव की तैयारियों के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण पाठक ने कहा कि समिति द्वारा बांकेबिहारी मंदिर परिसर एवं मंदिर की ओर जाने वाले सभी मार्गो पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाये जायेंगे तथा स्थान-स्थान पर पेयजल व्यवस्था और अस्वस्थ व वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विश्राम का समुचित प्रबंध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस हेतु सभी अतिथिगृहों एवं धर्मशालाओं के प्रबंधकों से सम्पर्क किया जा रहा है। प्रो. पी.एल. यादव ने कहा कि नगर की सभी गलियां व सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। जहां कार्य हो गया है वहां न तो मरम्मत की गयी है और न ही वहां से मलवा ही हटाया गया है। जिससे आयेदिन राहगीर चुटैल होते रहते हैं। डा. माधवेश गौतम ने कहा कि नगर में गंदगी का साम्राज्य व्याप्त है। सभी नाले व नाली कीचड़ से अटे पडे़ हैं। गंदा पानी सड़कों पर हिलोरे मारता रहता है। पं. बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि पुलिस की गश्त न होने से निरंतर आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;राष्ट्र रक्षा सूत्र यात्रा 22 को जायेगी बाजा बार्डर&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (DJ 2010.08.07)। मथुरा मार्ग स्थित वात्सल्य ग्राम में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें वात्सल्य ग्राम द्वारा आयोजित राष्ट्र रक्षा सूत्र यात्रा के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्र रक्षा सूत्र यात्रा की संयोजिका ब्रह्माचारिणी शिरोमणि ने बताया कि वात्सल्य मूर्ति दीदी मां साध्वी ऋतंभरा द्वारा आयोजित राष्ट्र रक्षा सूत्र यात्रा विगत अनेक वर्षो से देश की सीमाओं पर तैनात देश के सैनिकों की कलाईयों में रक्षा सूत्र बांधकर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करती है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी राष्ट्र रक्षा सूत्र यात्रा 22 अगस्त को वात्सल्य ग्राम से बाघा बार्डर के लिए प्रस्थान करेगी। जिसके द्वारा देश भर से भेजी गयी राखियों को सैनिकों की कलाईयों पर बांधा जायेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्र रक्षा सूत्र यात्रा 22 अगस्त को दोपहर 2 बजे वात्सल्य ग्राम से प्रस्थान करेगी। जो दिल्ली इंडिया गेट पर अमर ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर बाघा बार्डर के लिए रवाना होगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;भागवत कथा सुनने उमड़े श्रोता&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.07)। भागवत श्रवण करने का तात्पर्य श्रद्धालु केवल कहानियां सुनकर समय पास करना न समझें। यदि पूरी सच्चे मन और श्रद्धा से श्रीमद्भागवत का श्रवण किया जाये तो मनुष्य से अज्ञान रूपी अंधकार से छुटकारा मिल जायेगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यह विचार रामनगर स्थित तोताराम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास चैतन्य हरि महाराज ने श्रद्धालुओं से व्यक्त किये। कथा के मध्य में उन्होने मधुर संगीतमयी धुनों पर भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;अतिक्रमण हटाने में लापरवाही, हादसा&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (AU 2010.08.07)। नगर के विद्यापीठ चौराहा पर सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने के दौरान ठेकेदार की लापरवाही से एक लड़के की जान पर बन आई। विद्यापीठ चौराहे पर एक मंदिर में सो रहे किशोर पर पत्थर टूटकर गिर गया। इससे किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अर्जुन शनिवार की सुबह विद्यापीठ चौराहे के समीप मंदिर में सो रहा था। उसी वक्त चौराहा पर &lt;br /&gt;जल्दबाजी में मजदूरों ने अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। लोगों ने ठेकेदार से कुछ देर के लिए इमारत ढहाने के लिए मना किया था, लेकिन ठेकेदार नहीं माना। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;परिणामस्वरूप मजदूरों और बुलडोजर द्वारा इमारत को ढहाए जाने के दौरान एक पत्थर टूटकर मंदिर में जा गिरा। इससे मंदिर में सो रहा अर्जुन घायल हो गया। चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों के गुस्से के आगे ठेकेदार वहां से फरार हो गया। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;डीएम ने अफसरों के कसे पेंच&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TF4U1XcuSJI/AAAAAAAAB7Y/S1bzxNu_FmE/s1600/janmasthan_guard.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="200" src="http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TF4U1XcuSJI/AAAAAAAAB7Y/S1bzxNu_FmE/s200/janmasthan_guard.jpg" width="139" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;मथुरा (AU 2010.08.07)। अति संवेदनशील श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दो सितंबर को होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यूह रचना बनाना शुरू कर दिया है। मंथन में जुटे सभी विभागों को डीएम ने ३० अगस्त तक की डेड लाइन दे दी है। समय पर कमी पाए जाने पर सख्त कार्यवाही का इशारा भी कर दिया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;योगीराज श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव दो सितंबर को मनाया जाएगा। उनकी जन्मस्थली पर जुटने वाली भीड़ को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के कंट्रोल रूम में जन्मस्थान की तैयारियों के लिए पुलिस-प्रशासन समेत दर्जनों विभागों के अफसरों ने घंटों मंथन किया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डीएम दिनेश चंद शुक्ल ने विद्युत निगम, पालिका प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, जलनिगम, स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को अपने-अपने कार्य ३० अगस्त हर हाल में पूरा करने की डेड लाइन दी। डीएम ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि वह उनके किए गए कार्यों को चेक करेंगे। अगर कार्य में कमी पाई गई तो विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;डीएम ने पीडब्ल्यूडी को सड़कें दुरुस्त करने को कहा, वहीं पालिका प्रशासन को पार्किंग व्यवस्था के अलावा शहर की सफाई दुरुस्त रखने को निर्देशित किया। विद्युत निगम को जर्जर तारें एवं विद्युत पोलों को फिट रखने को कहा। डीएम ने कहा कि सुरक्षा के इंतजाम पर्याप्त रहेंगे। मीटिंग में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, एसपी (सुरक्षा) आरपीएस यादव, एसपी (सिटी) रामलाल वर्मा आदि मौजुद रहे ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-6452395428568179548?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/6452395428568179548/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=6452395428568179548' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/6452395428568179548'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/6452395428568179548'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/2010-08-08.html' title='2010-08-08 ब्रज का समाचार'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TF4U1XcuSJI/AAAAAAAAB7Y/S1bzxNu_FmE/s72-c/janmasthan_guard.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-3470866777333354592</id><published>2010-08-07T04:45:00.000-07:00</published><updated>2010-08-07T04:45:00.090-07:00</updated><title type='text'>श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.७-९</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFawHORKtEI/AAAAAAAAB4Q/W_JQjS7nw8w/s1600/Mayurkutir_Varshaa.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" height="300" src="http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFawHORKtEI/AAAAAAAAB4Q/W_JQjS7nw8w/s400/Mayurkutir_Varshaa.jpg" width="400" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div style="text-align: right;"&gt;मयूरकुटि वरसाना (Photo from &lt;a href="http://www.lakeofflowers.com/"&gt;Lake of Flowers&lt;/a&gt;).&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;नित्यक्रीडामयतनु तनुक्षौममानीलपीतं&lt;br /&gt;विभ्रज्जाम्बुनदमरकतज्योतिराश्चर्यनीलम् ।&lt;br /&gt;नानानर्मप्रहसनमहाकौतुकैर्यत्र नन्दत्य्&lt;br /&gt;आनन्दाब्धिद्वयमिह रतिं विन्द वृन्दावनान्तः ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;नित्य क्रीड़ परायण विग्रह जो सूक्ष्म एवं हलके नीले और पीले रङ्ग के रशमी वस्त्र धारण कर रहे हैं, सुवर्ण एवं मरकत मणि की ज्योति वाले तथा आश्चर्यमय लीलायुक्त आनन्द के समुद्र दोनों जिस श्रीवृन्दावन में अनेक प्रकार के हास्य प्रहसनादि के महाकौतुक विनोद के द्वारा आनन्द प्राप्त कर रहे हैं, उसी श्रीवृन्दावन में तू प्रीति कर ॥३.७॥&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;नित्यव्यञ्जन्मधुराश्चर्यकैशोरवेशं&lt;br /&gt;नित्यान्योन्यप्रकटसुषमामाधुरीसंनिवेशम् ।&lt;br /&gt;नित्योद्वर्धिप्रतिनवमिथः प्रेमनित्याङ्गसङ्गं&lt;br /&gt;नित्यं वृन्दावनभुवि भजे गौरनीलं द्विधाम ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;श्रीयुगलकिशोर नित्य ही मधुर से सुमधुर आश्चर्यजनक कैशोर वेश धारण करते हैं, नित्य ही एक दूसरे की शोभा और माधुरी में सन्निवेश करते हैं, नवीन नवीन नित्य अङ्ग-सङ्ग से एक दूसरे का प्रेम नित्य ही बढ़ता हैं, मैं नित्य ही श्रीवृन्दावन भूमि में उस गौर-श्याम जोड़ी का भजन करता हूं ॥३.८॥&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;center&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"&gt;&lt;span class="Apple-style-span" style="color: #000099;"&gt;श्रीगान्धर्वारसिकचरणद्वन्द्वमाध्वीकगन्धाद्&lt;br /&gt;अन्धा नित्यं मतिमधुकरी श्रीलवृन्दावनान्तः ।&lt;br /&gt;येषां भ्राम्यत्यतिरसभराद्विह्वला तादृशानां&lt;br /&gt;पादान्ते मे विलुठतु मुहुर्भक्तिभावेन मूर्धा ॥&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/center&gt;&lt;b&gt;&lt;/b&gt;&lt;br /&gt;&lt;blockquote&gt;&lt;b&gt;श्रीराधिकारसिक श्रीश्यामसुन्दर के युगल चरणों की मधुगन्धमें विमुग्ध होकर जिनकी बुद्धिरूप मधुकरी नित्य अति रसपूर्णता से विह्वला होकर श्रीवृन्दावन में ही भ्रमण करता है, उनके चरणों में भक्ति पूर्वक मस्तक झुकाकर मैं बारबार वन्दना करता हूं ॥३.९॥&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/b&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2963418655409201294-3470866777333354592?l=prema-prayojana.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/feeds/3470866777333354592/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=2963418655409201294&amp;postID=3470866777333354592' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3470866777333354592'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2963418655409201294/posts/default/3470866777333354592'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://prema-prayojana.blogspot.com/2010/08/blog-post_07.html' title='श्रीवृन्दावनमहिमामृतम् ३.७-९'/><author><name>Jagat</name><uri>http://www.blogger.com/profile/05887720845815026518</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='27' height='32' src='http://photos1.blogger.com/blogger/5167/3388/400/Jagat.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFawHORKtEI/AAAAAAAAB4Q/W_JQjS7nw8w/s72-c/Mayurkutir_Varshaa.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2963418655409201294.post-6604692348947841695</id><published>2010-08-06T19:12:00.000-07:00</published><updated>2010-08-06T19:26:53.265-07:00</updated><title type='text'>2010-08-07 ब्रज का समाचार</title><content type='html'>&lt;h3&gt;वृन्दावन में फिर गरजा महाबली, इमारतें ढहायीं&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFzA0mYB8SI/AAAAAAAAB7Q/rVNF3TwngBM/s1600/0806mth28_int-1_1281131843_m.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" src="http://2.bp.blogspot.com/_N5dUfu0zrwA/TFzA0mYB8SI/AAAAAAAAB7Q/rVNF3TwngBM/s320/0806mth28_int-1_1281131843_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;वृन्दावन (DJ 2010.08.07)। वृन्दावन समग्र विकास योजना में सड़कों के चौड़ीकरण के उद्देश्य से चलाये जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे दिन भी महाबली जमकर गरजा। हरिनिकुंज चौराहा से विद्यापीठ क्षेत्र तक अभियान के तीसरे चरण में कई इमारतों को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में क्षेत्रवासियों के विरोध के बावजूद नेस्तनाबूत कर दिया गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन समग्र विकास योजना के अन्तर्गत छटीकरा मार्ग से विद्यापीठ चौराहा तक के मध्य सड़कों के चौड़ीकरण के उद्देश्य से कई चरणों में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इसी क्रम में अभियान के तीसरे चरण के अन्तर्गत शुक्रवार को दूसरे दिन भी हरिनिकुंज चौराहा से विद्यापीठ तक के अतिक्रमण गिराये गये। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रात:काल से ही भारी पुलिस बल के साथ नगरपालिका कर्मी मौके पर डट गये एवं वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचते ही अभियान की शुरूआत हो गई। देखते ही देखते महावली ने इमारतों को ढहाना शुरू कर दिया। कई भवन मालिकों ने कुछ समय की मोहलत मांगी। वहीं कई इमारतों को विरोध के बावजूद ढहा दिया गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट रामऔतार रमन, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी एस.के. शर्मा, कोतवाली प्रभारी आर.के. सिंह, अभियंता ऋषिपाल सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;आमरण अनशन पर बैठेंगे रमेश पुजारी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (DJ 2010.08.07)।  वृन्दावन नगर में चलाये जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में हिंदूवादी नेता रमेश पुजारी ने व्यापारियों के साथ 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की घोषणा की है। शुक्रवार को जारी बयान में उन्होंने कहा है कि प्रशासन द्वारा तानाशाही रवैया अपनाकर गरीब, मजदूर एवं व्यापारियों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। अतिक्रमणों को ढहाने में मनमाना रवैया अपनाया जा रहा है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;दीवार ढहने से दो मजदूर जख्मी&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (DJ 2010.08.07)।  वृन्दावन नगर के रमणरेती क्षेत्र में इस्कान मंदिर के समीप वृन्दावन समग्र विकास योजना के अन्तर्गत बनाये जा रहे नाले के चलते दीवार ढहने से एक महिला समेत दो मजदूर घायल हो गये। जिन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रमणरेती क्षेत्र स्थित इस्कान मंदिर के समीप नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। दोपहर नाले के लिए खुदाई करते समय अचानक दीवार भरभरा कर गिर गई। जिससे खुदाई का कार्य कर रही एक महिला समेत दो मजदूर उसकी चपेट में आ गये। अन्य मजदूरों ने घायल मजदूरों को क्षेत्रवासियों के सहयोग से अस्पताल में उपचारार्थ दाखिल कराया है। घायल मजदूरों के नाम श्रीमती रामकली एवं गणेश निवासीगण महोवा बताया गया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;आगरा-मथुरा के मध्य दो मेला स्पेशल ट्रेन&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.07)। उत्तर मध्य रेलवे ने श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये आगरा-मथुरा के मध्य दो मेला स्पेशल ट्रेन चलायी हैं। जो झांसी व ग्वालियर से आगरा होते हुए मथुरा जंक्शन तक चलेंगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मथुरा-वृन्दावन में श्रावण मास में काफी श्रद्धालु दूर दराज से आते हैं। आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेलवे आगरा ने शुक्रवार से आठ अगस्त तक दो मेला स्पेशल ट्रेन आगरा से मथुरा तक चलायी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पीआरओ भूपेन्दर ढिल्लन ने बताया कि झासी से आगरा तक आने वाली 239 व 240 पैसेंजर को आगरा से मथुरा तक तथा ग्वालियर से आगरा के मध्य चलने वाली 261 व 262 पैसेंजर को मथुरा तक मेला स्पेशल बना कर चलाया है। यह दोनों ट्रेन आठ अगस्त तक प्रतिदिन चलेंगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;अंगिरा विप्र विक्वावा व असहाय महिलाओं को मिलेगी सहायता&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.07)।  अंगिरा समाज सेवा ट्रस्ट ने अपने समाज की विधवा, असहाय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये सिलाई मशीन भेंट करने का फैसला लिया है। ट्रस्ट के महासचिव डा. गोविंद देव जांगिड़ ने भेंट प्राप्त करने की इच्छुक महिलाओं से संस्था के 80 ए गोविंद नगर स्थित कार्यालय में आवेदन करने का आग्रह किया है। डा. जांगिड़ ने कहा है कि पात्रों का सही चयन करने के लिये संस्था आवेदन की जांच कराएगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;हो &amp;amp;ाओ एलर्ट, कर दो सतर्क&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.07)।  कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर सरकार बेहद सतर्क है। विदेशियों के आवागमन को लेकर सरकार कोई भी खतरा मोल नहीं लेना चाहती है। शुक्रवार को दिल्ली में हुई पुलिस अधिकारियों की बैठक में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की नीति तय की गई। खास बात ये रही कि दिल्ली की इस बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान के दिल्ली के आस-पास के जिलों के पुलिस अधिकारी बुलाये गये। कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान आसपास के जिलों पर भी सतर्क निगाहें रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में दूसरे जिले और प्रांतों के अपराधियों की समय पर सूचना देने को कहा गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कॉमनवेल्थ गेम्स के मद्देनजर दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने बैठक बुलायी थी। बैठक में आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को और सतर्क रहने को कहा गया। विदेशियों के आगमन को लेकर ट्रेन, बस और वाहनों की तलाशी किए जाने पर जोर दिया गया। होटल और रेस्टोरेंटों में भी तलाशी अभियान चलाए जाने की रणनीति तय की गई है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुलिस अधिकारियों से विदेशियों के प्रति अपने व्यवहार में बदलाव लाने को कहा गया। बैठक में हिस्सा लेने गए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीडी पॉल्सन ने बताया कि बैठक का असली मुद्दा कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर सुरक्षा व्यवस्था ही था, लेकिन इस दौरान स्वतंत्रता दिवस पर भी कड़ी चौकसी किए जाने के निर्देश दिए गए। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को लेकर स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर काम शुरू कर दिया है। होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, धर्मशाला आदि पर नजर रखी जा रही है। ट्रेन और बसों में भी तलाशी अभियान चलाया जाएगा। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएंगी। उन्होंने बताया कि एक जिले से दूसरे जिले और एक प्रांत से दूसरे प्रांत के अपराधियों के इंटरचेंज पर भी गहनता से चर्चा की गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;सुष्मिता ने छेड़ी मुहिम, विवेक ने फैलाई झोली&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृन्दावन (DJ 2010.08.07)।  महिला सशक्तिकरण की प्रबल पक्षधर पूर्व ब्रह्माण्ड सुंदरी सुष्मिता सेन देश के स्वर्णिम विकास के लिए बालिकाओं की को शिक्षित किया जाना आज की सबसे बड़ी जरूरत मानती हैं। सुष्मिता सेन ने बालिकाओं को शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधायें मुहैया कराने के लिए कान्हा की नगरी वृन्दावन से जन-जागरूकता अभियान छेड़ दिया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वहीं सिनेस्टार विवेक ओवराय ने मदद को झोली फैलाई। सामाजिक संस्था फूड फार लाइफ द्वारा संचालित सांदीपनि मुनि स्कूल में लगभग दो हजार बच्चों को दी जा रही नि:शुल्क एवं भोजन की परियोजना से प्रभावित होकर बीते साल देवी प्रोजेक्ट से जुड़ने वाले सिने स्टार विवेक ओबराय के कहने पर वृन्दावन आई पूर्व ब्रह्मांड सुंदरी सुष्मिता सेन भी इस परियोजना से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकीं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बुधवार की सायं स्कूल प्रांगण में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुष्मिता ने अपने मनोभावों को खुलकर व्यक्त किया। यहां तक कि रंगारंग कार्यक्रम के बीच में ही सुष्मिता सेन एवं विवेक ओबराय ने झोली फैलाकर गरीब एवं नि:सहाय बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक मदद भी मांगी। जिलाधिकारी दिनेशचंद शुक्ला समेत सैकड़ों लोगों ने भी हस्तमुक्त होकर सिनेस्टारों की मुहिम का खुलकर समर्थन किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;सुष्मिता को चाहिए श्रीकृष्ण जैसा जीवन साथी &lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;वृंदावन (DJ 2010.08.07)।  पूर्व विश्व सुंदरी व सिने तारिका सुष्मिता सेन यहां योगीराज श्रीकृष्ण की क्रीड़ा भूमि के रंग में ऐसी रंगीं कि उन्होंने अपने जीवन साथी के रूप भगवान श्रीकृष्ण जैसे की कामना कर डाली। ऐसे में साथ आए सिने स्टार विवेक ओबराय कहां मौका गंवाने वाले थे, लगे हाथ उन्होंने भी सुष्मिता की इच्छा पूरी करने के लिए प्रभु बांकेबिहारी जी महाराज से इसके लिए प्रार्थना करने की बात कह सभी को सुष्मिता को खुश कर दिया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दोनों फिल्म स्टार यहां वृन्दावन में सांदीपन मुनि स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुष्मिता ने अपनी यह मन की बात बयां की। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि कान्हा की ब्रजभूमि में आकर बेहद सुकून की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने यहां अपनी लीलाओं में जो प्रेम का संदेश दिया है वह प्रेरणा दायक है, उनकी लीलाओं के बारे में सुनने के बाद मुझे ब्रजभूमि से बेहद लगाव हो गया है इसीलिए वे भी प्रभु से यह डोर लगा रही हैं कि उनका जीवन साथी भगवान श्रीकृष्ण की तरह प्रेम करने वाला जैसा होना चाहिए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;hr /&gt;&lt;br /&gt;&lt;h3&gt;बच्चों से जुलेमिले रहे सुष्मिता व विवेक&lt;/h3&gt;&lt;br /&gt;मथुरा (DJ 2010.08.07)।  गरीब एवं निसहाय बच्चों के बीच अपनी खुशियां बांटने वृन्दावन आये सिनेस्टार विवेक ओबराय व सिने तारिका सुष्मिता सेन गुरुवार को न
