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Monday, August 16, 2010

यमुना एक्सप्रेस-वे पर किसान नाराज

कटेलिया की रिहाई पर अड़े बाजना के ग्रामीण


उग्र किसानों द्वारा फूंके गए वाहन धू-धू कर जलते हुए।
मथुरा/बाजना। सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू कटेलिया की शनिवार शाम की गई गिरफ्तारी के बाद से बाजना के आसपास के ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। ग्रामीण अलीगढ़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किसान नेता कटेलिया की रिहाई चाहते हैं। सबसे ज्यादा आक्रोश नौहझील विकास खंड के बाजना के पास ग्राम अवाखेड़ा और चांदपुर खुर्द के इर्द-गिर्द हैं। यहां के किसानों का कहना था कि उन्हें सिर्फ सकुशल रामबाबू कटेलिया चाहिए।

ग्रामीणों ने शनिवार और रविवार को पुलिस के दो वाहन सहित आधा दर्जन ट्रक, डंफर, तीन रोड रोलर, एक के्रन, मिक्सर प्लांट एवं जनरेटर को आग के हवाले कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों को रोकने पहुंची पुलिस को जलालत भी झेलनी पड़ी। आक्रोश में की गई आगजनी के घंटों बाद फायर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने जले वाहनों को बुझाया। अवाखेड़ा पर ग्रामीणों को शांत कराने पहुंचे बरसाना और नौहझील के थाना प्रभारियों की जीप आंदोलनकारियों ने फूंक डाली। जान बचाकर भागती पुलिस में से एक दरोगा को पकड़ लिया। उसकी वर्दी तक उतरवा ली गई।

रविवार को दो बार अफसरों ने पीएसी के साथ अवाखेड़ा पर स्थिति को काबू करने की कोशिश की, लेकिन महिलाओं-बच्चों के अलावा किसानों के विरोध के आगे उनकी एक न चली। अवखेड़ा में सर्विस रोड ग्रामीणों ने अवरुद्ध कर रखी है। ७२ घंटे में भी वहां पहुंचने की हिम्मत पुलिस नहीं जुटा सकी है। ग्राम बाघई, चांदपुर खुर्द की महिलाएं, वृद्धा एवं बच्चे हाथों में हंसिया, मशाल, लाठी और खेती के काम आने वाले औजारों के साथ सड़क पर उतर आईं।

आंदोलनकारी बरसात की परवाह किए बगैर भूखे-प्यासे कटेलिया की रिहाई तक आंदोलन जारी रखने की रट लगाए हुए हैं। ‘अमर उजाला’ टीम ने पुलिस प्रशासन की खिलाफत करने वाले इन ग्रामीणों के चेहरे पर गुस्सा साफ दिखा। हर किसी की जुबां पर मर-मिटने की बात थी। चांदपुर खुर्द निवासी ८० वर्षीय रामवती एवं अवाखेड़ा की रहने वाली ७० वर्षीय दीपो का कहना है कि जब हमारी जमीन ही नहीं रहेगी तो हम खायेंगे क्या। रविवार सुबह से ही किरन देवी (६५), केला देवी (७०), प्रभा (५०), बलवंती (७५), हरवान, दिनेश, आनंद, अमित, सुधीर सहित लगभग चार दर्जन महिलाएं, युवतियां और बच्चों ने ही अवाखेड़ा मार्ग की सर्विस लेन को पूरी तरह से अवरुद्ध कर रखा था। सोमवार की सायं तक आंदोलनकारी अवाखेड़ा पर जमे हुए थे। बरसात भी इनके इरादे नहीं डिगा पा रही है।

उधर, यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण और कम मुआवजे के विरोध में अलीगढ़ के गांव जिकरपुर, कंसेरा में चल रहे सर्वदलीय धरन-अनशन में सोमवार को बाजना, मांट, राया और बलदेव क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। (Source AU)



भैंसा की समस्याओं पर नहीं हो सकी बैठक


मथुरा (DJ, 2010-08-16) । यमुना एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर अलीगढ़ के टप्पल में किसानों के मरने की घटना की चिंगारी स्थानीय जनपद के बाजना कस्बा में पहुंचने पर जिला प्रशासन ही नहीं, आगरा कमिश्नरी में भी बैठकें स्थगित हो गई। इसके चलते सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में रिफाइनरी से सटे गांव भैंसा की सड़क एवं पेयजल समस्या आदि के संबंध में बुलाई गई अधिकारियों एवं ग्रामीणों की बैठक न हो सकी। इसमें अपर जिलाधिकारी प्रशासन, एसडीएम सदर, सीओ रिफाइनरी, पीडब्लूडी एवं जल निगम आदि विभागों को आमंत्रित किया गया था।

टप्पल एवं बाजना के घटनाक्रम के चलते सोमवार को जिला पंचायत सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक भी न हो सकी। इसमें मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की प्रगति समीक्षा की जानी थी। यह बैठक आगरा कमिश्नरी में इसी संबंध में होने वाली बैठक से पेशतर आहूत की गई थी। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की बैठक लखनऊ में 18 अगस्त को तय बताई गई। (DJ)



बाजना के गांवों में आग अफवाह से भड़की


बाजना । अलीगढ़ में धरनास्थल से कटेलिया की गिरफ्तारी की खबर बाजना क्षेत्र में अफवाह बन कर फैली। कहा गया कि कटेलिया को एनकाउंटर के लिए उठाया गया है... उन्हें पुलिस की गोली लगी है... गोली लगने से उनकी मौत हो गई है आदि।

‘अमर उजाला’ टीम से भी आंदोलनकारी अपने नेता की कुशलक्षेम पूछी। किसान महिला पुरुष व बच्चों ने कहा कि अगर उनके नेता का कुछ भी हुआ तो वे पुलिस प्रशासन को बख्शेंगे नहीं। उधर, जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी की टिप्पणी थी कि अलीगढ़ के प्रशासनिक अफसर भूल कर गए। उन्होंने अफवाहों को रोकने का प्रयास नहीं किया।



बाजना कांड के विरोध में सपाइयों ने धरना दिया



मथुरा। बाजना कांड के विरोध में सपाइयों ने सोमवार को धरना दिया। सपाइयों ने मृतक परिवारों को मुआवजा देने के अलावा किसान नेता रामबाबू कटेलिया को रिहा करने की मांग की।

सोमवार को होलीगेट पर दिए गए धरने में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ठा ़ किशोर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की जमीन को जबरदस्ती अधिग्रहण कर व्यवसायी जेपी ग्रुप को दे रही है। इन जमीनों पर जेपी ग्रुप कारपोरेट कार्यालय व अन्य व्यावसायिक योजनाएं संचालित करेगा। नगर अध्यक्ष राजन रिजवी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का भला न कर व्यापारिक हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। व्यापार सभा के नगर अध्यक्ष विशाल खुराना ने कहा सरकार किसानों व गरीबों पर जुल्म ढा रही है। नगर उपाध्यक्ष पं राजेंद्र शर्मा ने कहा कि माया सरकार में नीतियां कृषि विकास न होकर व्यापारिक विकास को लेकर बनती हैं।

इस अवसर पर ऊषा चतुर्वेदी, शिवकुमार यादव, अजय शर्मा, विभोर गौतम, विराज खान, भूरी सिंह यादव, अजीत सिंह जीतू यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।



अजित और जयंत के प्रवेश पर रोक



मथुरा। जिला प्रशासन ने बाजना कांड के मद्देनजर १५ अगस्त से जिले में धारा १४४ लागू कर दी है। एडीएम (प्रशासन) कैलाश चंद्र के अनुसार रालोद मुखिया अजित सिंह और सांसद जयंत चौधरी के मथुरा जिले की सीमा में प्रवेश पर रोक लगा दी है। निषेधाज्ञा लागू होने के बाद किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को अन्य जनपद से मथुरा जनपद की सीमा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उधर, भाजपा में टप्पल में किसानों की हत्या और बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किए जाने से उबाल है। भाजपा नेता ठा. ओमप्रकाश सिंह, चिंताहरण चतुर्वेदी, नगर अध्यक्ष मुकेश खंडेलवाल एवं पूर्व नगर महामंत्री प्रदीप गोस्वामी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि किसानों को मुआवजा मिले और उनकी सभी मांगे मानी जाएं। किसानों की सुनवाई नहीं हुई तो भाजपा सड़क पर उतरकर न्याय दिलाएगी।

इसके अलावा पूर्वमंत्री रविकांत के नेतृत्व में सभासद केके चौधरी, युवा नेता प्रमोद चौधरी, भूपेंद्र चौधरी आदि कार्यकर्ता जिकरपुर पहुंचे। यहां सायं तक किसानों की लड़ाई में कदम से कदम मिलाने का आश्वासन दिया। पूर्व सांसद चौ. तेजवीर सिंह एवं भाजपा नेता कृष्ण कुमार शर्मा मुन्ना के नेतृत्व में भी भाजपाईयों का टोल टप्पल की रवाना हुआ। जनपद से भाजपा नेता डा. देवेंद्र शर्मा, ठा. ओमप्रकाश सिंह, राजेश गुप्ता डब्बू मौजूद रहे। उधर, मनरेगा समिति के चेयरमैन ताराचंद गोस्वामी के नेतृत्व में अनु शर्मा, धर्म सिंह, बंटी सिद्दीकी, अजय उपाध्याय, विपती बघेल, माया देवी, मुन्नी देवी किसानों के आंदोलन में शिरकत करके संघर्ष का समर्थन दिया।