Wednesday, August 4, 2010

2010-08-04 ब्रज का समाचार

वृंदावन कुंभ: राजकीय मेला बनने पर रहेगी बजट की समस्या


मथुरा (DJ 2010.08.04)। वृंदावन कुंभ राजकीय मेला घोषित हुआ तो बहुत कुछ बदल जायेगा। इसकी तैयारी के लिये बजट की समस्या समाप्त हो ही जायेगी, मेला स्थल से संबंधित जमीनों पर कब्जे के बारे में साधु-संतों समेत वृंदावन वासियों द्वारा जतायी जाने वाली आशंकाओं के बादल भी छंट जायेंगे।

हाल के वर्षो में यह दूसरा मौका है जब शासन की मेहरबानी ब्रज के मेलों पर होने जा रही है। शासन ने करीब डेढ़ साल पहले ही गोवर्धन के मुड़िया पूनो मेले को राजकीय मेला घोषित किया था और अब वृंदावन कुंभ मेला की बारी है।

शासन वृंदावन कुंभ को राजकीय मेला घोषित करने के प्रति गंभीर है। इस बारे में निकट भविष्य में डीएम की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर पर इसकी कार्यवाही में तेजी आने की उम्मीद है। राजकीय मेला घोषित होने के बाद खासकर बजट की दिक्कत समाप्त हो जायेगी। अभी हालत यह कि इसकी तैयारी के लिये धन जुटाने में जिला प्रशासन के अफसरों को पसीना आ जाता है।

इस साल की शुरूआत में वृंदावन में करीब एक माह आयोजित कुंभ मेला की तैयारियों के लिये जिला प्रशासन को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को महाजन बना कर उधारी पर धन लेना पड़ा था। डीएम के निर्देश पर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने लोक निर्माण विभाग को एक करोड़ और जल निगम को पांच लाख की धनराशि उपलब्ध कराया था। इन दोनों विभागों ने पिछले महीने ही विप्रा को उधारी का भुगतान किया है। दूसरा फायदा यह होगा कि कुंभ मेले के लिये यमुना किनारे जमीन संरक्षित कर दी जायेगी। अभी तमाम आश्रम कुंभ मेले की जमीन पर दीवार आदि का निर्माण कराकर अतिक्रमण कर लेते हैं।



विश्राम के दिन सफाई अभियान


मथुरा (DJ 2010.08.04)। नगर पालिकाध्यक्ष श्याम सुंदर उपाध्याय के निर्देश पर मंगलवार को विश्राम के दिन भी 75 पुरूष और महिला संविदा सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाकर नाले और नालियों की सफाई कराई गई। अभियान के तहत सफाई होलीगेट से कैंट रेलवे पुल तक, होलीगेट से भरतपुर गेट-डीग गेट, होलीगेट से जनरलगंज, आर्य समाज रोड, गोपालपुरा, बंगालीघाट तक सफाई कार्य कराया गया।



सूबे को जगाने चलेगी रथयात्रा


मथुरा (DJ 2010.08.04)। सूबे की सत्ता को बड़े आंदोलन की गूंज सुनाई देने वाली है। अफसरों की नींद उड़ने वाली है। संत और किसान पूरे उत्तर प्रदेश में चीख-चीख कर ब्रजभूमि को बचाने के लिए पुकार लगाएंगे। ब्रज में चल रहे उजाड़ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, लोगों को जगाने और व्यापक समर्थन पाने के लिए संत और किसान बिग्रेड एक रथ पर सवार होने जा रही है। इसकी भनक अभी तक शासन-सत्ता तक को नहीं है।

लम्बे समय से ब्रज और बरसाना की प्राचीन धार्मिक पहाड़ियों के खनन के खिलाफ लड़ाई और समूचे देश में हरिनाम की अलख जगा रही संत बिग्रेड अब सूबे की जनता को जगाने के लिए निकल रही है। इस बार संतों के साथ है भारतीय किसान यूनियन। ब्रज की रक्षा के लिए बरसाना के मान मंदिर गहवरवन के विरक्त संत रमेश बाबा लम्बे समय से लड़ाई लड़े रहे हैं।

इसके साथ ही देश के कई राज्यों में हर सुबह हरिनाम प्रभात फेरी निकलवा कर समाज को मानसिक रूप से शुद्ध करने के लिए अभियान छेड़े हुए हैं। बाबा की मानें तो देश भर में सोलह हजार गांवों में प्रभात फेरी निकल रही हैं। लेकिन वे इतने भर से संतुष्टि नहीं हैं। वे इस कारवां को विशालकाय बनाने में जुटे हैं। रणनीति के तहत उन्होंने अब ब्रज रक्षा के लिए व्यापक समर्थन जुटाने का अभियान चलाया है। इसकी शुरूआत उत्तर प्रदेश से होगी।



यमुना जलस्तर बढ़ता देख जिला प्रशासन सजग


मथुरा (DJ 2010.08.04)। यमुना का जलस्तर बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन के अफसर सजग हो गये हैं। यमुना के तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाली जनता को एलर्ट कर दिया गया है। लेखपालों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर निगाह रखने के लिये कहा गया है। जिलाधिकारी डीसी शुक्ल के निर्देश पर राजस्व कर्मियों की टीम ने मंगलवार शाम सदर व मांट तहसील क्षेत्र अंतर्गत यमुना के तटवर्ती इलाकों का भ्रमण कर जलस्तर बढ़ने की रफ्तार को देखा। एसडीएम सदर राकेश मालपानी और एसडीएम मांट मनोज कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढ़ने तक लेखपाल व अन्य राजस्व कर्मियों को एलर्ट रहने के लिये कहा गया है। दोनों अफसरों के अनुसार, यमुना का जलस्तर यदि खतरनाक स्थिति में पहुंचा तो तटवर्ती इलाकों की जनता को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जायेगा। इसके लिये स्कूल आदि चिन्हित कर लिये गये हैं।



और बढ़ा यमुना का जल स्तर


मथुरा (DJ 2010.08.04)। मथुरा में यमुना के जलस्तर में और वृद्धि हो गई है। मंगलवार को चेतावनी लेवल से छह सेन्टीमीटर ऊपर पानी पहुंच गया। जबकि ओखला से छोड़े जा रहे पानी में कटौती कर दी गई है। तीन चार दिन बाद यहां भी जलस्तर में कमी आ जाएगी।

पिछले तीन दिन से लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। विश्राम घाट पर दोपहर में यमुना का जलस्तर 164.24 मीटर से बढ़कर 164.30 मीटर पर पहुंच गया। जो चेतावनी लेवल से दस सेन्टीमीटर अधिक है। ओखला बैराज से यमुना में छोड़े जा रहे पानी में भी कटौती कर दी गई। अभी तक ओखला बैराज से यमुना में 36213 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन मंगलवार को इसे घटाकर 22469 क्यूसेक कर दिया गया। इस पानी का असर यहां तीन दिन बाद नजर आएगा। गोकुल बैराज के अप स्ट्रीम में पानी का लेवल 163.50 मीटर बना हुआ है। जबकि आगरा के लिए डिस्चार्ज डाउन स्ट्रीम में 161.80 मीटर है। औखला से पानी कम कर दिया गया है, लेकिन हरियाणा के कुछ नालों का पानी लगातार यमुना में आ रहा है। माना यह जा रहा है कि पंजाब और दिल्ली में अधिक बारिश हो गई तो औखला से यमुना में छोड़े जाने वाले पानी में वृद्धि की जा सकती है।



महंत की नृशंस हत्या


मथुरा (DJ 2010.08.04)। मंदिर में सोते समय सोमवार आधी रात को महंत की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गयी। पुलिस ने शक के आधार पर एक साधु को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।

सुरीर थाना क्षेत्र के भगत नगरिया निवासी मोहन लाल उर्फ मोहनदास (95) पुत्र खूबचंद ने करीब पन्द्रह साल पहले सिकंदरपुर मार्ग स्थित सीसा गढ़ी मोड़ पर श्रीराम मंदिर का निर्माण कराया था। मोहनदास तभी से मंदिर पर रहकर भजन-ध्यान करने लगा। मोहन दास के परिजन गांव भगत नगरिया में ही रहे रहे थे।

सोमवार-मंगलवार की रात को महंत मोहनदास पूजा अर्चना करके सो गया। सुबह जब ग्रामीण मंदिर में पूजा अर्चना के लिए गए तो मंदिर का मुख्य गेट बंद था। अंदर झांक कर देखा तो बाबा खून से लथपथ पड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी।

पुलिस के अनुसार बदमाश दीवार फांदकर मंदिर में घुसे और उन्होंने अंदर रखी कुल्हाड़ी से ही मोहन दास की हत्या की। पुलिस ने कुल्हाड़ी बरामद कर ली है।


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