Friday, August 13, 2010

2010-08-12

स्वर्ण हिंडोले में झूले बांकेबिहारी


मथुरा। (DJ 2010-08-12) श्रावण मास की कृष्ण पक्ष तृतीया को लाखों श्रद्धालुओं ने दिव्याकर्षक स्वर्ण-रजत निर्मित हिण्डोले में विराजमान लाडले ठा. श्री बांकेबिहारी जी को श्रद्धा की डोर से झुलाया। गुरुवार शाम 4 बजे पट खुलते ही बांके बिहारीलाल की जयजयकार से समूचा श्री धाम गूंजने लगा।

संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी महाराज के लड़ेते बिहारी जी महाराज के वर्ष में एक बार होने वाले नयनाभिराम दर्शनों की अभिलाषा लेकर आये भक्तों का हृदय पट खुलते ही आनंद के सागर में हिलोरे मारने लगा। देशी-विदेशी पुष्पों की मदमाती सुगंध मंदिर को सुरभित कर रही थी।

श्रद्धालुओं का सैलाब दर्शन खुलने के साथ ही अर्द्धरात्रि तक अनवरत रूप से जारी रहा। शाम करीब 6 बजे छायी घटाओं के साथ श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य के दर्शन कर मनौती मांगी और पुन: दर्शनार्थ आने का संकल्प भी किया। अत्याधुनिक संचार तंत्र से लैस पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ बिहारी जी की जय-जयकार करते हुए स्वयंसेवकों के कंधे से कंधा मिलाकर अपने कार्य को अंजाम दे रहे थे।

जिलाधिकारी दिनेश चन्द्र शुक्ला व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.डी. पॉल्सन अपने अधीनस्थों के साथ कंट्रोल रूप से पैनी निगाह रखे हुए थे। अपर जिलाधिकारी प्रशासन कैलाश चंद, अपर पुलिस अधीक्षक सिटी रामलाल वर्मा एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष द्विवेदी लगातार मेला क्षेत्र का भ्रमण करते रहे।

प्रशासन ने प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी समस्त वाहनों को नगर की सीमा के बाहरी इलाके में रुकवाकर दर्शनार्थियों को रिक्शा, पैदल या तांगे द्वारा ही शहर में आने की अनुमति प्रदान की थी। नगर पालिका प्रशासन ने अतिरिक्त सफाई कर्मियों को लगाकर पूरे इलाके को स्वच्छ रखा। पालिकाध्यक्ष पुष्पा शर्मा ने नगर के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर सफाई कर्मियों को दिशानिर्देश दिये।

अधिशासी अभियंता जगमोहनलाल ने विद्युत आपूर्ति की व्यवस्थाएं कीं। कोतवाली प्रभारी आर.के. सिंह अधीनस्थों के साथ मेला क्षेत्र में असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए मुस्तैद दिखाई दिये। हरियाली तीज के पर्व पर नगर के विभिन्न मंदिरों में भी झूलनोत्सव शुरू हो गया।


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